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नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सामाजिक बुराइयों को दूर कर स्वामी विवेकानंद के सपनों का देश बनाने के लिए लोगों विशेषकर युवा वर्ग से आगे आने का आह्वान किया है ताकि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का निर्माण हो सके। श्री मोदी ने स्वामी विवेकान्द के अमेरिका के शिकागो शहर में दिए गए भाषण की 125वीं जयन्ती के मौके पर दीनदयाल शोध संस्थान की ओर से आज विज्ञान भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हए यह आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज से सवा सौ साल पहले विवेकानंद ने मात्र 30 वर्ष की उम्र में शिकागो में 11 सितम्बर 1893 में ऐतिहासिक भाषण दिया था जिस से पूरी दुनिया में उनकी ख्याति फ़ैल गयी थी। अगर दुनिया ने उनके भाषणों के सन्देश को अपनाया होता तो अमेरिका की धरती पर 9/ 11 जैसी घटना नहीं होती। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें स्वामी विवेकानंद के इस भाषण के सौ साल पूरे होने पर शिकागो शहर के उस सभागार में जाने का अवसर प्राप्त हुआ जिसमें उन्होंने वह ऐतिहासिक भाषण दिया था। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने मात्र 30 वर्ष की उम्र में दुनिया को रास्ता दिखाया और भारत का गौरव बढाया था। वह देश से बाहर भारत की महान सांस्कृतिक विरासत और परम्परा का जिक्र जरुर करते थे और उस पर गौरव भी करते थे लेकिन वह देश में व्याप्त सामाजिक बुराइयों की भी चर्चा करते थे और उन्हें दूर करने की बात कहते थे। वह जन सेवा को ही प्रभु सेवा मानते थे और इसलिए मंदिरों में पूजा पाठ की जगह जनता की सेवा करने की बात करते थे। श्री माेदी ने कहा इस समय देश में स्वामी विवेकानंद से कम उम्र की 65 प्रतिशत आबादी है और उसे भी सामाजिक बुराइयों को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए और नारी का सम्मान करना चाहिए।"/> नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सामाजिक बुराइयों को दूर कर स्वामी विवेकानंद के सपनों का देश बनाने के लिए लोगों विशेषकर युवा वर्ग से आगे आने का आह्वान किया है ताकि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का निर्माण हो सके। श्री मोदी ने स्वामी विवेकान्द के अमेरिका के शिकागो शहर में दिए गए भाषण की 125वीं जयन्ती के मौके पर दीनदयाल शोध संस्थान की ओर से आज विज्ञान भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हए यह आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज से सवा सौ साल पहले विवेकानंद ने मात्र 30 वर्ष की उम्र में शिकागो में 11 सितम्बर 1893 में ऐतिहासिक भाषण दिया था जिस से पूरी दुनिया में उनकी ख्याति फ़ैल गयी थी। अगर दुनिया ने उनके भाषणों के सन्देश को अपनाया होता तो अमेरिका की धरती पर 9/ 11 जैसी घटना नहीं होती। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें स्वामी विवेकानंद के इस भाषण के सौ साल पूरे होने पर शिकागो शहर के उस सभागार में जाने का अवसर प्राप्त हुआ जिसमें उन्होंने वह ऐतिहासिक भाषण दिया था। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने मात्र 30 वर्ष की उम्र में दुनिया को रास्ता दिखाया और भारत का गौरव बढाया था। वह देश से बाहर भारत की महान सांस्कृतिक विरासत और परम्परा का जिक्र जरुर करते थे और उस पर गौरव भी करते थे लेकिन वह देश में व्याप्त सामाजिक बुराइयों की भी चर्चा करते थे और उन्हें दूर करने की बात कहते थे। वह जन सेवा को ही प्रभु सेवा मानते थे और इसलिए मंदिरों में पूजा पाठ की जगह जनता की सेवा करने की बात करते थे। श्री माेदी ने कहा इस समय देश में स्वामी विवेकानंद से कम उम्र की 65 प्रतिशत आबादी है और उसे भी सामाजिक बुराइयों को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए और नारी का सम्मान करना चाहिए।"/> नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सामाजिक बुराइयों को दूर कर स्वामी विवेकानंद के सपनों का देश बनाने के लिए लोगों विशेषकर युवा वर्ग से आगे आने का आह्वान किया है ताकि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का निर्माण हो सके। श्री मोदी ने स्वामी विवेकान्द के अमेरिका के शिकागो शहर में दिए गए भाषण की 125वीं जयन्ती के मौके पर दीनदयाल शोध संस्थान की ओर से आज विज्ञान भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हए यह आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज से सवा सौ साल पहले विवेकानंद ने मात्र 30 वर्ष की उम्र में शिकागो में 11 सितम्बर 1893 में ऐतिहासिक भाषण दिया था जिस से पूरी दुनिया में उनकी ख्याति फ़ैल गयी थी। अगर दुनिया ने उनके भाषणों के सन्देश को अपनाया होता तो अमेरिका की धरती पर 9/ 11 जैसी घटना नहीं होती। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें स्वामी विवेकानंद के इस भाषण के सौ साल पूरे होने पर शिकागो शहर के उस सभागार में जाने का अवसर प्राप्त हुआ जिसमें उन्होंने वह ऐतिहासिक भाषण दिया था। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने मात्र 30 वर्ष की उम्र में दुनिया को रास्ता दिखाया और भारत का गौरव बढाया था। वह देश से बाहर भारत की महान सांस्कृतिक विरासत और परम्परा का जिक्र जरुर करते थे और उस पर गौरव भी करते थे लेकिन वह देश में व्याप्त सामाजिक बुराइयों की भी चर्चा करते थे और उन्हें दूर करने की बात कहते थे। वह जन सेवा को ही प्रभु सेवा मानते थे और इसलिए मंदिरों में पूजा पाठ की जगह जनता की सेवा करने की बात करते थे। श्री माेदी ने कहा इस समय देश में स्वामी विवेकानंद से कम उम्र की 65 प्रतिशत आबादी है और उसे भी सामाजिक बुराइयों को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए और नारी का सम्मान करना चाहिए।">

