जिला पंचायत झाबुआ के वार्ड क्रमांक 6 के उपचुनाव में भाजपा-कांग्रेस को झटका, आम आदमी पार्टी के कमलेश सिंगाड़ विजयी

झाबुआ. मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले में जिला पंचायत के वार्ड क्रमांक 6 के लिए हुए उपचुनाव के परिणाम 3 अक्टूबर को घोषित किए गए। इस सीट के लिए 29 सितंबर को मतदान हुआ था। परिणामों में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कमलेश सिंगाड़ विजयी घोषित किए गए।

इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। परिणामों के अनुसार कमलेश सिंगाड़ को 8,133 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार को 7,659 और कांग्रेस उम्मीदवार को 7,578 मत प्राप्त हुए। वहीं बाप पार्टी के उम्मीदवार को 882 तथा नोटा को 504 वोट मिले। इस तरह कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही, हालांकि भाजपा और कांग्रेस के बीच मतों का अंतर काफी कम रहा।

झाबुआ जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 6 का यह उपचुनाव राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगले वर्ष 2027 में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में इस परिणाम को क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस की जमीनी स्थिति के संदर्भ में देखा जा रहा है। चुनाव परिणामों ने दोनों प्रमुख दलों के सामने स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ और संगठन को लेकर आत्ममंथन की स्थिति पैदा कर दी है।

इस क्षेत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद, मंत्री और विधायक कांतिलाल भूरिया का प्रभाव माना जाता है। वार्ड क्रमांक 6 में उनका गृह गांव मोरडूंडिया आता है। वहीं भाजपा के जिलाध्यक्ष भानू भूरिया का गृह गांव दोतड़ भी इसी क्षेत्र में है। इसके बावजूद उपचुनाव में दोनों प्रमुख दलों के उम्मीदवारों को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।

यह सीट पहले भाजपा के कब्जे में थी। भाजपा के प्रतिनिधि सोलंकी के निधन के बाद पार्टी ने उनके पुत्र धर्मेश सोलंकी को उम्मीदवार बनाया था। दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता कांतिलाल भूरिया और विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली थी। दोनों दलों की ओर से जोरदार प्रचार के बावजूद आम आदमी पार्टी के कमलेश सिंगाड़ ने जीत दर्ज की।

क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से देखें तो रतलाम-झाबुआ-अलीराजपुर संसदीय क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर तीसरे राजनीतिक विकल्पों की सक्रियता बढ़ी है। रतलाम क्षेत्र में बाप पार्टी का प्रभाव बढ़ा है, जबकि अलीराजपुर क्षेत्र में जयस की राजनीतिक सक्रियता चर्चा में रही है। अब झाबुआ में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार की जीत ने क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में एक नए विकल्प को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

वहीं थांदला विधानसभा क्षेत्र की पलासडौर ग्राम पंचायत में हुए चुनाव में कांग्रेस के चैनसिंह डामोर ने 455 वोटों से जीत दर्ज कर सरपंच पद हासिल किया। यहां विधायक वीरसिंह भूरिया के नेतृत्व में कांग्रेस ने अपनी पकड़ बनाए रखने में सफलता हासिल की, जबकि भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।

जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 6 और पलासडौर ग्राम पंचायत के इन चुनाव परिणामों ने भाजपा और कांग्रेस दोनों के सामने अलग-अलग चुनौतियां रखी हैं। जहां भाजपा को सत्ता में होने के बावजूद वार्ड क्रमांक 6 में मिली हार के कारणों पर विचार करना होगा, वहीं कांग्रेस को भी जिला पंचायत उपचुनाव में तीसरे स्थान पर रहने को लेकर आत्ममंथन करना होगा।

चुनाव परिणामों के बाद आम आदमी पार्टी के विजयी उम्मीदवार कमलेश सिंगाड़ ने कहा कि जनता ने उन्हें अपना आशीर्वाद दिया है और वे लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

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