बागली के हृदय स्थल गांधी चौक में प्रतिदिन हो रहे आकर्षक गरबे

बागली।सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा लगातार 15 वे वर्ष मे मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमा स्थापित कर एवं नौ दिवसीय ज्योत जलाकर आकर्षक गरबा प्रस्तुति कार्यक्रम किए जा रहे हैं। समिति से जुड़े चेतन सोनी ललित सोनी संतोष शर्मा सतीश कारपेंटर संतोष परिहार धर्मेंद्र गुरुजी मनमोहन शर्मा उमेश राठौर सेवा निवृत शिक्षिका दाखा मैडम आदि ने बताया कि पूर्व पार्षद एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्याम काका कारपेंटर द्वारा इस आयोजन की शुरुआत की गई थी। जो अभी तक जारी है, यहां पर नगर से जुड़ी बालिकाओं द्वारा प्रतिदिन शाम होते ही आकर्षक गरबे की प्रस्तुति दी जाती है, इस दौरान निशक्त भक्त संतोष पडियार की भक्ति देखने को मिल रही है।

वह 9 दिनों तक पंडाल में ही विश्राम करते हैं, पूरे समय ज्योत की और माता प्रतिमा की निगरानी करते रहते हैं। शाम होते ही व्यवस्था में भी हाथ बटाते हैं। एक हाथ से निशक्त होने के बावजूद भी उनकी लगन माता की भक्ति में इतनी अधिक है। कि सारा कार्य आसानी से कर देते हैं। बाइक चलाने से लेकर दरी बिछाना तक और अन्य इलेक्ट्रिक व्यवस्था जोड़ने तक का कार्य उनके ही जिम्मे है। वरिष्ट सेवानिवृत्त शिक्षिका दाखा कारपेंटर (मैडम)ने बताया कि उनके यहां राष्ट्र प्रेम से जुड़े गरबो को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। साथ में गरबा करने वाली बालिकाओं के पहनावे में देशभक्ति स्पष्ट दिखाई देती है।

पाश्चात्य सभ्यता से जुड़े गीत गरबो को प्रस्तुति नहीं दी जाती कभी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई कभी मां काली का और अन्य शौर्य प्रदर्शन वाली प्रस्तुति प्रतिदिन यहां पर होती है। बजरंग दल से जुड़े धर्मेंद्र गुरुजी ने बताया कि नवदुर्गा उत्सव भारतीय संस्कृति को सीखने के लिए बनाए जाते हैं यहां से बच्चे और परिजन धार्मिक संस्कृति सीखते हैं और हमारे देवी देवताओं के विषय में जानकारी प्राप्त करते हैं। इस कार्यक्रम में बाजार से जुड़े सभी व्यापारियों का सहयोग भी भरपूर मिलता है। गरबा सीखाने वाली श्रीमती जया राठौर एवं चांदनी प्रतिदिन कड़ी मेहनत करके अच्छी से अच्छी प्रस्तुति गरबे की दिलवाती है। जिसे बच्चे बड़े उत्साह के साथ पूरा करते हैं

Next Post

जब पेड़ पर चढ़ने की कोशिश करता दिखा त्रिशूल बाघ

Fri Oct 16 , 2026
सीधी। जिले के आदिवासी अंचल क्षेत्र के संजय टाइगर रिजर्व में वन्यजीव प्रेमियों को एक बार फिर रोमांचक नजारा देखने को मिला है। यहां इवनिंग सफारी के दौरान एक मेल टाइगर त्रिशूल एक पेड़ पर चढ़ने का प्रयास करता हुआ दिखाई दिया। जहां बाघ की इस गतिविधि को देखकर पर्यटक […]

You May Like

Play sound