मुंबई, 15 अक्टूबर (वार्ता) रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) ने 21 अक्टूबर को खुल रहे अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के मूल्य का दायरा तय करने के साथ ही गुरुवार को भविष्य के विस्तार की एक वृहद योजना की घोषणा की । इस आईपीओ से कंपनी ने 30,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।
देश में अब तक के सबसे बड़े आईपीओ से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने अगले दौर की योजना रखते हुए कहा कि वह देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में मोबिलिटी, होम और एंटरप्राइज-इंटरनेशनल को कंपनी की वृद्धि तीन बड़े क्षेत्र बताया। उल्लेखनीय है कि कंपनी ने उपग्रह संचार सेवा की दिशा में कदम बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। उसे इसके लिए लाइसेंस भी मिल चुका है।
उन्होंने कहा कि कंपनी टेक्नोलॉजी, डिजिटल गेटवे और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर वह 2030-31 तक भारत की करीब 1.4 हजार अरब डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा सकती है। श्री अंबानी ने कहा, “हमारे कारोबार की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हमारा ग्राहक है।” उन्होंने कहा कि जियो का फोकस हर भारतीय, हर घर और हर एंटरप्राइज को बेहतर और किफायती डिजिटल सेवाएं देने पर रहेगा। जियो के पास फिलहाल करीब 53.3 करोड़ कनेक्टिविटी ग्राहक हैं और कंपनी भारत के 60 प्रतिशत से ज्यादा डेटा ट्रैफिक को संभालती है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजार को बताया कि आईपीओ के तहत शेयर का मूल्य दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये तय किया गया है। कर्मचारियों के लिए आरक्षित शेयरों पर 54 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। कम से कम 12 शेयरों के लिए और उसके बाद 12 के गुणांक में बोली लगायी जा सकेगी।
आईपीओ में 10 रुपये अंकित मूल्य के 27 करोड़ नये शेयर जारी किए जाएंगे।कंपनी को इस आईपीओ से करीब 30,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की उम्मीद है जिसका इस्तेमाल 6जी और दूसरी नयी प्रौद्योगिकियों तथा कारोबार के नये क्षेत्रों में विस्तार के लिए किया जायेगा।
अहमदाबाद स्थित रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास जमा कराए गए कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) के अनुसार, आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को कारोबार की समाप्ति के साथ बंद होगा। इससे पहले 19 अक्टूबर को एंकर निवेशक बोली लगा सकेंगे। जियो प्लेटफॉर्म्स के पात्र कर्मचारियों के लिए अधिकतम 500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित होंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र कर्मचारियों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखे गये हैं।
मोबिलिटी में कंपनी अगले पांच वर्षों में करीब 34 करोड़ नए 4जी और 5जी ग्राहकों का बाजार देख रही है। आकाश के मुताबिक इसमें करीब 10 करोड़ ऐसे नये ग्राहक होंगे जो पहली बार मोबाइल कनेक्शन लेंगे, जबकि करीब 24 करोड़ ग्राहक 2जी से 4जी और 5जी की ओर बढ़ सकते हैं। वर्ष 2025-26 में जियो के नेट एक्टिव मोबाइल ग्राहक दूसरे नंबर के ऑपरेटर के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा बढ़े।
होम ब्रॉडबैंड को कंपनी आने वाले वर्षों के लिए कारोबार की बड़ी ताकत मान रही है। जियो के अभी करीब 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक हैं और कंपनी इस बेस को आगे 10 करोड़ घरों तक ले जाना चाहती है। चालू वित्तीय वर्ष में देश में जुड़े कुल नए फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शनों में करीब 67.5 प्रतिशत हिस्सेदारी जियो की रही। आकाश ने बताया कि कंपनी फाइबर के साथ अपनी वायरलेस टेक्नोलॉजी के जरिए देश के 19,000 पिन कोड तक पहुंच बढ़ा रही है।
जहां तक एंटरप्राइज और अंतराष्ट्रीय कारोबार का प्रश्न है तो जियो देश में करीब 5.1 लाख करोड़ रुपये यानी 56.8 अरब डॉलर का एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज बाजार देख रही है। आकाश के मुताबिक देश की लगभग 65 बैंक बैंक शाखाएं जियो नेटवर्क से जुड़ी हैं।
जियो अपनी बनाई एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक को चुनिंदा विदेशी बाजारों में भी मॉनेटाइज करना चाहता है। कंपनी की योजना सिर्फ सॉफ्टवेयर बेचने की नहीं, बल्कि ग्लोबल टेलीकॉम कंपनियों के साथ मैनेज्ड सर्विस पार्टनर के रूप में काम करने की है।
श्री अंबानी ने कहा कि इससे भारत टेक्नोलॉजी आयातक से टेक्नोलॉजी निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
इससे पहले ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत और रिलायंस की कारोबारी सोच का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी लंबे समय की सोच, बड़े पैमाने, मजबूत कार्यान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर भरोसा करती है। संवाददाता सम्मेलन की शुरुआत बैंकिंग क्षेत्र की जानीमानी हस्ती उदय कोटक ने रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी और 1977 के रिलायंस आईपीओ को याद करते हुए की।
