सोनांचल बस स्टैण्ड विवाद: विकास और विनाश बना मुद्दा

सीधी: सोनांचल बस स्टैण्ड विवाद में विकास और विनाश मुद्दा बना हुआ है। सोनांचल बस स्टैण्ड के पुन: संचालन एवं बस स्टैण्ड गिराकर शापिंग काम्प्लेक्स बनाने को लेकर नवभारत सरोकार में जनता ने अपने विचार रखे।सोनांचल बस स्टैण्ड के 1 अक्टूबर 2026 से बंद हो जाने पर लोगों के अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं। सोनांचल बस स्टैण्ड के बंद होने के बाद सैकड़ों छोटे व्यवसाइयों की आजीविका ठप्प हो चुकी है, ऐसे में अधिकांश लोगों की सहानुभूति छोटे व्यवसाइयों के साथ बनी हुई है। सोनांचल बस स्टैण्ड के फिर से संचालित करने को लेकर सामने आये जनता के विचारों में यह कहा जा रहा है कि शहर का विकास करने के लिये व्यवस्थित कार्य योजना पहले से तैयार की जाती है। कार्ययोजना में यह देखा जाता है कि यदि कोई सार्वजनिक स्थल को बंद किया जाता है तो उसका असर लोगों पर ज्यादा न रहे।

सीधी बाजार क्षेत्र में संचालित सोनांचल बस स्टैण्ड के बंद कर देने से जाम की समस्या यथावत है। यह जरूर है कि उसके दुष्प्रभाव में सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी है। सोनांचल बस स्टैण्ड के बड़े स्थान का उपयोग बड़े मॉल को बनाने में करने की कार्ययोजना बनाई गई है जिसका भी विरोध हो रहा है। लोगों का मानना है कि मॉल का निर्माण अन्यत्र कराया जा सकता है और सोनांचल बस स्टैण्ड की बहुउपयोगिता होने से उसका संचालन पूर्व की तरह होना चाहिये। वहीं दूसरे पक्ष का मानना है कि शहर के विकास के लिये बस स्टैण्ड स्थानांतरित होना चाहिये। इससे नये क्षेत्र का विकास आसानी से होगा।

संघर्ष समिति की महत्वपूर्ण बैठक सुंदर पैलेस में आज

पुराना सोनांचल बस स्टैण्ड बचाओ-व्यापार बचाओ संघर्ष समिति की महत्वपूर्ण बैठक15 अक्टूबर 2026 गुरुवार को शाम 5 बजे सुंदर पैलेस पटेल पुल सीधी में आयोजित की जा रही है। संघर्ष समिति अध्यक्ष सुनील चौधरी ने अपील करते हुए कहा कि आप सभी व्यापारी भाइयों एवं गणमान्य नागरिकों से अनुरोध है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर गरीब व्यापारियों की रोजी-रोटी बचाने की इस लड़ाई में अपना सहयोग दें।

इनका कहना है

विकास विनाश करके नही किया जा सकता। जनभावना का सम्मान होना चाहिए, यदि बस स्टैण्ड जर्जर नही है तो हटाना उचित नहीं है। शापिंग माल पुलिस लाइन तरफ या अन्यत्र भी बन सकता है।

विष्णु प्रताप द्विवेदी, सीधी

सीधी में विकास का कोई प्लान तरीके से नहीं अपनाया जाता। पुराने बस स्टैण्ड को शिफ्ट कर देने मात्र से बाजार में आवागमन की समस्या का समाधान नहीं होगा, क्योंकि सीधी में मूलभुत समस्या व्यवस्थाओ के सुचारु रूप से संचालन की है। शहर का विकास शॉपिंग कांम्प्लेक्स बनवाने से नहीं होता। वर्तमान स्थिति में पुराने बस स्टैण्ड को हटाने की बजाय उसको सीमित किया जाय। सिर्फ दूरस्थ गावों की बसों को पुराने बस स्टैण्ड में अनुमति दी जाय। फुटपाथी व्यापारियों के दर्द को समझा जाय। विस्थापन की जगह नियमितीकरण और सुचारु संचालन पर ध्यान केंद्रित किया जाय।
पंकज चौहान, व्यवसाई सीधी

पहले सीधी का बाजार पुरानी सीधी में था फिर गांधी चौक तरफ आया, देखिए अगर आप शहर का विस्तारीकरण चाहते है शहर का विकाश चाहते है तो परिवर्तन के लिए तैयार रहना चाहिए। ना ये कोई राजनीति का विषय है और ना ही होना चाहिए, समय के साथ जनसंख्या बढ़ेगी, लोग बढ़ेंगे, शहर भी बढ़ेगा। बहुत सी चीजें ऑफिस, कार्यालय, बस स्टैण्ड, टैक्सी स्टैण्ड, सब्जी मंडी और भीड़-भाड़ वाले स्थान को व्यवस्था एवं विकास की दृष्टि से अन्य जगह भी बनाना पड़ेगा! इसलिए पुराने बस स्टैण्ड का नए बस स्टैण्ड में सम्मिलित होना उचित है।
सुमित जायसवाल, संयोजक हिंदू रक्षा मंच

Next Post

माजन मोड़ से इंदिरा चौक तक सड़क निर्माण का निरीक्षण

Thu Oct 15 , 2026
सिंगरौली: विधायक रामनिवास शाह ने गुरुवार को माजन मोड़ स्थित राजीव चौक से इंदिरा चौक, नवजीवन विहार विंध्यनगर तक निर्माणाधीन डामरीकरण सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए गुणवत्ता का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के उपायुक्त आरपी वैश्य, कार्यपालन […]

You May Like

Play sound