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नयी दिल्ली, भारत और दक्षिण अफ्रीका की स्वतंत्रता के लिये ब्रिटिश राज के खिलाफ अहिंसा की लड़ाई और राष्ट्रपति महात्मा गांधी के योगदान की खूबसूरत और ऐतिहासिक झलक के साथ दोनों मुल्कों के क्रिकेट के लिये जुनून ने पांच जनवरी से शुरू होने वाली ‘फ्रीडम सीरीज़ 2018’ के प्रमोशन वीडियो को खास बना दिया है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज़ को फ्रीडम सीरीज़ भी कहा जाता है क्योंकि दोनों देशों ने ही स्वतंत्रता और रंगभेद के लिये वर्षाें तक जंग लड़ी है जो हिंसा और मारकाट के बजाय शांति और अहिंसा के जरिये चली। भारत की आज़ादी के पुरोधा महात्मा गांधी का भी दक्षिण अफ्रीका से नाता रहा है और ऐसे में दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड(सीएसए) ने टेस्ट सीरीज़ से पहले जो प्रमोशनल वीडियो जारी किया है उसमें दोनों देशों के इतिहास की बेहतरीन झलक दिखाई देती है। दक्षिण अफ्रीका और भारत की आज़ादी की लड़ाई के साथ साथ दोनों देशों में क्रिकेट को लेकर भी जुनून है और अपारथिड मूवमेंट या रंगभेद नीति के समाप्त होने के बाद जब दक्षिण अफ्रीका से बैन हटाया गया तब भारत वर्ष 1992 में वह पहली अंतरराष्ट्रीय टीम थी जिसने अफ्रीकी मुल्क का दौरा कर वहां सबसे पहले सीरीज़ खेली थी।इस प्राेमो में बापू के साथ साथ उस पहली सीरीज की भी झलक दिखाई देती है।"/> नयी दिल्ली, भारत और दक्षिण अफ्रीका की स्वतंत्रता के लिये ब्रिटिश राज के खिलाफ अहिंसा की लड़ाई और राष्ट्रपति महात्मा गांधी के योगदान की खूबसूरत और ऐतिहासिक झलक के साथ दोनों मुल्कों के क्रिकेट के लिये जुनून ने पांच जनवरी से शुरू होने वाली ‘फ्रीडम सीरीज़ 2018’ के प्रमोशन वीडियो को खास बना दिया है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज़ को फ्रीडम सीरीज़ भी कहा जाता है क्योंकि दोनों देशों ने ही स्वतंत्रता और रंगभेद के लिये वर्षाें तक जंग लड़ी है जो हिंसा और मारकाट के बजाय शांति और अहिंसा के जरिये चली। भारत की आज़ादी के पुरोधा महात्मा गांधी का भी दक्षिण अफ्रीका से नाता रहा है और ऐसे में दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड(सीएसए) ने टेस्ट सीरीज़ से पहले जो प्रमोशनल वीडियो जारी किया है उसमें दोनों देशों के इतिहास की बेहतरीन झलक दिखाई देती है। दक्षिण अफ्रीका और भारत की आज़ादी की लड़ाई के साथ साथ दोनों देशों में क्रिकेट को लेकर भी जुनून है और अपारथिड मूवमेंट या रंगभेद नीति के समाप्त होने के बाद जब दक्षिण अफ्रीका से बैन हटाया गया तब भारत वर्ष 1992 में वह पहली अंतरराष्ट्रीय टीम थी जिसने अफ्रीकी मुल्क का दौरा कर वहां सबसे पहले सीरीज़ खेली थी।इस प्राेमो में बापू के साथ साथ उस पहली सीरीज की भी झलक दिखाई देती है।"/> नयी दिल्ली, भारत और दक्षिण अफ्रीका की स्वतंत्रता के लिये ब्रिटिश राज के खिलाफ अहिंसा की लड़ाई और राष्ट्रपति महात्मा गांधी के योगदान की खूबसूरत और ऐतिहासिक झलक के साथ दोनों मुल्कों के क्रिकेट के लिये जुनून ने पांच जनवरी से शुरू होने वाली ‘फ्रीडम सीरीज़ 2018’ के प्रमोशन वीडियो को खास बना दिया है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज़ को फ्रीडम सीरीज़ भी कहा जाता है क्योंकि दोनों देशों ने ही स्वतंत्रता और रंगभेद के लिये वर्षाें तक जंग लड़ी है जो हिंसा और मारकाट के बजाय शांति और अहिंसा के जरिये चली। भारत की आज़ादी के पुरोधा महात्मा गांधी का भी दक्षिण अफ्रीका से नाता रहा है और ऐसे में दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड(सीएसए) ने टेस्ट सीरीज़ से पहले जो प्रमोशनल वीडियो जारी किया है उसमें दोनों देशों के इतिहास की बेहतरीन झलक दिखाई देती है। दक्षिण अफ्रीका और भारत की आज़ादी की लड़ाई के साथ साथ दोनों देशों में क्रिकेट को लेकर भी जुनून है और अपारथिड मूवमेंट या रंगभेद नीति के समाप्त होने के बाद जब दक्षिण अफ्रीका से बैन हटाया गया तब भारत वर्ष 1992 में वह पहली अंतरराष्ट्रीय टीम थी जिसने अफ्रीकी मुल्क का दौरा कर वहां सबसे पहले सीरीज़ खेली थी।इस प्राेमो में बापू के साथ साथ उस पहली सीरीज की भी झलक दिखाई देती है।">

‘फ्रीडम सीरीज़’ प्रोमो में दिखी बापू की झलक

2018/01/03



नयी दिल्ली, भारत और दक्षिण अफ्रीका की स्वतंत्रता के लिये ब्रिटिश राज के खिलाफ अहिंसा की लड़ाई और राष्ट्रपति महात्मा गांधी के योगदान की खूबसूरत और ऐतिहासिक झलक के साथ दोनों मुल्कों के क्रिकेट के लिये जुनून ने पांच जनवरी से शुरू होने वाली ‘फ्रीडम सीरीज़ 2018’ के प्रमोशन वीडियो को खास बना दिया है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज़ को फ्रीडम सीरीज़ भी कहा जाता है क्योंकि दोनों देशों ने ही स्वतंत्रता और रंगभेद के लिये वर्षाें तक जंग लड़ी है जो हिंसा और मारकाट के बजाय शांति और अहिंसा के जरिये चली। भारत की आज़ादी के पुरोधा महात्मा गांधी का भी दक्षिण अफ्रीका से नाता रहा है और ऐसे में दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड(सीएसए) ने टेस्ट सीरीज़ से पहले जो प्रमोशनल वीडियो जारी किया है उसमें दोनों देशों के इतिहास की बेहतरीन झलक दिखाई देती है। दक्षिण अफ्रीका और भारत की आज़ादी की लड़ाई के साथ साथ दोनों देशों में क्रिकेट को लेकर भी जुनून है और अपारथिड मूवमेंट या रंगभेद नीति के समाप्त होने के बाद जब दक्षिण अफ्रीका से बैन हटाया गया तब भारत वर्ष 1992 में वह पहली अंतरराष्ट्रीय टीम थी जिसने अफ्रीकी मुल्क का दौरा कर वहां सबसे पहले सीरीज़ खेली थी।इस प्राेमो में बापू के साथ साथ उस पहली सीरीज की भी झलक दिखाई देती है।


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