दतिया: विधायक घनश्याम सिंह को हाईकोर्ट के नोटिस के बाद दतिया विधानसभा सीट पर एक बार फिर से राजनीतिक हलचल तेज हो गई। राजनीतिक हलकों में सवाल पूछा जा रहा है कि क्या एक बार फिर से यहां उपचुनाव हो सकता है?
दतिया सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह की मुश्सिलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं, उनके खिलाफ दायर की गई चुनाव याचिका में एमपी हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच ने नोटिस जारी किया है, याचिकाकर्ता का आरोप है कि चुनावी हलफनामे में घनश्याम सिंह ने उनके आपराधिक मामले छिपाए थे इसलिए उनका निर्वाचन शून्य घोषित किया जाये।
दतिया निवासी भाजपा नेता दीपक बेलपत्री और एक अन्य ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्य बेंच जबलपुर में पिछले दिनों घनश्याम सिंह के विरुद्ध चुनाव याचिका लगाई है, इसमें आरोप लगाया गया है कि घनश्याम सिंह ने अपने चुनावी हलफनामे में 1991 के दो आपराधिक मामलों की जानकारी नहीं दी।
याचिका में है चुनाव शून्य घोषित करने की मांग
याचिकाकर्ताओं के एडवोकेट मनोज उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि घनश्याम सिंह ने इस केस के अलावा 1991 के ही एक अन्य आपराधिक मामले की जानकारी चुनावी हलफनामे में छिपाई जो निर्वाचन प्रक्रिया में एक अपराध है इसलिए इनका चुनाव शून्य घोषित किया जाना चाहिए ।
चार सप्ताह में मांगा जवाब
याचिका के आधार पर हाई कोर्ट ने कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह को नोटिस जारी किया है और उनसे चार सप्ताह में जवाब माँगा है उनके जवाब के आधार पर न्यायालय आगे सुनवाई करेगा, देखना होगा कि घनश्याम सिंह उनपर लगे गए आरोपों पर क्या जवाब देते हैं अदालत के फैसले पर सबकी नजर रहेगी।
