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पादुका पूजन समारोह में बोले शंकराचार्य भोपाल, गोवर्धनपुरी पीठ के जगदगुरू स्वामी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि हमारी सज्जनता को दुर्बलता ने समझा जाए. वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा के निवास पर आयोजित पादुका पूजन समारोह में उपस्थित हुए थे. वह इसके बाद लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे थे. इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, विधान सभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा सहित कई मंत्री व विधायक मौजूद थे. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से संबंधित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को स्वप्रेरणा से राम जन्म भूमि से अधिकार छोड़ देना चाहिए. क्योंकि यह सनातन आस्था का प्रतीक है. बीती सरकारों द्वारा कराई गई जांच में पुरातत्व विभाग इस बात की पुष्टि कर चुका है कि यहां मंदिर के अलावा कोई दूसरा निर्माण नहीं था. यह हो भी कैसे सकता है कि जब से मंदिर बना है, तब न मुस्लिम धर्म था और न ही इसाईयत का उदय हुआ था. यहां बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री गौर ने यह कहते मामला उठाया था, कि रामलला टेंट में है, आपका क्या कहना है. जवाब देते हुए जगद्गुरू ने कहा कि जहां है वहीं रामलला का मंदिर बनेगा. यहां उनके द्वारा कही गई इस बात के मायने निकाले जा रहे हैं कि जिसमें उन्होंने कहा है, अंग्रेजों की कूटनीति के कारण पाकिस्तान और हिन्दुस्तान बना. बटबारे का औचित्य समझें तो हिन्दुस्तान में यह पता ही नहीं चल पा रहा है. ऐसी स्थिति में सज्जनता को दुर्बलता नहीं समझा जाना चाहिए. हम अपने शास्त्र धर्म की रक्षा करना जानते हैं. इसके लिए उन्होंने रोंहिग्या मुसलमानों का उदाहरण भी दिया. धर्म सभा से पहले महाराज श्री ने कई व्यक्तियों को दीक्षा भी प्रदान की.यह थे उपस्थित-पारस जैन, लाल सिंह आर्य, विश्वास सारंग, दीपक जोशी, माखन सिंह, रमेश शर्मा गुट्टू भैया."/> पादुका पूजन समारोह में बोले शंकराचार्य भोपाल, गोवर्धनपुरी पीठ के जगदगुरू स्वामी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि हमारी सज्जनता को दुर्बलता ने समझा जाए. वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा के निवास पर आयोजित पादुका पूजन समारोह में उपस्थित हुए थे. वह इसके बाद लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे थे. इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, विधान सभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा सहित कई मंत्री व विधायक मौजूद थे. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से संबंधित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को स्वप्रेरणा से राम जन्म भूमि से अधिकार छोड़ देना चाहिए. क्योंकि यह सनातन आस्था का प्रतीक है. बीती सरकारों द्वारा कराई गई जांच में पुरातत्व विभाग इस बात की पुष्टि कर चुका है कि यहां मंदिर के अलावा कोई दूसरा निर्माण नहीं था. यह हो भी कैसे सकता है कि जब से मंदिर बना है, तब न मुस्लिम धर्म था और न ही इसाईयत का उदय हुआ था. यहां बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री गौर ने यह कहते मामला उठाया था, कि रामलला टेंट में है, आपका क्या कहना है. जवाब देते हुए जगद्गुरू ने कहा कि जहां है वहीं रामलला का मंदिर बनेगा. यहां उनके द्वारा कही गई इस बात के मायने निकाले जा रहे हैं कि जिसमें उन्होंने कहा है, अंग्रेजों की कूटनीति के कारण पाकिस्तान और हिन्दुस्तान बना. बटबारे का औचित्य समझें तो हिन्दुस्तान में यह पता ही नहीं चल पा रहा है. ऐसी स्थिति में सज्जनता को दुर्बलता नहीं समझा जाना चाहिए. हम अपने शास्त्र धर्म की रक्षा करना जानते हैं. इसके लिए उन्होंने रोंहिग्या मुसलमानों का उदाहरण भी दिया. धर्म सभा से पहले महाराज श्री ने कई व्यक्तियों को दीक्षा भी प्रदान की.यह थे उपस्थित-पारस जैन, लाल सिंह आर्य, विश्वास सारंग, दीपक जोशी, माखन सिंह, रमेश शर्मा गुट्टू भैया."/> पादुका पूजन समारोह में बोले शंकराचार्य भोपाल, गोवर्धनपुरी पीठ के जगदगुरू स्वामी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि हमारी सज्जनता को दुर्बलता ने समझा जाए. वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा के निवास पर आयोजित पादुका पूजन समारोह में उपस्थित हुए थे. वह इसके बाद लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे थे. इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, विधान सभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा सहित कई मंत्री व विधायक मौजूद थे. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से संबंधित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को स्वप्रेरणा से राम जन्म भूमि से अधिकार छोड़ देना चाहिए. क्योंकि यह सनातन आस्था का प्रतीक है. बीती सरकारों द्वारा कराई गई जांच में पुरातत्व विभाग इस बात की पुष्टि कर चुका है कि यहां मंदिर के अलावा कोई दूसरा निर्माण नहीं था. यह हो भी कैसे सकता है कि जब से मंदिर बना है, तब न मुस्लिम धर्म था और न ही इसाईयत का उदय हुआ था. यहां बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री गौर ने यह कहते मामला उठाया था, कि रामलला टेंट में है, आपका क्या कहना है. जवाब देते हुए जगद्गुरू ने कहा कि जहां है वहीं रामलला का मंदिर बनेगा. यहां उनके द्वारा कही गई इस बात के मायने निकाले जा रहे हैं कि जिसमें उन्होंने कहा है, अंग्रेजों की कूटनीति के कारण पाकिस्तान और हिन्दुस्तान बना. बटबारे का औचित्य समझें तो हिन्दुस्तान में यह पता ही नहीं चल पा रहा है. ऐसी स्थिति में सज्जनता को दुर्बलता नहीं समझा जाना चाहिए. हम अपने शास्त्र धर्म की रक्षा करना जानते हैं. इसके लिए उन्होंने रोंहिग्या मुसलमानों का उदाहरण भी दिया. धर्म सभा से पहले महाराज श्री ने कई व्यक्तियों को दीक्षा भी प्रदान की.यह थे उपस्थित-पारस जैन, लाल सिंह आर्य, विश्वास सारंग, दीपक जोशी, माखन सिंह, रमेश शर्मा गुट्टू भैया.">

