सिंगरौली । जनपद पंचायत बैढ़न क्षेत्र की ग्राम पंचायत रौंदी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 के भवन की हालत ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी राशि के उपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।करीब 11 लाख 20 हजार रुपये की लागत से निर्मित इस भवन को अप्रैल 2026 में ग्राम पंचायत द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग को हैंडओवर किए जाने की जानकारी सामने आई है। लेकिन भवन की मौजूदा स्थिति देखकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक भवन के फर्श की सतह कई जगह से टूटने लगी है। दीवारों और बुनियाद में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं। यहां तक कि बाउंड्री भी दरारों की चपेट में आ गई है। भवन की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जब भवन निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए, तो इतनी जल्दी इस तरह की खामियां सामने कैसे आने लगी?
शौचालय तो बना, परंतु पानी की व्यवस्था नही
हैरानी की बात यह है कि केंद्र में शौचालय का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं की गई। वहीं दरवाजों की हालत भी जर्जर बताई जा रही है। बिजली, रोशनी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी केंद्र की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान एक बार छत गिर गई थी, जिसके बाद दोबारा निर्माण कराया गया। यदि यह दावा सही है, तो निर्माण की निगरानी और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया की पड़ताल जरूरी है। सवाल यह भी है कि भवन का मूल्यांकन करने वाले उपयंत्री ने किन मानकों के आधार पर कार्य को सही पाया और भुगतान की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई? इधर ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं के कारण सरकारी राशि के सदुपयोग पर संदेह पैदा हो रहा है। हालांकि इन आरोपों की अधिकारिक पुष्टि नही हो पाई।
