ग्यालशिंग (सिक्किम), सिक्किम में लगातार जारी मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है, जिसके चलते राज्य के ग्यालशिंग जिले के अंतर्गत आने वाले रिम्बी गांव में भीषण भूस्खलन (Landslide) की घटना सामने आई है। पहाड़ी से नीचे गिरे भारी मलबे, पत्तथरों और कीचड़ की चपेट में आने से 32 से अधिक रिहायशी मकान और सरकारी क्वार्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण दर्जनों परिवारों के सिर से छत छिन गई है और उन्हें अपने आशियाने छोड़कर सुरक्षित स्थानों व राहत शिविरों की तरफ पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
अगस्त से जारी भूस्खलन के खतरे के बीच प्रशासन और स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा, राहत शिविरों में पहुंचाए गए पीड़ित
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्यालशिंग जिले के रिम्बी और सिंगनिथम वार्डों में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार भूस्खलन का सिलसिला जारी है, जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। हालांकि गनीमत यह रही कि इस भयानक हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन प्रभावित परिवारों के पास न तो अब घर बचे हैं और न ही रहने के लिए सुरक्षित जमीन। संकट की इस घड़ी में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित परिवारों को सुरक्षित राहत कैंपों में शरण दी है, जबकि कुछ लोग अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को विवश हैं।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने स्थिति पर जताई गहरी चिंता, बाधित सड़कों को बहाल करने और मदद के दिए निर्देश
आपदा के कारण इलाके का सड़क संपर्क टूट चुका है और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने इस दुखद स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावित निवासियों को पूरा भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार इस आपदा की घड़ी में रिम्बी के प्रत्येक नागरिक के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। प्रशासन द्वारा मलबे को हटाने और अवरुद्ध मार्गों को जल्द से जल्द चालू करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि प्रभावितों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा सके।