स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत बनायें युवा : मोदी

2017/09/11



नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सामाजिक बुराइयों को दूर कर स्वामी विवेकानंद के सपनों का देश बनाने के लिए लोगों विशेषकर युवा वर्ग से आगे आने का आह्वान किया है ताकि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का निर्माण हो सके। श्री मोदी ने स्वामी विवेकान्द के अमेरिका के शिकागो शहर में दिए गए भाषण की 125वीं जयन्ती के मौके पर दीनदयाल शोध संस्थान की ओर से आज विज्ञान भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हए यह आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज से सवा सौ साल पहले विवेकानंद ने मात्र 30 वर्ष की उम्र में शिकागो में 11 सितम्बर 1893 में ऐतिहासिक भाषण दिया था जिस से पूरी दुनिया में उनकी ख्याति फ़ैल गयी थी। अगर दुनिया ने उनके भाषणों के सन्देश को अपनाया होता तो अमेरिका की धरती पर 9/ 11 जैसी घटना नहीं होती। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें स्वामी विवेकानंद के इस भाषण के सौ साल पूरे होने पर शिकागो शहर के उस सभागार में जाने का अवसर प्राप्त हुआ जिसमें उन्होंने वह ऐतिहासिक भाषण दिया था। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने मात्र 30 वर्ष की उम्र में दुनिया को रास्ता दिखाया और भारत का गौरव बढाया था। वह देश से बाहर भारत की महान सांस्कृतिक विरासत और परम्परा का जिक्र जरुर करते थे और उस पर गौरव भी करते थे लेकिन वह देश में व्याप्त सामाजिक बुराइयों की भी चर्चा करते थे और उन्हें दूर करने की बात कहते थे। वह जन सेवा को ही प्रभु सेवा मानते थे और इसलिए मंदिरों में पूजा पाठ की जगह जनता की सेवा करने की बात करते थे। श्री माेदी ने कहा इस समय देश में स्वामी विवेकानंद से कम उम्र की 65 प्रतिशत आबादी है और उसे भी सामाजिक बुराइयों को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए और नारी का सम्मान करना चाहिए।


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