वन और पर्यावरण के संरक्षक वन कर्मचारी हैं: उप मुख्यमंत्री

रीवा, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जयंती कुंज रीवा में आयोजित वन गौरव सम्मेलन में शामिल होते हुए कहा कि विंध्य सांस्कृतिक और वन विरासत से समृद्ध है. यहां की वन संपदा की सुरक्षा और संवर्धन का कार्य वन कर्मियों के कठिन परिश्रम से ही हो पा रहा है. वन विभाग के सहयोग से ही विंध्य में मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी की स्थापना हुई और 46 साल बाद विंध्य में सफेद बाघ की वापसी हुई.

समारोह में उप मुख्यमंत्री ने वन कर्मचारी संगठन में श्रेष्ठ कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया. उप मुख्यमंत्री ने समारोह से पहले जयंती कुंज में रुद्राक्ष का पौधा रोपित करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्ष धरती का श्रृंगार होने के साथ हमारे ऑक्सीजन का आधार हैं. वन विभाग द्वारा वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा वृक्षारोपण वनों को समृद्ध कर रहा है. वन कर्मियों ने ज्ञापन के माध्यम से जो मांगे रखी हैं उन्हें पूरा करने का प्रयास किया जाएगा. इस संबंध में उच्च अधिकारियों से चर्चा की जाएगी. मुख्यमंत्री जी से भी इन मांगों को पूरा करने का अनुरोध किया जाएगा. उप मुख्यमंत्री ने सभी को नवरात्रि और दशहरे की शुभकामनाएं दी. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बसामन मामा पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार पुन: दिया जाए.

समारोह में मुख्य वन संरक्षक अनुराग कुमार ने कहा कि वनकर्मी दुर्गम स्थलों और कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं. उनको बेहतर सुविधा मिलना आवश्यक है. कर्मचारियों के स्वत्वों के भुगतान की सभी मांगे पूरी की जाएंगी. समारोह में वन मंडल अधिकारी मैहर विद्याभूषण मिश्रा ने कहा कि नवरात्रि और दशहरा भगवान राम से जुड़ा हुआ है. अयोध्या के राजकुमार राम ने 14 वर्ष वन में रहकर ही वन संस्कृति से आर्य संस्कृति को समायोजित करके सांस्कृतिक उत्थान किया. उन्होंने वनों और वनवासियों का संरक्षण करते हुए जन सेवा और जन विरोधी ताकतों का विनाश करते हुए राजकुमार से भगवान बनने तक की यात्रा वनों में पूरी की. उस समय जो वनों का विनाश कर रहे थे वे राक्षस थे. आज भी वन कर्मियों के सामने इस तरह की चुनौतियां हैं. भगवान राम ने उन्हें सहयोग करने वाले और उनके द्वारा दिया गया कार्य पूरा करने वाले हर वनवासी को सम्मानित किया. समारोह में मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष पंकज पांडेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ी मांगे रखीं. उन्होंने कहा कि वन कर्मियों को पुलिस कर्मियों के समान वेतन मिलना चाहिए. वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई में पर्याप्त पुलिस बल और कैमरा साथ होना चाहिए. समारोह में संगठन के जिला अध्यक्ष शिवम मिश्रा ने कहा कि वन कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं. उन्हें पुलिस की तरह कैशलेस उपचार, पौष्टिक आहार भत्ता, पुलिस कर्मियों के समान वेतन तथा कई पदों में पदनाम परिवर्तन की मांग मानी जानी चाहिए. लंबे समय से काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों का नियमितीकरण किया जाए तथा वरिष्ठता सूची जारी की जाए. समारोह में वन मंडल अधिकारी लोकेश निरापुरे संभाग के सभी जिलों के वन विभाग के अधिकारी तथा मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे. समारोह का समापन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष आयुष तिवारी द्वारा आभार प्रदर्शन से हुआ.

Next Post

बड़वारा के पराईकांप में अवैध मुरूम खनन पर शिकंजा, पोकलेन मशीन जप्त

Sun Oct 18 , 2026
कटनी। कटनी जिले की बड़वारा तहसील अंतर्गत ग्राम पराईकांप में खनिज विभाग की टीम ने अवैध उत्खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक पोकलेन मशीन जप्त की है। इस मशीन का उपयोग कृषि भूमि पर बिना अनुमति मुरूम की अवैध खुदाई के लिए किया जा रहा था। शिकायतों पर […]

You May Like