Breaking News :

इस्लामाबाद, अमेरिका ने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए -तैयबा के सरगना एवं मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की कथित राजनीतिक पार्टी ‘मिल्ली मुस्लिम लीग’(एमएमएल) को आतंकवादी पार्टी घोषित किया है। अमेरिका ने यह कदम एेसे समय उठाया है जब पाकिस्तान इस पार्टी को राजनीतिक दर्जा देने की कवायद में लगा है। अमेरिका लश्कर को बहुत पहले ही विदेशी और वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और उसने हाफिज के सिर पर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर का इनाम भी घोषित कर रखा है। भारत ने अमेरिका के इस कदम का स्वागत किया है। हाफिज की राजनीतिक पार्टी एमएमएल उस समय चर्चा में आयी थी जब उसने सितम्बर 2017 के उप चुनाव में अपने उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने की कोशिश की थी। पनामा पेेपर्स लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपदस्थ कर दिया था जिसके बाद खाली हुयी सीट के लिए कराये गये उप चुनाव में एमएमएल ने अपना उम्मीदवार खड़ा करने का प्रयास किया था। अक्टूबर 2017 को पाकिस्तान चुनाव आयोग ने एमएमएल को चुनाव लड़ने से यह कह कर मना किर दिया कि उसके सम्पर्क आतंकवादी संगठन से हैं और यह पार्टी चुनाव आयोग के साथ पंजीकृत नहीं हो सकती है लेकिन पिछले माह इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने चुनाव अायोग को एमएमएल को पंजीकृत करने का आदेश दिया था।"/> इस्लामाबाद, अमेरिका ने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए -तैयबा के सरगना एवं मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की कथित राजनीतिक पार्टी ‘मिल्ली मुस्लिम लीग’(एमएमएल) को आतंकवादी पार्टी घोषित किया है। अमेरिका ने यह कदम एेसे समय उठाया है जब पाकिस्तान इस पार्टी को राजनीतिक दर्जा देने की कवायद में लगा है। अमेरिका लश्कर को बहुत पहले ही विदेशी और वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और उसने हाफिज के सिर पर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर का इनाम भी घोषित कर रखा है। भारत ने अमेरिका के इस कदम का स्वागत किया है। हाफिज की राजनीतिक पार्टी एमएमएल उस समय चर्चा में आयी थी जब उसने सितम्बर 2017 के उप चुनाव में अपने उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने की कोशिश की थी। पनामा पेेपर्स लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपदस्थ कर दिया था जिसके बाद खाली हुयी सीट के लिए कराये गये उप चुनाव में एमएमएल ने अपना उम्मीदवार खड़ा करने का प्रयास किया था। अक्टूबर 2017 को पाकिस्तान चुनाव आयोग ने एमएमएल को चुनाव लड़ने से यह कह कर मना किर दिया कि उसके सम्पर्क आतंकवादी संगठन से हैं और यह पार्टी चुनाव आयोग के साथ पंजीकृत नहीं हो सकती है लेकिन पिछले माह इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने चुनाव अायोग को एमएमएल को पंजीकृत करने का आदेश दिया था।"/> इस्लामाबाद, अमेरिका ने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए -तैयबा के सरगना एवं मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की कथित राजनीतिक पार्टी ‘मिल्ली मुस्लिम लीग’(एमएमएल) को आतंकवादी पार्टी घोषित किया है। अमेरिका ने यह कदम एेसे समय उठाया है जब पाकिस्तान इस पार्टी को राजनीतिक दर्जा देने की कवायद में लगा है। अमेरिका लश्कर को बहुत पहले ही विदेशी और वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और उसने हाफिज के सिर पर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर का इनाम भी घोषित कर रखा है। भारत ने अमेरिका के इस कदम का स्वागत किया है। हाफिज की राजनीतिक पार्टी एमएमएल उस समय चर्चा में आयी थी जब उसने सितम्बर 2017 के उप चुनाव में अपने उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने की कोशिश की थी। पनामा पेेपर्स लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपदस्थ कर दिया था जिसके बाद खाली हुयी सीट के लिए कराये गये उप चुनाव में एमएमएल ने अपना उम्मीदवार खड़ा करने का प्रयास किया था। अक्टूबर 2017 को पाकिस्तान चुनाव आयोग ने एमएमएल को चुनाव लड़ने से यह कह कर मना किर दिया कि उसके सम्पर्क आतंकवादी संगठन से हैं और यह पार्टी चुनाव आयोग के साथ पंजीकृत नहीं हो सकती है लेकिन पिछले माह इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने चुनाव अायोग को एमएमएल को पंजीकृत करने का आदेश दिया था।">

हाफिज सईद की मिल्ली मुस्लिम लीग आतंकवादी पार्टी घोषित

2018/04/03



इस्लामाबाद, अमेरिका ने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए -तैयबा के सरगना एवं मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की कथित राजनीतिक पार्टी ‘मिल्ली मुस्लिम लीग’(एमएमएल) को आतंकवादी पार्टी घोषित किया है। अमेरिका ने यह कदम एेसे समय उठाया है जब पाकिस्तान इस पार्टी को राजनीतिक दर्जा देने की कवायद में लगा है। अमेरिका लश्कर को बहुत पहले ही विदेशी और वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और उसने हाफिज के सिर पर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर का इनाम भी घोषित कर रखा है। भारत ने अमेरिका के इस कदम का स्वागत किया है। हाफिज की राजनीतिक पार्टी एमएमएल उस समय चर्चा में आयी थी जब उसने सितम्बर 2017 के उप चुनाव में अपने उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने की कोशिश की थी। पनामा पेेपर्स लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपदस्थ कर दिया था जिसके बाद खाली हुयी सीट के लिए कराये गये उप चुनाव में एमएमएल ने अपना उम्मीदवार खड़ा करने का प्रयास किया था। अक्टूबर 2017 को पाकिस्तान चुनाव आयोग ने एमएमएल को चुनाव लड़ने से यह कह कर मना किर दिया कि उसके सम्पर्क आतंकवादी संगठन से हैं और यह पार्टी चुनाव आयोग के साथ पंजीकृत नहीं हो सकती है लेकिन पिछले माह इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने चुनाव अायोग को एमएमएल को पंजीकृत करने का आदेश दिया था।


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts