बुधनी। अपनों को खोने का दर्द असहनीय होता है, लेकिन दुख की इसी घड़ी में लिया गया एक नेक फैसला किसी दूसरे की जिंदगी में उजाला ला सकता है. बुधनी निवासीअंकुर श्रीवास्तव के निधन के बाद उनके परिवार ने नेत्रदान का निर्णय लेकर मानवता की मिसाल पेश की.
अंकुर श्रीवास्तव सिविल अस्पताल के सेवानिवृत्त कर्मचारी विजय शंकर श्रीवास्तव के पुत्र थे. उपचार के दौरान उनका निधन हो गया. परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन इस कठिन समय में उनकी माता पुष्पा श्रीवास्तव ने बेटे के नेत्रदान के लिए सहमति दी. नेत्रदान की प्रक्रिया किरण फाउंडेशन, बीएमएचआरएसी हॉस्पिटल की टीम तथा नर्मदापुरम जिला अस्पताल की डॉ. ऋचा गौर की टीम के सहयोग से संपन्न हुई. इस पुनीत कार्य को संभव बनाने में मनीष वाजपेई ने विशेष प्रयास किए, जबकि विनय यादव ने प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग प्रदान किया. इस अनुकरणीय निर्णय के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए लायंस क्लब नर्मदापुरम आयुष की ओर से परिजनों का सम्मान किया गया. इस दौरान क्लब अध्यक्ष डॉ. गक्खर, शाहिद खान एवं मनीष गुप्ता उपस्थित रहे.