हमारी सज्जनता को दुर्बलता न समझें

2017/11/27



पादुका पूजन समारोह में बोले शंकराचार्य भोपाल, गोवर्धनपुरी पीठ के जगदगुरू स्वामी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि हमारी सज्जनता को दुर्बलता ने समझा जाए. वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा के निवास पर आयोजित पादुका पूजन समारोह में उपस्थित हुए थे. वह इसके बाद लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे थे. इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, विधान सभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा सहित कई मंत्री व विधायक मौजूद थे. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से संबंधित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को स्वप्रेरणा से राम जन्म भूमि से अधिकार छोड़ देना चाहिए. क्योंकि यह सनातन आस्था का प्रतीक है. बीती सरकारों द्वारा कराई गई जांच में पुरातत्व विभाग इस बात की पुष्टि कर चुका है कि यहां मंदिर के अलावा कोई दूसरा निर्माण नहीं था. यह हो भी कैसे सकता है कि जब से मंदिर बना है, तब न मुस्लिम धर्म था और न ही इसाईयत का उदय हुआ था. यहां बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री गौर ने यह कहते मामला उठाया था, कि रामलला टेंट में है, आपका क्या कहना है. जवाब देते हुए जगद्गुरू ने कहा कि जहां है वहीं रामलला का मंदिर बनेगा. यहां उनके द्वारा कही गई इस बात के मायने निकाले जा रहे हैं कि जिसमें उन्होंने कहा है, अंग्रेजों की कूटनीति के कारण पाकिस्तान और हिन्दुस्तान बना. बटबारे का औचित्य समझें तो हिन्दुस्तान में यह पता ही नहीं चल पा रहा है. ऐसी स्थिति में सज्जनता को दुर्बलता नहीं समझा जाना चाहिए. हम अपने शास्त्र धर्म की रक्षा करना जानते हैं. इसके लिए उन्होंने रोंहिग्या मुसलमानों का उदाहरण भी दिया. धर्म सभा से पहले महाराज श्री ने कई व्यक्तियों को दीक्षा भी प्रदान की.यह थे उपस्थित-पारस जैन, लाल सिंह आर्य, विश्वास सारंग, दीपक जोशी, माखन सिंह, रमेश शर्मा गुट्टू भैया.


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