सीहोर। लंबी प्रतीक्षा के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी है. संगठन में वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और युवाओं के जोश को शामिल करने का दावा किया गया, लेकिन सूची सामने आते ही पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर मुखर हो गए. किसी ने पद स्वीकारने से इनकार कर दिया, तो किसी ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया. कुछ नेताओं ने सूची को असंतुलित बताते हुए वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया. सोशल मीडिया पर शुरू हुई बयानबाजी ने नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है. हालांकि, जिलाध्यक्ष ने नाराजगी की बात खारिज करते हुए पार्टी में एकजुटता का दावा किया है.
जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती द्वारा घोषित कार्यकारिणी में पार्षद एवं नपा में नेता प्रतिपक्ष विवेक राठौर को संगठन महासचिव बनाया गया है, जबकि रमेश गुप्ता को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उपाध्यक्ष पद पर कमल सिंह चौहान, राजेश यादव भूरा, जफर लाला, मदनलाल इटावदिया, सत्यनारायण भाटी, सुनील दुबे, अजय पटेल नंदगांव, संजीव अग्रवाल, रघुवीर सिंह दांगी और शोभाल सिंह ठाकुर को शामिल किया गया है.
इसी तरह महासचिव एवं सचिव पदों पर जितेंद्र शोभाखेड़ी, राजेंद्र भरेवा, रामनारायण परमार, गीता देवी राठौर, ममता कीर, इदरीश मंसूरी, सुरेंद्र परमार, सुनील कटारा, राजकुमार तुलसी राठौर, उमाशंकर नागर, राजेंद्र यादव, ओमाबाबा राठौर, देवीसिंह तंवर, जितेंद्र परिहार और विजेंद्र उइके सहित कई नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है.
नई कार्यकारिणी में पंकज शर्मा और देवेंद्र चौधरी को प्रवक्ता, अमित पटेल और पल्लव प्रगति को सोशल मीडिया प्रभारी तथा भगत सिंह तोमर को कार्यालय मंत्री बनाया गया है. प्रवीर परमार को वार रूम प्रभारी और राहुल ठाकुर को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. कृष्णकांत रिछारिया जिला निर्वाचन प्रभारी बनाए गए हैं. विधानसभा निर्वाचन की जिम्मेदारी कमलेश चांडक, राजेश जाट, राकेश राठौर और रामचरण दवारिया को सौंपी गई है. जबकि कार्यकारिणी में 48 स्थायी और 47 विशेष आमंत्रित सदस्य भी शामिल किए गए हैं.
अब देखना होगा कि जिला अध्यक्ष राजीव गुजराती द्वारा नई कार्यकारिणी के गठन के बाद जिले में उठे असंतोष को संगठन किस तरह संभालता है और सभी नेताओं को साथ लेकर आगे बढऩे में कितना सफल होता है.
जिलाध्यक्ष बोले हमारा अपना परिवार, सभी एकजुट
लगातार सामने आ रही नाराजगी और सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाजी के बीच जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने पार्टी में किसी तरह के मतभेद से इंकार किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनका अपना परिवार है और कोई भी कार्यकर्ता या नेता नाराज नहीं है. सभी पूरी तरह एकजुट हैं. इसी एकजुटता और ताकत के दम पर कांग्रेस वर्ष 2028 में मध्यप्रदेश और 2029 में केंद्र में मजबूत सरकार बनाएगी.
नाराज होकर पद ठुकराया तो किसी ने दिया इस्तीफा
कार्यकारिणी की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर कई नेताओं की नाराजगी सामने आई. प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव जफर लाला ने लिखा कि वे पिछले 45 वर्षों से कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं. करीब आठ वर्ष पहले कमलनाथ ने उन्हें प्रदेश सचिव बनाया था. उन्होंने कहा कि वे हमेशा कांग्रेसी रहेंगे, लेकिन जिला उपाध्यक्ष का पद किसी युवा साथी को दे दिया जाए. उनके मुताबिक, उनकी निष्ठा किसी पद की मोहताज नहीं है.
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और जनपद पंचायत अध्यक्ष रहीं सुश्री रुक्मणी रोहिला ने स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाए जाने पर आपत्ति जताते हुए पद से त्यागपत्र देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें टिकट दिया था और वे जनता के समर्थन से चुनाव जीती थीं. अब इस पद पर किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जाए. इछावर के कांग्रेस नेता ब्रजेश पटेल ने भी अपनी मां को मिले स्थान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे सक्रिय राजनीति में नहीं हैं और न ही किसी पद की मोहताज हैं. उन्होंने यह स्थान किसी अन्य वरिष्ठ नेता को देने की बात कही. वहीं, मुनव्वर मामू ने पद मिलने पर खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर तत्काल प्रभाव से इस्तीफे की घोषणा कर दी. सूची को लेकर युवा कांग्रेस नेता आशीष अग्रवाल रोहिला ने तंज कसते हुए लिखा, जाको प्रभु दारुण दुख देही, ताकी मति पहले हर लेही. इलियास खान ने सूची को असंतुलित और अपमानजनक बताते हुए बनेसिंह नेताजी, अरविंद चौहान और सदरुद्दीन भाई जैसे नेताओं को उपाध्यक्ष बनाए जाने की पैरवी की.
मुंडन कराकर विरोध जताएंगे सईदलाला
कांग्रेस नेता सईद लाला मंसूरी ने जारी सूची को लेकर विरोध का अलग तरीका अपनाने की घोषणा करते हुए कहा कि वे भोपाल स्थित मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी परिसर में सिर मुंडवाकर नवीन सूची के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे. इन प्रतिक्रियाओं के बाद नई कार्यकारिणी को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चा तेज हो गई है.
