भोपाल में साल 2026 के दौरान अपराध के आंकड़ों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनवरी से अगस्त-सितंबर के बीच शहर में कुल दर्ज अपराधों की संख्या 16 हजार 425 के पार पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 12 हजार 721 मामले दर्ज हुए थे। इस तरह कुल अपराधों में करीब 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी सामने आई है। सामान्य अपराधों के मामले 9,389 से बढ़कर 10,901 हो गए, वहीं माइनर क्राइम के मामले 3,332 से बढ़कर 5,524 तक पहुंच गए।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी करीब 26 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच ऐसे 2,801 मामले सामने आए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 2,216 थी। अपहरण के मामले 337 से बढ़कर 505 हो गए, वहीं दुष्कर्म के 301 मामले दर्ज किए गए। छेड़छाड़ के मामले भी 289 से बढ़कर 323 तक पहुंच गए।
साइबर अपराध भी शहर के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच भोपाल के लोगों को साइबर ठगी से 35.3 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। वहीं, प्रदेश की साइबर क्राइम यूनिट को इस दौरान 4,179 शिकायतें मिलीं, जिनके आधार पर 943 FIR दर्ज की गईं। बुजुर्गों को निशाना बनाकर होने वाली चोरी और अन्य अपराध भी चिंता का विषय हैं।
बढ़ते अपराधों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों से चर्चा की गई। एडिशनल पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, पुलिसकर्मियों को स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने की छूट दी गई है। अपराधों पर नियंत्रण के लिए सभी जोन और थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं के खिलाफ कुछ अपराधों में कमी भी दर्ज की गई है, जबकि धारदार हथियारों के इस्तेमाल और गंभीर हमलों के मामलों में धारा 307 के तहत कार्रवाई किए जाने से कुछ श्रेणियों के आंकड़ों में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है।
अब सवाल यह है कि बढ़ते अपराधों के बीच पुलिस की रणनीति कितनी प्रभावी साबित होगी और शहर में महिलाओं, बुजुर्गों व आम नागरिकों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
