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भोपाल,  मध्यप्रदेश का वाणिज्य एवं उद्योग विभाग 1600 करोड रूपये की राशि खर्च कर अगले दो सालों में सर्व-सुविधायुक्त 15 औद्योगिक क्षेत्र 5000 एकड़ भूमि में विकसित करेगा। यह औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश के सभी अंचल में विकसित किये जायेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न अंचलो में विकसित किये जाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में होशंगाबाद जिले का सेकण्ड फेस मोहासा-बाबई, सीहोर जिले का बड़ियाखेड़ी, स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर जिला धार, इंदौर का (नॉन एस.ई.जेड.) आई.टी. पार्क, शिवपुरी जिले का फूड पार्क बड़ौदी, गुना जिले का कुम्भराज, मुरैना जिले का पिपरसेवा, मुरैना जिले का ही सीतापुर (द्वितीय चरण), जबलपुर के उमरिया-डुंगरिया क्षेत्र का विस्तार, उज्जैन का ताजपुर, रतलाम का नमकीन क्लस्टर, नीमच जिले का झाँझरवाड़ा, उज्जैन का विक्रम उद्योगपुरी, सागर का सिद्धगवां (द्वितीय चरण) और सतना जिले का बाबूपुर शामिल है। प्रदेश में वर्ष 2016-17 में 1500 एकड़ भूमि पर 5500 औद्योगिक भू-खण्ड सर्व-सुविधायुक्त 7 नवीन औद्योगिक क्षेत्र में विकसित किये गये है। इनमें औद्योगिक क्षेत्र भोपाल जिले का अचारपुरा और बगरोदा, रायसेन जिले का प्लास्टिक पार्क तामोट, होशंगाबाद जिले का कीरतपुर (प्रथम चरण), होशंगाबाद जिले का ही मोहासा-बाबई (प्रथम चरण), बड़वानी जिले का रेल्वाखुर्द खजूरी और झाबुआ जिले का कसारवार्डी है। पिछले वर्षों में मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं औद्योगिक भवन प्रबंधन नियम में आवश्यक संशोधन किये गये हैं। अब उद्योगों के लिये 99 वर्ष की अवधि के लिये भूमि पट्टे पर प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा भूमि के अभिहस्तांकन और उप-पट्टे संबंधी प्रावधान शामिल किये गये हैं। ऐसा करने से निवेशकों को सुविधा होगी।"/> भोपाल,  मध्यप्रदेश का वाणिज्य एवं उद्योग विभाग 1600 करोड रूपये की राशि खर्च कर अगले दो सालों में सर्व-सुविधायुक्त 15 औद्योगिक क्षेत्र 5000 एकड़ भूमि में विकसित करेगा। यह औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश के सभी अंचल में विकसित किये जायेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न अंचलो में विकसित किये जाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में होशंगाबाद जिले का सेकण्ड फेस मोहासा-बाबई, सीहोर जिले का बड़ियाखेड़ी, स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर जिला धार, इंदौर का (नॉन एस.ई.जेड.) आई.टी. पार्क, शिवपुरी जिले का फूड पार्क बड़ौदी, गुना जिले का कुम्भराज, मुरैना जिले का पिपरसेवा, मुरैना जिले का ही सीतापुर (द्वितीय चरण), जबलपुर के उमरिया-डुंगरिया क्षेत्र का विस्तार, उज्जैन का ताजपुर, रतलाम का नमकीन क्लस्टर, नीमच जिले का झाँझरवाड़ा, उज्जैन का विक्रम उद्योगपुरी, सागर का सिद्धगवां (द्वितीय चरण) और सतना जिले का बाबूपुर शामिल है। प्रदेश में वर्ष 2016-17 में 1500 एकड़ भूमि पर 5500 औद्योगिक भू-खण्ड सर्व-सुविधायुक्त 7 नवीन औद्योगिक क्षेत्र में विकसित किये गये है। इनमें औद्योगिक क्षेत्र भोपाल जिले का अचारपुरा और बगरोदा, रायसेन जिले का प्लास्टिक पार्क तामोट, होशंगाबाद जिले का कीरतपुर (प्रथम चरण), होशंगाबाद जिले का ही मोहासा-बाबई (प्रथम चरण), बड़वानी जिले का रेल्वाखुर्द खजूरी और झाबुआ जिले का कसारवार्डी है। पिछले वर्षों में मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं औद्योगिक भवन प्रबंधन नियम में आवश्यक संशोधन किये गये हैं। अब उद्योगों के लिये 99 वर्ष की अवधि के लिये भूमि पट्टे पर प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा भूमि के अभिहस्तांकन और उप-पट्टे संबंधी प्रावधान शामिल किये गये हैं। ऐसा करने से निवेशकों को सुविधा होगी।"/> भोपाल,  मध्यप्रदेश का वाणिज्य एवं उद्योग विभाग 1600 करोड रूपये की राशि खर्च कर अगले दो सालों में सर्व-सुविधायुक्त 15 औद्योगिक क्षेत्र 5000 एकड़ भूमि में विकसित करेगा। यह औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश के सभी अंचल में विकसित किये जायेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न अंचलो में विकसित किये जाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में होशंगाबाद जिले का सेकण्ड फेस मोहासा-बाबई, सीहोर जिले का बड़ियाखेड़ी, स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर जिला धार, इंदौर का (नॉन एस.ई.जेड.) आई.टी. पार्क, शिवपुरी जिले का फूड पार्क बड़ौदी, गुना जिले का कुम्भराज, मुरैना जिले का पिपरसेवा, मुरैना जिले का ही सीतापुर (द्वितीय चरण), जबलपुर के उमरिया-डुंगरिया क्षेत्र का विस्तार, उज्जैन का ताजपुर, रतलाम का नमकीन क्लस्टर, नीमच जिले का झाँझरवाड़ा, उज्जैन का विक्रम उद्योगपुरी, सागर का सिद्धगवां (द्वितीय चरण) और सतना जिले का बाबूपुर शामिल है। प्रदेश में वर्ष 2016-17 में 1500 एकड़ भूमि पर 5500 औद्योगिक भू-खण्ड सर्व-सुविधायुक्त 7 नवीन औद्योगिक क्षेत्र में विकसित किये गये है। इनमें औद्योगिक क्षेत्र भोपाल जिले का अचारपुरा और बगरोदा, रायसेन जिले का प्लास्टिक पार्क तामोट, होशंगाबाद जिले का कीरतपुर (प्रथम चरण), होशंगाबाद जिले का ही मोहासा-बाबई (प्रथम चरण), बड़वानी जिले का रेल्वाखुर्द खजूरी और झाबुआ जिले का कसारवार्डी है। पिछले वर्षों में मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं औद्योगिक भवन प्रबंधन नियम में आवश्यक संशोधन किये गये हैं। अब उद्योगों के लिये 99 वर्ष की अवधि के लिये भूमि पट्टे पर प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा भूमि के अभिहस्तांकन और उप-पट्टे संबंधी प्रावधान शामिल किये गये हैं। ऐसा करने से निवेशकों को सुविधा होगी।">

