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नेता प्रतिपक्ष से निगम अमले की तकरार नवभारत न्यूज भोपाल, हां हम जिनसे पैसे लेते हैं, उनकी दुकान नहीं हटाते. नेता प्रतिपक्ष मो. सगीर को यह जवाब अतिक्रमण हटाने आये अमले ने दिया. दरअसल दोपहर 3 बजे के आसपास अतिक्रमण विरोधी दस्ता एम.पी. नगर प्रेस परिसर पहुंचा. वह कार्रवाई को अंजाम देता, इससे पहले ही नेता प्रतिपक्ष पहुंच गये और तकरार होने लगी. बीडीए के सामने जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, वैसे ही सगीर ने निगम अमले से कहा कि व्यापारियों को रोजगार कमाने दो, इस पर जवाब मिला कि हम कार्रवाई करते हैं, तो आप रोकते हैं. हम कार्रवाई न करें तो आप शिकायत करते हैं. इस जवाब से नेता प्रतिपक्ष नाराज हो गये. उन्होंने सडक़ के दूसरी तरफ लगी करीब 50 दुकानों की तरफ इशारा कर कहा कि वहां कार्रवाई क्यों नहीं करते, तो जवाब मिला वहां से हम पैसे लेते हैं, आपको जो करना हो करो. बाद में अतिक्रमण विरोधी अमले ने करीब 40 दुकानें छोड़ दीं और तीन-चार दुकानों का सामान उठा कर ले गये. दुकान बंद करने के बाद भी तोड़ा फर्नीचर प्रेस परिसर में भगवान गुप्ता ने दुकान बंद कर ली थी. इसके बावजूद दुकान का फर्नीचर इस तरह पटका कि वह टूट गया. निगम अमले का कहना था कि दुकानदार गंदगी भी साफ नहीं करते हैं. ऐसे में कैसे शहर स्वच्छ रहेगा. हमारा रोजगार छीना, अब क्या भीख मांगें एम.पी. नगर में पिछले बीस साले से चाय की दुकान लगा रहे अयूब का कहना है कि हर तीसरे दिन सिर्फ उसकी दुकान उठाई जाती है, जबकि वे तहबाजारी भी देते हैं एवं अमले के लोग चाय-नाश्ता भी डकार जाते हैं. "अतिक्रमण अमला चुनिंदा दुकानों पर ही कार्रवाई करता है. हम मामला परिषद में उठायेंगे." -मो. सगीर नेता प्रतिपक्ष नगर निगम "हम पूरी सफाई रखते हैं. तहबाजारी देते हैं एवं जुर्माना भी भरते हैं. उसके बावजूद हमें बेदखल किया जाता है." -भगवान गुप्ता, दुकानदार  "/> नेता प्रतिपक्ष से निगम अमले की तकरार नवभारत न्यूज भोपाल, हां हम जिनसे पैसे लेते हैं, उनकी दुकान नहीं हटाते. नेता प्रतिपक्ष मो. सगीर को यह जवाब अतिक्रमण हटाने आये अमले ने दिया. दरअसल दोपहर 3 बजे के आसपास अतिक्रमण विरोधी दस्ता एम.पी. नगर प्रेस परिसर पहुंचा. वह कार्रवाई को अंजाम देता, इससे पहले ही नेता प्रतिपक्ष पहुंच गये और तकरार होने लगी. बीडीए के सामने जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, वैसे ही सगीर ने निगम अमले से कहा कि व्यापारियों को रोजगार कमाने दो, इस पर जवाब मिला कि हम कार्रवाई करते हैं, तो आप रोकते हैं. हम कार्रवाई न करें तो आप शिकायत करते हैं. इस जवाब से नेता प्रतिपक्ष नाराज हो गये. उन्होंने सडक़ के दूसरी तरफ लगी करीब 50 दुकानों की तरफ इशारा कर कहा कि वहां कार्रवाई क्यों नहीं करते, तो जवाब मिला वहां से हम पैसे लेते हैं, आपको जो करना हो करो. बाद में अतिक्रमण विरोधी अमले ने करीब 40 दुकानें छोड़ दीं और तीन-चार दुकानों का सामान उठा कर ले गये. दुकान बंद करने के बाद भी तोड़ा फर्नीचर प्रेस परिसर में भगवान गुप्ता ने दुकान बंद कर ली थी. इसके बावजूद दुकान का फर्नीचर इस तरह पटका कि वह टूट गया. निगम अमले का कहना था कि दुकानदार गंदगी भी साफ नहीं करते हैं. ऐसे में कैसे शहर स्वच्छ रहेगा. हमारा रोजगार छीना, अब क्या भीख मांगें एम.पी. नगर में पिछले बीस साले से चाय की दुकान लगा रहे अयूब का कहना है कि हर तीसरे दिन सिर्फ उसकी दुकान उठाई जाती है, जबकि वे तहबाजारी भी देते हैं एवं अमले के लोग चाय-नाश्ता भी डकार जाते हैं. "अतिक्रमण अमला चुनिंदा दुकानों पर ही कार्रवाई करता है. हम मामला परिषद में उठायेंगे." -मो. सगीर नेता प्रतिपक्ष नगर निगम "हम पूरी सफाई रखते हैं. तहबाजारी देते हैं एवं जुर्माना भी भरते हैं. उसके बावजूद हमें बेदखल किया जाता है." -भगवान गुप्ता, दुकानदार  "/> नेता प्रतिपक्ष से निगम अमले की तकरार नवभारत न्यूज भोपाल, हां हम जिनसे पैसे लेते हैं, उनकी दुकान नहीं हटाते. नेता प्रतिपक्ष मो. सगीर को यह जवाब अतिक्रमण हटाने आये अमले ने दिया. दरअसल दोपहर 3 बजे के आसपास अतिक्रमण विरोधी दस्ता एम.पी. नगर प्रेस परिसर पहुंचा. वह कार्रवाई को अंजाम देता, इससे पहले ही नेता प्रतिपक्ष पहुंच गये और तकरार होने लगी. बीडीए के सामने जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, वैसे ही सगीर ने निगम अमले से कहा कि व्यापारियों को रोजगार कमाने दो, इस पर जवाब मिला कि हम कार्रवाई करते हैं, तो आप रोकते हैं. हम कार्रवाई न करें तो आप शिकायत करते हैं. इस जवाब से नेता प्रतिपक्ष नाराज हो गये. उन्होंने सडक़ के दूसरी तरफ लगी करीब 50 दुकानों की तरफ इशारा कर कहा कि वहां कार्रवाई क्यों नहीं करते, तो जवाब मिला वहां से हम पैसे लेते हैं, आपको जो करना हो करो. बाद में अतिक्रमण विरोधी अमले ने करीब 40 दुकानें छोड़ दीं और तीन-चार दुकानों का सामान उठा कर ले गये. दुकान बंद करने के बाद भी तोड़ा फर्नीचर प्रेस परिसर में भगवान गुप्ता ने दुकान बंद कर ली थी. इसके बावजूद दुकान का फर्नीचर इस तरह पटका कि वह टूट गया. निगम अमले का कहना था कि दुकानदार गंदगी भी साफ नहीं करते हैं. ऐसे में कैसे शहर स्वच्छ रहेगा. हमारा रोजगार छीना, अब क्या भीख मांगें एम.पी. नगर में पिछले बीस साले से चाय की दुकान लगा रहे अयूब का कहना है कि हर तीसरे दिन सिर्फ उसकी दुकान उठाई जाती है, जबकि वे तहबाजारी भी देते हैं एवं अमले के लोग चाय-नाश्ता भी डकार जाते हैं. "अतिक्रमण अमला चुनिंदा दुकानों पर ही कार्रवाई करता है. हम मामला परिषद में उठायेंगे." -मो. सगीर नेता प्रतिपक्ष नगर निगम "हम पूरी सफाई रखते हैं. तहबाजारी देते हैं एवं जुर्माना भी भरते हैं. उसके बावजूद हमें बेदखल किया जाता है." -भगवान गुप्ता, दुकानदार  ">

