
सौसर, लोधीखेड़ा थाना क्षेत्र के बोरगांव में पति द्वारा शराब के लिए पैसे चुराने से नाराज पत्नी द्वारा गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी महिला ने जुर्म छिपाने के लिए परिजनों को पति के बाथरूम में फिसलकर गिरने से मौत होने की झूठी कहानी सुनाई थी। हालांकि, पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
पहले बताई थी बाथरूम में गिरने की बात-
थाना प्रभारी एबी मर्सकोले के अनुसार, गत 13 अक्टूबर वार्ड नंबर 12, बोरगांव निवासी हेमराज नेहारे ने थाने में सूचना दर्ज कराई थी कि उसके भाई रविन्द्र नेहारे 42 वर्ष की बाथरूम में गिरने से आई चोटों के कारण मृत्यु हो गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। पीएम रिपोर्ट और मर्ग जांच में खुलासा हुआ कि मृतक के साथ मारपीट कर किसी ने गला घोंटकर उसकी हत्या की है। इसके बाद 17 अक्टूबर को अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या धारा 103(1) बीएनएस का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
कड़ाई से पूछताछ में टूटा सब्र, कबूला जुर्म-
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विदिता डागर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनकामना प्रसाद और एसडीओपी प्रियंका पांडेय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ए.बी. मर्सकोले के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने जब परिजनों से कड़ाई से पूछताछ की, तो मृतक की पत्नी आशा नेहारे (42 वर्ष) टूट गई और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
विवाद की वजह: सब्जी की दुकान से शराब के लिए पैसे निकालना
पूछताछ में आरोपिया आशा नेहारे ने बताया कि वह सब्जी बेचने का काम करती है। उसका पति शराब पीने का आदी था और अक्सर दुकान के गल्ले से पैसे निकाल लेता था। घटना के दिन 13 अक्टूबर की दोपहर करीब 1:30 बजे भी पति ने दुकान से पैसे चुराकर शराब पी ली। इसी बात पर हुए विवाद के बाद उसने पहले पति के साथ हाथ-मुक्कों व लातों से मारपीट की और फिर सफेद रंग के गमछे से गला घोंटकर उसकी जान ले ली। इसके बाद पुलिस और रिश्तेदारों से बचने के लिए उसने बाथरूम में गिरने की मनगढ़ंत कहानी बना दी थी।
न्यायालय में किया गया पेश-
लोधीखेड़ा पुलिस ने आरोपिया आशा नेहारे को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायालय सौसर में पेश किया जा रहा है।
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी निरीक्षक ए.बी. मर्सकोले, उनि. लेखराम पहाडे, सउनि. मोहन पवार, सउनि. श्यामनारायण सिंह सिसोदिया, प्रधान आरक्षक रामभरोस साहू, महिला आरक्षक सावित्री धुर्वे और महिला आरक्षक मंदा धुर्वे की सराहनीय भूमिका रही।
