इंदौर: हाईकोर्ट इंदौर ने आईडीए द्वारा निरंजनपुर की दस एकड़ जमीन अधिग्रहण को निरस्त कर दिया है. हाईकोर्ट ने उक्त मामले में माना कि जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया लैप्स हो चुकी है. इसके साथ ही जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है.हाईकोर्ट जस्टिस संदीप एन. भट्ट की बेंच में रेवाचंद एवं अन्य की ओर से दायर याचिका पर आज फैसला दिया.
हाईकोर्ट ने आईडीए द्वारा निरंजनपुर योजना 114 पार्ट 2 की 3.176 हेक्टेयर जमीन के मामले में कब्जा लेने के लिए जारी पत्रों को निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने माना कि संबंधित जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया लैप्स हो चुकी है. साथ ही कोर्ट ने योजना क्रमांक 114 पार्ट-2 की उक्त जमीन अधिग्रहण को समाप्त मानते हुए संबंधित अधिकारियों को जमीन पर कब्जा लेने की आगे की कार्रवाई करने से रोक दिया है. ध्यान रहे कि याचिकाकर्ताओं ने आईडीए और जिला प्रशासन द्वारा जमीन का कब्जा लेने के लिए जारी पत्रों को चुनौती दी थी. आईडीए द्वारा उक्त मामले में डबल बेंच में अपील करने की संभावना है, क्योंकि वर्तमान में उक्त जमीन का बाजार मूल्य 100 करोड़ रुपए है
