
बालाघाट, जिले में वन्यप्राणियों की सुरक्षा से जुड़ा मामला सामने आया है। लालबर्रा तहसील के ग्राम सेलवा से बहने वाली बड़ी नहर में वन्यप्राणी इंडियन गौर (भारतीय बाइसन) के बहने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान 17 अक्टूबर की शाम वारासिवनी शहर में रेलवे लाइन के किनारे से गुजरने वाली नहर से दो नर गौर को रेस्क्यू किया गया, लेकिन तब तक दोनों की मृत्यु हो चुकी थी। पशु चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया दोनों गौर की मौत नहर में डूबने से होने की आशंका जताई है।
सूचना मिलते ही वन विभाग ने चलाया सर्च ऑपरेशन
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर की सुबह लगभग 9 बजे ग्राम सेलवा, तहसील लालबर्रा के एक स्थानीय निवासी ने मुख्य वनसंरक्षक, वनवृत्त बालाघाट को दूरभाष पर सूचना दी कि पिछली रात ग्राम सेलवा से बहने वाली बड़ी नहर में दो वन्यप्राणी इंडियन गौर जीवित अवस्था में बहते हुए दिखाई दिए थे।
सूचना मिलते ही मुख्य वनसंरक्षक ने वन्यप्राणियों की पतासाजी एवं रेस्क्यू के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी वारासिवनी और लालबर्रा को निर्देश दिए। निर्देशों के पालन में दोनों वन परिक्षेत्रों के कर्मचारियों ने अधिकारियों के मार्गदर्शन में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
नहर से निकाले गए दोनों मृत गौर
सर्च ऑपरेशन के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी वारासिवनी की टीम ने 17 अक्टूबर की शाम लगभग 5 से 6 बजे के बीच वारासिवनी शहर में रेलवे लाइन के किनारे से गुजरने वाली नहर से दो नर गौर को बाहर निकाला। दोनों की मृत्यु हो चुकी थी। वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थानीय नागरिकों की सहायता और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से दोनों वन्यप्राणियों के शव नहर से बाहर निकाले। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार घटनास्थल को सुरक्षित किया गया।सूर्यास्त हो जाने के कारण 17 अक्टूबर को दोनों गौर का पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका।
पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की आशंका
वन विभाग के अनुसार, 18 अक्टूबर को सुबह 8:07 बजे से 10:06 बजे तक पशु चिकित्सा अधिकारी वारासिवनी के दल ने दोनों नर गौर के शवों का पोस्टमार्टम किया। पशु चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया संभावना जताई कि दोनों की मृत्यु नहर में डूबने के कारण हुई होगी।
शव परीक्षण के दौरान दोनों वन्यप्राणियों का बिसरा एकत्रित कर सुरक्षित रखा गया है, ताकि आवश्यकता के अनुसार आगे की जांच की जा सके।
वन अपराध प्रकरण दर्ज, जांच जारी
पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों मृत गौर के संपूर्ण शारीरिक अवशेषों को एकत्रित कर निर्धारित विभागीय प्रक्रिया एवं नियमानुसार भस्मीकरण किया गया। वन विभाग द्वारा पूरी कार्रवाई की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
इस मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। वन विभाग द्वारा घटना से संबंधित परिस्थितियों की जांच के साथ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