हां हम जिनसे पैसे लेते हैं, उनकी दुकान नहीं उठाते

2018/01/17



नेता प्रतिपक्ष से निगम अमले की तकरार

नवभारत न्यूज भोपाल, हां हम जिनसे पैसे लेते हैं, उनकी दुकान नहीं हटाते. नेता प्रतिपक्ष मो. सगीर को यह जवाब अतिक्रमण हटाने आये अमले ने दिया. दरअसल दोपहर 3 बजे के आसपास अतिक्रमण विरोधी दस्ता एम.पी. नगर प्रेस परिसर पहुंचा. वह कार्रवाई को अंजाम देता, इससे पहले ही नेता प्रतिपक्ष पहुंच गये और तकरार होने लगी. बीडीए के सामने जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, वैसे ही सगीर ने निगम अमले से कहा कि व्यापारियों को रोजगार कमाने दो, इस पर जवाब मिला कि हम कार्रवाई करते हैं, तो आप रोकते हैं. हम कार्रवाई न करें तो आप शिकायत करते हैं. इस जवाब से नेता प्रतिपक्ष नाराज हो गये. उन्होंने सडक़ के दूसरी तरफ लगी करीब 50 दुकानों की तरफ इशारा कर कहा कि वहां कार्रवाई क्यों नहीं करते, तो जवाब मिला वहां से हम पैसे लेते हैं, आपको जो करना हो करो. बाद में अतिक्रमण विरोधी अमले ने करीब 40 दुकानें छोड़ दीं और तीन-चार दुकानों का सामान उठा कर ले गये. दुकान बंद करने के बाद भी तोड़ा फर्नीचर प्रेस परिसर में भगवान गुप्ता ने दुकान बंद कर ली थी. इसके बावजूद दुकान का फर्नीचर इस तरह पटका कि वह टूट गया. निगम अमले का कहना था कि दुकानदार गंदगी भी साफ नहीं करते हैं. ऐसे में कैसे शहर स्वच्छ रहेगा. हमारा रोजगार छीना, अब क्या भीख मांगें एम.पी. नगर में पिछले बीस साले से चाय की दुकान लगा रहे अयूब का कहना है कि हर तीसरे दिन सिर्फ उसकी दुकान उठाई जाती है, जबकि वे तहबाजारी भी देते हैं एवं अमले के लोग चाय-नाश्ता भी डकार जाते हैं. "अतिक्रमण अमला चुनिंदा दुकानों पर ही कार्रवाई करता है. हम मामला परिषद में उठायेंगे." -मो. सगीर नेता प्रतिपक्ष नगर निगम "हम पूरी सफाई रखते हैं. तहबाजारी देते हैं एवं जुर्माना भी भरते हैं. उसके बावजूद हमें बेदखल किया जाता है." -भगवान गुप्ता, दुकानदार  


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