11 वर्षीय धर्मपाल की मौत के मामले में डॉक्टर पर एफआईआर, परिजनों को 50 हजार की सहायता

नीमच/मनासा। मनासा क्षेत्र के ग्राम भाटखेड़ी बुजुर्ग निवासी 11 वर्षीय बालक धर्मपाल की उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए संबंधित डॉक्टर सुनील पाटीदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं, शोकाकुल परिवार को तत्काल राहत देने के लिए रेडक्रॉस के माध्यम से 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा और सहायता राशि मिलने के बाद जिला अस्पताल परिसर में चल रहा परिजनों का धरना समाप्त हो गया। परिजन बालक का शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए।

पिता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम भाटखेड़ी निवासी धर्मपाल पिता मंगल की 7 अक्टूबर 2026 को तबीयत खराब होने पर परिजन उसे उपचार के लिए मनासा स्थित सुनील पाटीदार के निजी क्लीनिक पर लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान इंजेक्शन लगाए जाने के बाद बालक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू की। संबंधित निजी क्लीनिक का निरीक्षण कर उसे सील किया गया तथा बालक का चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया, ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।

जिला प्रशासन के अनुसार, मृतक के पिता के कथनों, मेडिकल रिपोर्ट और शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर संबंधित डॉक्टर सुनील पाटीदार के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 106(1) तथा आयुर्विज्ञान विज्ञान अधिनियम, 1987 की धारा 24 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

कलेक्टर के निर्देश पर 50 हजार की सहायता

बालक की मौत के बाद परिजन न्याय और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर नीमच जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए थे। परिजन संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई और पीडि़त परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।

मामले में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर प्रशासन ने तत्काल राहत उपलब्ध कराने की पहल की। रेडक्रॉस के माध्यम से परिवार को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा गया। तहसीलदार मृगेंद्र सिंह से चर्चा के बाद धरना समाप्त करने पर सहमति बनी।

अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर रवाना हुए परिजन

आर्थिक सहायता का चेक मिलने और प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा के बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालक का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए।

क्लीनिक सील, विभागीय कार्रवाई भी प्रस्तावित

प्रशासन ने संबंधित निजी क्लीनिक को सील करने के साथ स्वास्थ्य विभाग को विभागीय स्तर पर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले में संबंधित डॉक्टर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

हालांकि, बालक की मौत के वास्तविक चिकित्सकीय कारणों और उपचार में कथित लापरवाही की स्थिति जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगी। प्रशासन द्वारा मामले में उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

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