नयी दिल्ली 08 अक्टूबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब में पटियाला और मोगा के 50 वार्डों के चुनाव रद्द कर पुनः मतदान कराने का आदेश देने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है और राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफा देने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा प्रत्याशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने लोकतंत्र की हत्या की है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने पटियाला और मोगा के 50 वार्डों के चुनाव रद्द कर पुनः मतदान कराने का आदेश दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन चुनावों में विपक्षी और निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन रोके गये, पर्चे फाड़े गये और हिंसा हुई।
उन्होंने इस दौरान श्री मान से इस्तीफे की मांग की। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रत्याशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
श्री भाटिया ने कहा कि मौजूदा समय में देश दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं, जिन्होंने पिछले 25 वर्षों में संविधान की मूल भावना का सम्मान करते हुए देशवासियों की सेवा की है। वहीं दूसरी तरफ एक गैर-जिम्मेदार और अराजक विपक्ष है, जो बिना किसी आधार के आरोप लगा है कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली हत्या का प्रमाण शीर्ष अदालत के उस ऐतिहासिक फैसले से सामने आया है, जिसमें पंजाब के 50 वार्डों (28 पटियाला और 22 मोगा) में हुए निकाय चुनावों को रद्द कर पुनः मतदान कराने का आदेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश निर्मलजीत कौर के तथ्य-खोजी आयोग की रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि ‘स्वराज’ का नारा देकर राजनीति में आयी ‘आप’ अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में भगवंत मान सरकार के वकील कपिल सिब्बल ने बिना किसी आपत्ति के इन सिफारिशों को स्वीकार कर लिया। यह असली “जंगल राज” है, लेकिन हर बात पर ‘लोकतंत्र खतरे में है’ का विलाप करने वाले कांग्रेस राहुल गांधी, श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसे विपक्षी नेता इस मुद्दे पर चुप हैं।
श्री भाटिया ने आरोप लगाया कि पंजाब में लोकतंत्र पूरी तरह समाप्त हो चुका है और श्री केजरीवाल तथा श्री मान की जोड़ी ने पंजाब को अराजकता की आग में झोंक दिया है।
