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व्यापमं गिरफ्तार 15 आरोपियों को मिली जमानत, अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित भोपाल, नवभारत संवाददाता. राजधानी में गुरुवार को एक नया न्यायिक इतिहास लिख गया. एडीजे डीपी मिश्रा की अदालत में सीबीआई ने पीएमटी 2012 मामले में 592 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया, वहीं अदालत की कार्रवाई आधी रात के बाद भी जारी रही. न्यायाधीश ने अदालत में समर्पण कर चुके 15 आरोपियों की जमानत स्वीकार कर ली, जबकि 21 रसूखदारों द्वारा लगाई गई अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई रात पौने बारह बजे शुरू हो सकी. अदालत परिसर में आरोपियों और उनके साथ पहुंचे लोगों के हुजूम की वजह से अदालत परिसर में भारी गहमागहमी रही. सीबीआई ने सभी आरोपियों को गुरुवार को अदालत में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किए थे. इनमें से 12 आरोपियों ने अदालत में उपस्थित होकर जमानत याचिका पेश की थी. सुनवाई के बाद अदालत ने गिरफतार किए गए 15 आरोपियों को जमानत दी, जिसमें नीलमणि राय, रजनी गुप्ता, भारती खरे, अर्चना जैन, मोहन मंडलोई, शैलेन्द्र मंडलोई, सुरेश कुमार शर्मा, सुनील अटल के अलावा कुछ अन्य नाम शामिल हैं. सभी को एक-एक लाख रुपए की जमानत पर रिहा करने के निर्देश न्यायालय ने दिए. इन रसूखदारों ने लगाई अग्रिम जमानत की अर्जी जिन 21 रसूखदारों ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है, उनमें पीपुल्स मेडिकल कॉलेज संचालक डॉ. एसएन विजयवर्गीय, सुरेशसिंह भदौरिया और एलएनसीटी मेडीकल कॉलेज के जेएन चौकसे के नाम है. पीपुल्स मेडिकल कालेज के अंबरीश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के पूर्व संचालक डॉ. एससी तिवारी, अपर संचालक एनएम श्रीवास्तव, अजय शर्मा, डॉ. डीके सत्पथी को भी आरोपी बनाया गया है. पहली बार वकील व पक्षकार बैठे रहे देर रात तक राजधानी में यह पहला मौका था जब रात गहराती गई और न्यायाधीश सुनवाई करते दिखाई दिए. वकील पक्षकार सहित सीबीआई की टीम रात 12 बजे के बाद भी न्यायालय में मौजूद थी. 15 लोगों की जमानत स्वीकार करने के बाद न्यायाधीश डीपी मिश्रा ने चंद पलों तक विश्राम किया और बाद में फिर वे अपनी कुर्सी पर बैठकर सुनवाई करने लगे, सुबह 11 बजे कार्रवाई शुरू हुई थी और रात 12 बजे के बाद भी न्यायाधीश अदालत में मौजूद थे. लोगों को सब कुछ अजूबा लग रहा था, लेकिन उनका यह भी कहना था कि न्याय के लिए न्यायालय की यह पहल एक मिसाल बन गई है. इनकी जमानत खारिज देर रात मिली जानकारी के अनुसार डॉ. डीके सत्पथी, अजय गोयनिका, संचालक चिरायु मेडिकल कॉलेज, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज संचालक डॉ. एसएन विजयवर्गीय, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के अंबरीश शर्मा, अपर संचालक एनएम श्रीवास्तव की जमानत याचिका खारिज हो गई.  "/> व्यापमं गिरफ्तार 15 आरोपियों को मिली जमानत, अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित भोपाल, नवभारत संवाददाता. राजधानी में गुरुवार को एक नया न्यायिक इतिहास लिख गया. एडीजे डीपी मिश्रा की अदालत में सीबीआई ने पीएमटी 2012 मामले में 592 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया, वहीं अदालत की कार्रवाई आधी रात के बाद भी जारी रही. न्यायाधीश ने अदालत में समर्पण कर चुके 15 आरोपियों की जमानत स्वीकार कर ली, जबकि 21 रसूखदारों द्वारा लगाई गई अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई रात पौने बारह बजे शुरू हो सकी. अदालत परिसर में आरोपियों और उनके साथ पहुंचे लोगों के हुजूम की वजह से अदालत परिसर में भारी गहमागहमी रही. सीबीआई ने सभी आरोपियों को गुरुवार को अदालत में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किए थे. इनमें से 12 आरोपियों ने अदालत में उपस्थित होकर जमानत याचिका पेश की थी. सुनवाई के बाद अदालत ने गिरफतार किए गए 15 आरोपियों को जमानत दी, जिसमें नीलमणि राय, रजनी गुप्ता, भारती खरे, अर्चना जैन, मोहन मंडलोई, शैलेन्द्र मंडलोई, सुरेश कुमार शर्मा, सुनील अटल के अलावा कुछ अन्य नाम शामिल हैं. सभी को एक-एक लाख रुपए की जमानत पर रिहा करने के निर्देश न्यायालय ने दिए. इन रसूखदारों ने लगाई अग्रिम जमानत की अर्जी जिन 21 रसूखदारों ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है, उनमें पीपुल्स मेडिकल कॉलेज संचालक डॉ. एसएन विजयवर्गीय, सुरेशसिंह भदौरिया और एलएनसीटी मेडीकल कॉलेज के जेएन चौकसे के नाम है. पीपुल्स मेडिकल कालेज के अंबरीश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के पूर्व संचालक डॉ. एससी तिवारी, अपर संचालक एनएम श्रीवास्तव, अजय शर्मा, डॉ. डीके सत्पथी को भी आरोपी बनाया गया है. पहली बार वकील व पक्षकार बैठे रहे देर रात तक राजधानी में यह पहला मौका था जब रात गहराती गई और न्यायाधीश सुनवाई करते दिखाई दिए. वकील पक्षकार सहित सीबीआई की टीम रात 12 बजे के बाद भी न्यायालय में मौजूद थी. 15 लोगों की जमानत स्वीकार करने के बाद न्यायाधीश डीपी मिश्रा ने चंद पलों तक विश्राम किया और बाद में फिर वे अपनी कुर्सी पर बैठकर सुनवाई करने लगे, सुबह 11 बजे कार्रवाई शुरू हुई थी और रात 12 बजे के बाद भी न्यायाधीश अदालत में मौजूद थे. लोगों को सब कुछ अजूबा लग रहा था, लेकिन उनका यह भी कहना था कि न्याय के लिए न्यायालय की यह पहल एक मिसाल बन गई है. इनकी जमानत खारिज देर रात मिली जानकारी के अनुसार डॉ. डीके सत्पथी, अजय गोयनिका, संचालक चिरायु मेडिकल कॉलेज, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज संचालक डॉ. एसएन विजयवर्गीय, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के अंबरीश शर्मा, अपर संचालक एनएम श्रीवास्तव की जमानत याचिका खारिज हो गई.  "/> व्यापमं गिरफ्तार 15 आरोपियों को मिली जमानत, अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित भोपाल, नवभारत संवाददाता. राजधानी में गुरुवार को एक नया न्यायिक इतिहास लिख गया. एडीजे डीपी मिश्रा की अदालत में सीबीआई ने पीएमटी 2012 मामले में 592 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया, वहीं अदालत की कार्रवाई आधी रात के बाद भी जारी रही. न्यायाधीश ने अदालत में समर्पण कर चुके 15 आरोपियों की जमानत स्वीकार कर ली, जबकि 21 रसूखदारों द्वारा लगाई गई अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई रात पौने बारह बजे शुरू हो सकी. अदालत परिसर में आरोपियों और उनके साथ पहुंचे लोगों के हुजूम की वजह से अदालत परिसर में भारी गहमागहमी रही. सीबीआई ने सभी आरोपियों को गुरुवार को अदालत में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किए थे. इनमें से 12 आरोपियों ने अदालत में उपस्थित होकर जमानत याचिका पेश की थी. सुनवाई के बाद अदालत ने गिरफतार किए गए 15 आरोपियों को जमानत दी, जिसमें नीलमणि राय, रजनी गुप्ता, भारती खरे, अर्चना जैन, मोहन मंडलोई, शैलेन्द्र मंडलोई, सुरेश कुमार शर्मा, सुनील अटल के अलावा कुछ अन्य नाम शामिल हैं. सभी को एक-एक लाख रुपए की जमानत पर रिहा करने के निर्देश न्यायालय ने दिए. इन रसूखदारों ने लगाई अग्रिम जमानत की अर्जी जिन 21 रसूखदारों ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है, उनमें पीपुल्स मेडिकल कॉलेज संचालक डॉ. एसएन विजयवर्गीय, सुरेशसिंह भदौरिया और एलएनसीटी मेडीकल कॉलेज के जेएन चौकसे के नाम है. पीपुल्स मेडिकल कालेज के अंबरीश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के पूर्व संचालक डॉ. एससी तिवारी, अपर संचालक एनएम श्रीवास्तव, अजय शर्मा, डॉ. डीके सत्पथी को भी आरोपी बनाया गया है. पहली बार वकील व पक्षकार बैठे रहे देर रात तक राजधानी में यह पहला मौका था जब रात गहराती गई और न्यायाधीश सुनवाई करते दिखाई दिए. वकील पक्षकार सहित सीबीआई की टीम रात 12 बजे के बाद भी न्यायालय में मौजूद थी. 15 लोगों की जमानत स्वीकार करने के बाद न्यायाधीश डीपी मिश्रा ने चंद पलों तक विश्राम किया और बाद में फिर वे अपनी कुर्सी पर बैठकर सुनवाई करने लगे, सुबह 11 बजे कार्रवाई शुरू हुई थी और रात 12 बजे के बाद भी न्यायाधीश अदालत में मौजूद थे. लोगों को सब कुछ अजूबा लग रहा था, लेकिन उनका यह भी कहना था कि न्याय के लिए न्यायालय की यह पहल एक मिसाल बन गई है. इनकी जमानत खारिज देर रात मिली जानकारी के अनुसार डॉ. डीके सत्पथी, अजय गोयनिका, संचालक चिरायु मेडिकल कॉलेज, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज संचालक डॉ. एसएन विजयवर्गीय, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के अंबरीश शर्मा, अपर संचालक एनएम श्रीवास्तव की जमानत याचिका खारिज हो गई.  ">

