जबलपुर: रांझी सिविल अस्पताल में देर रात अस्पताल का गेट खोलने की बात पर उपजे विवाद के बाद सुरक्षाकर्मी ने न सिर्फ होटल संचालक के साथ मारपीट की, बल्कि अस्पताल की छत पर चढक़र उसकी कार पर भारी सीमेंट का पत्थर पटक दिया। जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई । पुलिस ने रिपोर्ट प्रकरण दर्ज कर लिया है ।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, न्यू कंचनपुर शारदा कॉलोनी, आधारताल निवासी प्रवीण सेन न्यू शोभापुर में अपने पिता राजेंद्र प्रसाद सेन के नाम पर स्थित होटल का संचालन करते हैं। रात करीब 10:45 बजे उनके होटल में काम करने वाले कर्मचारी रौनक की मां क्रांति करोसिया की अचानक तबीयत खराब हो गई। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रवीण सेन अपने साथी करन यादव, रौनक और शनि करोसिया के साथ अपनी स्विफ्ट कार क्रमांक एमपी 20 सी के 2960 से उन्हें इलाज के लिए तत्काल सिविल अस्पताल रांझी लेकर पहुंचे थे।
पहले बीमारी बताओ, तब गेट खोलूंगा
अस्पताल पहुंचने पर वहां के मुख्य चैनल गेट पर ताला लटका हुआ था। प्रवीण ने वहां तैनात प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड पंचम यादव से ताला खोलने का अनुरोध किया। इस पर गार्ड गेट के पास खड़ा हो गया और अडिय़ल रवैया अपनाते हुए बोला, पहले बीमारी क्या है बताओ, तब मैं गेट खोलूंगा। प्रवीण ने उससे कहा कि मरीज की हालत गंभीर है, आप गेट खोलिए, बीमारी हम अंदर डॉक्टर साहब को बता देंगे। काफी मिन्नतें करने के बाद जैसे-तैसे गार्ड ने गेट खोला, लेकिन वह गुस्से में आपा खो बैठा। तुमने बीमारी क्यों नहीं बताई कहते हुए प्रवीण से विवाद शुरू कर दिया ।
झूमाझपटी करते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद पीडि़त पक्ष घायल महिला को लेकर अस्पताल के अंदर गया, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अश्वनी पटेल मरीज क्रांति करोसिया का इलाज करने लगे। इसी दौरान आरोपी गार्ड पंचम यादव अस्पताल की छत पर चढ़ गया। उसने अस्पताल की छत से एक बड़ा सीमेंट का बना पत्थर सीधे नीचे खड़ी प्रवीण की स्विफ्ट कार के ऊपर फेंक दिया। छत से भारी पत्थर गिरने के कारण प्रवीण की कार का सामने का कांच और डैशबोर्ड बुरी तरह टूट गया, साथ ही कार की स्टीयरिंग भी डैमेज हो गई।
