रीवा:सरहद की सीमाओं पर देश की रक्षा करने वाला एक जवान भू-माफियाओं के आगे लाचार और बेवश है. जमीन से जुड़े मामले को लेकर जवान कलेक्ट्रेट जनसुवाई में पहुंचा. जहा अपना दर्द बताते हुए आंसू को नही रोक पाया.नेपाल बॉर्डर पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के जवान प्रीतम द्विवेदी का दर्द जब कलेक्ट्रेट परिसर में आंसुओं के रूप में बहा, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई. देश की रक्षा करने वाला जवान आज अपने ही घर के रास्ते की सुरक्षा के लिए कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहा है.
शहर के गड़रिया में भू-स्वामी ने करीब 12 लोगों को 20 फीट की चौड़ी सडक़ का हवाला देकर प्लॉट बेचे थे. इसी भरोसे पर जवान प्रीतम द्विवेदी ने भी अपनी गाढ़ी कमाई से वहां जमीन खरीदी और आशियाना बनाया.
लेकिन अब जमीन बिक जाने के बाद भू-माफिया की नीयत डोल गई. जिस 20 फीट के रास्ते को दिखाकर प्लॉट बेचे गए थे, अब भू-स्वामी उसी रास्ते को एक नया प्लॉट बताकर किसी और को बेचने की साजिश रच रहा है. फिलहाल अगर यह सडक़ बिक गई, तो वहां रह रहे दर्जन भर परिवारों का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाएगा. हालांकि जैसे ही जवान प्रीतम को इस फर्जीवाड़े की खबर लगी, वह तुरंत छुट्टी लेकर रीवा भागा और अन्य पीडि़त पड़ोसियों के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचातो समस्या बताते हुए जवान के आंसू बह पड़े. उन्होने कहा कि मेरा रास्ता आज बंद हो गया है, परिवार कहा जाएगा.
अगर न्याय नही मिला तो मेरे पास आत्मघाती कदम उठाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नही है. पीडि़त जवान ने जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई और न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है. इसी तरह जनसुनवाई में आवास सडक़ और शमशान की मांग को लेकर बच्चे, वृद्ध कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पहुंचे. सडक़ बनवाने की मांग की गई. इसके साथ ही आवास और शमशान न होने की बात बुजुर्गो ने रखी. त्योंथर तहसील के रायपुर से सभी लोग फरियाद लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे. इसी तरह जनसुनवाई में 411 शिकायते पहुंची
