नई दिल्ली, भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न के मामले में बरी किए जाने के खिलाफ दायर आपराधिक अपील पर शुक्रवार को होने वाली सुनवाई टल गई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मुख्य आरोपी बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को महिला पहलवानों की याचिका पर अपना आधिकारिक जवाब दाखिल करने के लिए और समय प्रदान कर दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद अब इस चर्चित मामले की अगली सुनवाई आगामी 28 अक्टूबर 2026 को होगी, जिसमें दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।
कोर्ट परिसर में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे बृजभूषण शरण सिंह, साल 2023 से चल रहे कानूनी विवाद में नया मोड़
आज की निर्धारित सुनवाई के दौरान पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह खुद कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। इस कानूनी विवाद की शुरुआत साल 2023 में हुई थी, जब देश की कई प्रमुख महिला पहलवानों ने 2016 से 2022 के बीच राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शिविरों और महासंघ के कार्यालयों में उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे। हालांकि, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 3 अगस्त 2026 को सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया था, जिसके बाद से यह मामला लगातार कानूनी चर्चाओं के केंद्र में बना हुआ है।
चार महिला पहलवानों ने निचली अदालत के आदेश को दी है चुनौती, सबूतों के गलत आकलन का लगाया गंभीर आरोप
निचली अदालत के फैसले से असंतुष्ट होकर चार महिला पहलवानों ने राउज एवेन्यू कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश कानून की नजर में टिकने योग्य नहीं है क्योंकि इसमें रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों का बेहद चुनिंदा और गलत आकलन किया गया है। 28 सितंबर को अदालत ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए आरोपियों को नोटिस जारी किया था। अब सभी की निगाहें 28 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत तय करेगी कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

