मुंबई, 08 अक्टूबर (वार्ता) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में बड़ी तेजी के दबाव में अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया गुरुवार को 12 पैसे कमजोर हुआ और 96.88 रुपये प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर रहा।
भारतीय मुद्रा लगातार दूसरे दिन कमजोर हुई है। पिछले कारोबारी दिवस पर यह 40 पैसे लुढ़ककर 96.76 रुपये प्रति डॉलर पर रही थी।
इससे पहले, 20 मई 2026 को रुपया 96.86 प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर बंद हुआ था। उसी दिन रुपया बीच कारोबार के अबतक के निचले स्तर 96.96 रुपये प्रति डॉलर तक उतर गया था।
भारतीय मुद्रा आज पांच पैसे की मजबूती के साथ 96.71 रुपये प्रति डॉलर पर खुली और कुछ ही देर में 96.65 रुपये प्रति डॉलर तक मजबूत हुई। हालांकि इसके बाद इसमें गिरावट शुरू हो गई। अंत में 96.88 रुपये प्रति डॉलर तक टूटने के बाद यह उसी स्तर पर बंद हुई।
रुपये की गिरावट का सबसे प्रमुख कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि रही है। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा आज साढ़े चार प्रतिशत चढ़कर 104.7 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
विदेशी संस्थागत निवेशकों के भारतीय पूंजी बाजार से 27 करोड़ डॉलर निकालने से भी रुपये पर दबाव रहा। वहीं, दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक के 0.1 प्रतिशत की नरमी से भारतीय मुद्रा की गिरावट सीमित रही।
