अमेरिका ने कनाडा पर लगाया नवंबर के मध्यावधि चुनावों को प्रभावित करने का आरोप

वाशिंगटन, 22 अक्टूबर (वार्ता) अमेरिका ने कनाडा पर तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिकी राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। अमेरिका ने इसके लिए कनाडाई मंत्रियों और प्रांतीय नेताओं के उन बयानों का हवाला दिया है, जिनमें आयात शुल्क (टैरिफ), ट्रम्प प्रशासन पर राजनीतिक दबाव डालने और डेमोक्रेटिक पार्टी के अधिकारियों के साथ बातचीत करने की बात कही गयी है। ओटावा में अमेरिकी दूतावास ने ‘अमेरिकी राजनीति में कनाडाई गतिविधियों की निगरानी’ शीर्षक वाली एक फैक्टशीट में आरोप लगाया है कि कनाडाई अधिकारियों ने अमेरिकी चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप की चिंताओं को खारिज करते हुए, अमेरिका पर राजनीतिक दबाव डालने के प्रयासों पर खुलकर चर्चा की है। दूतावास ने कहा, “कनाडाई सरकार अमेरिकी चुनावों में संभावित हस्तक्षेप की चिंताओं को सिरे से खारिज करती है, जबकि उसके मंत्री और प्रांतीय नेता आधिकारिक दस्तावेजों और सार्वजनिक मंचों पर अमेरिकी राजनीति को प्रभावित करने की योजनाओं के बारे में खुलकर बात करते हैं।” इस दस्तावेज में गमध्यावधि चुनावों से पहले सितंबर में बोस्टन और शिकागो में उद्योग मंत्री मेलानी जोली की डेमोक्रेटिक पार्टी के अधिकारियों के साथ हुई मुलाकातों का जिक्र किया गया है। फैक्टशीट में ‘ला प्रेसे कैनेडिएन’ की 19 सितंबर की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि सुश्री जोली से पूछा गया था कि अगर डेमोक्रेट चुनाव जीत जाते हैं, तो आयात शुल्क को लेकर उनकी क्या उम्मीदें हैं।

कथित तौर पर उन्होंने जवाब दिया, “यही वजह है कि मैं इतने सारे गवर्नरों और संभावित राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों से मुलाकात कर रही हूँ।” दूतावास ने 25 अगस्त को हुए संवाददाता सम्मेलन सम्मेलन में सुश्री जोली द्वारा दिए गए उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कनाडा ऐसे उत्पादों को निशाना बना रहा है, जिनके जरिए अमेरिका के कुछ खास राज्यों पर राजनीतिक दबाव डाला जा सके।
तथ्यपत्र के अनुसार, उन्होंने कहा, “हम ऐसे उत्पादों को भी निशाना बना रहे हैं, जिनका लक्ष्य अमेरिका के कुछ राज्य होंगे। इसलिए हम राजनीतिक दबाव बनाने के लिए सोच-समझकर और रणनीतिक तरीके से कदम उठा रहे हैं। इसी वजह से हमें लगता है कि अभी ऐसा करना सही है।”

इसमें मार्च 2025 में सुश्री जोली के दिए गए बयान का भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने उस समय कहा था कि ट्रंप प्रशासन को प्रभावित करने के लिए रिपब्लिकन पार्टी के प्रभाव वाले प्रमुख राज्यों में अमेरिकी कंपनियों पर दबाव बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि कनाडा ऐसे उत्पादों के माध्यम से दबाव बढ़ा रहा है, जिनका रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक राज्यों में राजनीतिक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
दस्तावेज में ओंटारियो के प्रधानमंत्री प्रीमियर डग फोर्ड का भी उल्लेख किया गया है। श्री फोर्ड ने अगस्त में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को लिखे पत्र में संघीय सरकार से उन राज्यों से होने वाले आयात पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने पर विचार करने का आग्रह किया था, जो ट्रंप प्रशासन के राजनीतिक समर्थन आधार के लिए महत्वपूर्ण हैं।
दूतावास ने अक्टूबर 2025 में शुरू किए गए ओंटारियो के 7.5 करोड़ कनाडाई डॉलर के शुल्क-विरोधी विज्ञापन अभियान का भी हवाला दिया। इस अभियान में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के भाषणों के अंश शामिल किए गए थे। श्री फोर्ड ने कहा था कि अभियान का संदेश देशभर के रिपब्लिकन पार्टी के प्रभाव वाले निर्वाचन क्षेत्रों में दोहराया जाएगा।
दस्तावेज में अन्य उदाहरण भी दिए गए हैं। इनमें कनाडा की लिबरल पार्टी के सांसद एंथनी हाउसफादर द्वारा फ्लोरिडा में डेमोक्रेटिक सांसद डेबी वासरमैन शुल्त्स के प्राइमरी चुनाव से पहले उनके समर्थन में प्रचार करने की खबर का उल्लेख है। इसके अलावा, कनाडा की महावाणिज्यदूत बर्नाडेट जॉर्डन की अक्टूबर में व्यापारिक तनाव पर आयोजित एक गोलमेज बैठक में भागीदारी का भी जिक्र किया गया है। इस बैठक में डेमोक्रेटिक सांसद बेक्का बालिंट और जिम मैकगवर्न भी शामिल हुए थे।

तथ्यपत्र में अमेरिकी न्याय विभाग के उन मामलों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें अमेरिकी चुनावों में अवैध रूप से मतदान करने के आरोप में कनाडाई नागरिकों पर मुकदमे चलाए गए या उन्हें दोषी ठहराया गया। इसमें दावा किया गया है कि 2026 में कम से कम 11 कनाडाई नागरिकों पर वर्ष 2012 से 2024 के बीच हुए चुनावों और प्राथमिक चुनावों से जुड़े मामलों में आरोप लगाए गए या उन्हें सजा सुनाई गयी।
दूतावास ने कनाडाई नागरिकों से अमेरिकी चुनावों में भाग नहीं लेने और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश नहीं करने की अपील की। उसने कहा, “अमेरिका के चुनावों का फैसला अमेरिकी नागरिक करते हैं।”
कनाडा के नेताओं ने इस आरोप को खारिज किया है कि उनका देश अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रहा है। श्री कार्नी ने 16 अक्टूबर को कहा था कि अमेरिका सहित सभी विदेशी सरकारों को एक-दूसरे के चुनावों में हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमारी अपेक्षा बिल्कुल स्पष्ट है। अमेरिका सहित विदेशी सरकारें हमारे चुनावों में हस्तक्षेप न करें और हम भी उनके चुनावों में हस्तक्षेप न करें।”
सुश्री जोली ने भी 14 अक्टूबर को इस आरोप को खारिज करते हुए कहा था, “बिल्कुल नहीं। मैं ऐसा कभी नहीं करूंगी और हम कनाडा में अपने चुनावों में भी किसी अन्य देश का ऐसा हस्तक्षेप कभी स्वीकार नहीं करेंगे।”
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2025 में कनाडाई वस्तुओं पर शुल्क लगाए जाने के बाद अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव लगातार बना हुआ है। इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी वस्तुओं पर जवाबी शुल्क लगाए थे।
तीन नवंबर को होने वाले चुनावों से अमेरिकी कांग्रेस पर नियंत्रण तय होगा। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की कुल 100 सीटों में से 35 सीटों के लिए मतदान होगा।

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