592 लोगों के खिलाफ चालान पेश

2017/11/24



व्यापमं गिरफ्तार 15 आरोपियों को मिली जमानत, अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित

  • भोपाल कोर्ट में पहली बार देर रात तक चली कार्रवाई
  • पीएमटी 2012 का मामला
भोपाल, नवभारत संवाददाता. राजधानी में गुरुवार को एक नया न्यायिक इतिहास लिख गया. एडीजे डीपी मिश्रा की अदालत में सीबीआई ने पीएमटी 2012 मामले में 592 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया, वहीं अदालत की कार्रवाई आधी रात के बाद भी जारी रही. न्यायाधीश ने अदालत में समर्पण कर चुके 15 आरोपियों की जमानत स्वीकार कर ली, जबकि 21 रसूखदारों द्वारा लगाई गई अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई रात पौने बारह बजे शुरू हो सकी. अदालत परिसर में आरोपियों और उनके साथ पहुंचे लोगों के हुजूम की वजह से अदालत परिसर में भारी गहमागहमी रही. सीबीआई ने सभी आरोपियों को गुरुवार को अदालत में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किए थे. इनमें से 12 आरोपियों ने अदालत में उपस्थित होकर जमानत याचिका पेश की थी. सुनवाई के बाद अदालत ने गिरफतार किए गए 15 आरोपियों को जमानत दी, जिसमें नीलमणि राय, रजनी गुप्ता, भारती खरे, अर्चना जैन, मोहन मंडलोई, शैलेन्द्र मंडलोई, सुरेश कुमार शर्मा, सुनील अटल के अलावा कुछ अन्य नाम शामिल हैं. सभी को एक-एक लाख रुपए की जमानत पर रिहा करने के निर्देश न्यायालय ने दिए. इन रसूखदारों ने लगाई अग्रिम जमानत की अर्जी जिन 21 रसूखदारों ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है, उनमें पीपुल्स मेडिकल कॉलेज संचालक डॉ. एसएन विजयवर्गीय, सुरेशसिंह भदौरिया और एलएनसीटी मेडीकल कॉलेज के जेएन चौकसे के नाम है. पीपुल्स मेडिकल कालेज के अंबरीश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के पूर्व संचालक डॉ. एससी तिवारी, अपर संचालक एनएम श्रीवास्तव, अजय शर्मा, डॉ. डीके सत्पथी को भी आरोपी बनाया गया है. पहली बार वकील व पक्षकार बैठे रहे देर रात तक राजधानी में यह पहला मौका था जब रात गहराती गई और न्यायाधीश सुनवाई करते दिखाई दिए. वकील पक्षकार सहित सीबीआई की टीम रात 12 बजे के बाद भी न्यायालय में मौजूद थी. 15 लोगों की जमानत स्वीकार करने के बाद न्यायाधीश डीपी मिश्रा ने चंद पलों तक विश्राम किया और बाद में फिर वे अपनी कुर्सी पर बैठकर सुनवाई करने लगे, सुबह 11 बजे कार्रवाई शुरू हुई थी और रात 12 बजे के बाद भी न्यायाधीश अदालत में मौजूद थे. लोगों को सब कुछ अजूबा लग रहा था, लेकिन उनका यह भी कहना था कि न्याय के लिए न्यायालय की यह पहल एक मिसाल बन गई है. इनकी जमानत खारिज देर रात मिली जानकारी के अनुसार डॉ. डीके सत्पथी, अजय गोयनिका, संचालक चिरायु मेडिकल कॉलेज, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज संचालक डॉ. एसएन विजयवर्गीय, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के अंबरीश शर्मा, अपर संचालक एनएम श्रीवास्तव की जमानत याचिका खारिज हो गई.  


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