1600 करोड रूपये से प्रदेश में दो सालों में 5000 एकड़ भूमि में विकसित होंगे 15 औद्योगिक क्षेत्र

2017/06/02



भोपाल,  मध्यप्रदेश का वाणिज्य एवं उद्योग विभाग 1600 करोड रूपये की राशि खर्च कर अगले दो सालों में सर्व-सुविधायुक्त 15 औद्योगिक क्षेत्र 5000 एकड़ भूमि में विकसित करेगा। यह औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश के सभी अंचल में विकसित किये जायेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न अंचलो में विकसित किये जाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में होशंगाबाद जिले का सेकण्ड फेस मोहासा-बाबई, सीहोर जिले का बड़ियाखेड़ी, स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर जिला धार, इंदौर का (नॉन एस.ई.जेड.) आई.टी. पार्क, शिवपुरी जिले का फूड पार्क बड़ौदी, गुना जिले का कुम्भराज, मुरैना जिले का पिपरसेवा, मुरैना जिले का ही सीतापुर (द्वितीय चरण), जबलपुर के उमरिया-डुंगरिया क्षेत्र का विस्तार, उज्जैन का ताजपुर, रतलाम का नमकीन क्लस्टर, नीमच जिले का झाँझरवाड़ा, उज्जैन का विक्रम उद्योगपुरी, सागर का सिद्धगवां (द्वितीय चरण) और सतना जिले का बाबूपुर शामिल है। प्रदेश में वर्ष 2016-17 में 1500 एकड़ भूमि पर 5500 औद्योगिक भू-खण्ड सर्व-सुविधायुक्त 7 नवीन औद्योगिक क्षेत्र में विकसित किये गये है। इनमें औद्योगिक क्षेत्र भोपाल जिले का अचारपुरा और बगरोदा, रायसेन जिले का प्लास्टिक पार्क तामोट, होशंगाबाद जिले का कीरतपुर (प्रथम चरण), होशंगाबाद जिले का ही मोहासा-बाबई (प्रथम चरण), बड़वानी जिले का रेल्वाखुर्द खजूरी और झाबुआ जिले का कसारवार्डी है। पिछले वर्षों में मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं औद्योगिक भवन प्रबंधन नियम में आवश्यक संशोधन किये गये हैं। अब उद्योगों के लिये 99 वर्ष की अवधि के लिये भूमि पट्टे पर प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा भूमि के अभिहस्तांकन और उप-पट्टे संबंधी प्रावधान शामिल किये गये हैं। ऐसा करने से निवेशकों को सुविधा होगी।


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