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नयी दिल्ली, आंचल ठाकुर ने तुर्की में अंतरराष्ट्रीय स्की महासंघ (एफआईएस) के एल्पाइन एज़र 3200 कप टूर्नामेंट में कांस्य पदक हासिल कर देश को स्की में उसका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। मनाली की रहने वाली 21 साल की आंचल ने तुर्की के एरजुरूम स्थित पालनडोकेन स्की सेंटर में स्लालम वर्ग रेस में कांस्य पदक जीता। आंचल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इसकी जानकारी साझा की।उन्होंने पदक के साथ अपनी तस्वीर के साथ लिखा“ अंतत: मेरे साथ कुछ अविश्वसनीय हुआ।अंतरराष्ट्रीय स्की फेडरेशन के टूर्नामेंट में मैंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीता।अंत में तुर्की ने मुझे खास दिया।” वहीं आंचल के पिता और भारतीय शीतकालीन खेल महासंघ(डब्ल्यूजीएफआई) के महासचिव रौशन ठाकुर ने भी ट्विटर पर अपनी बेटी की कामयाबी पर खुशी जताई।उन्होंने लिखा“ भारत में स्की खेलों की दिशा में यह बड़ी कामयाबी है और खासकर स्की से जुड़े सभी लोगों के लिये यह गौरवान्वित करने वाला है।” पूर्व ओलंपियन रौशन ने हालांकि सरकार की ओर से स्की खेलों को नज़रअंदाज़ किये जाने और खिलाड़ियों को किसी तरह का समर्थन नहीं दिये जाने पर नाराज़गी प्रकट की।"/> नयी दिल्ली, आंचल ठाकुर ने तुर्की में अंतरराष्ट्रीय स्की महासंघ (एफआईएस) के एल्पाइन एज़र 3200 कप टूर्नामेंट में कांस्य पदक हासिल कर देश को स्की में उसका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। मनाली की रहने वाली 21 साल की आंचल ने तुर्की के एरजुरूम स्थित पालनडोकेन स्की सेंटर में स्लालम वर्ग रेस में कांस्य पदक जीता। आंचल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इसकी जानकारी साझा की।उन्होंने पदक के साथ अपनी तस्वीर के साथ लिखा“ अंतत: मेरे साथ कुछ अविश्वसनीय हुआ।अंतरराष्ट्रीय स्की फेडरेशन के टूर्नामेंट में मैंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीता।अंत में तुर्की ने मुझे खास दिया।” वहीं आंचल के पिता और भारतीय शीतकालीन खेल महासंघ(डब्ल्यूजीएफआई) के महासचिव रौशन ठाकुर ने भी ट्विटर पर अपनी बेटी की कामयाबी पर खुशी जताई।उन्होंने लिखा“ भारत में स्की खेलों की दिशा में यह बड़ी कामयाबी है और खासकर स्की से जुड़े सभी लोगों के लिये यह गौरवान्वित करने वाला है।” पूर्व ओलंपियन रौशन ने हालांकि सरकार की ओर से स्की खेलों को नज़रअंदाज़ किये जाने और खिलाड़ियों को किसी तरह का समर्थन नहीं दिये जाने पर नाराज़गी प्रकट की।"/> नयी दिल्ली, आंचल ठाकुर ने तुर्की में अंतरराष्ट्रीय स्की महासंघ (एफआईएस) के एल्पाइन एज़र 3200 कप टूर्नामेंट में कांस्य पदक हासिल कर देश को स्की में उसका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। मनाली की रहने वाली 21 साल की आंचल ने तुर्की के एरजुरूम स्थित पालनडोकेन स्की सेंटर में स्लालम वर्ग रेस में कांस्य पदक जीता। आंचल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इसकी जानकारी साझा की।उन्होंने पदक के साथ अपनी तस्वीर के साथ लिखा“ अंतत: मेरे साथ कुछ अविश्वसनीय हुआ।अंतरराष्ट्रीय स्की फेडरेशन के टूर्नामेंट में मैंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीता।अंत में तुर्की ने मुझे खास दिया।” वहीं आंचल के पिता और भारतीय शीतकालीन खेल महासंघ(डब्ल्यूजीएफआई) के महासचिव रौशन ठाकुर ने भी ट्विटर पर अपनी बेटी की कामयाबी पर खुशी जताई।उन्होंने लिखा“ भारत में स्की खेलों की दिशा में यह बड़ी कामयाबी है और खासकर स्की से जुड़े सभी लोगों के लिये यह गौरवान्वित करने वाला है।” पूर्व ओलंपियन रौशन ने हालांकि सरकार की ओर से स्की खेलों को नज़रअंदाज़ किये जाने और खिलाड़ियों को किसी तरह का समर्थन नहीं दिये जाने पर नाराज़गी प्रकट की।">

स्की में आंचल ने जीता देश का पहला अंतरराष्ट्रीय पदक

2018/01/10



नयी दिल्ली, आंचल ठाकुर ने तुर्की में अंतरराष्ट्रीय स्की महासंघ (एफआईएस) के एल्पाइन एज़र 3200 कप टूर्नामेंट में कांस्य पदक हासिल कर देश को स्की में उसका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। मनाली की रहने वाली 21 साल की आंचल ने तुर्की के एरजुरूम स्थित पालनडोकेन स्की सेंटर में स्लालम वर्ग रेस में कांस्य पदक जीता। आंचल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इसकी जानकारी साझा की।उन्होंने पदक के साथ अपनी तस्वीर के साथ लिखा“ अंतत: मेरे साथ कुछ अविश्वसनीय हुआ।अंतरराष्ट्रीय स्की फेडरेशन के टूर्नामेंट में मैंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीता।अंत में तुर्की ने मुझे खास दिया।” वहीं आंचल के पिता और भारतीय शीतकालीन खेल महासंघ(डब्ल्यूजीएफआई) के महासचिव रौशन ठाकुर ने भी ट्विटर पर अपनी बेटी की कामयाबी पर खुशी जताई।उन्होंने लिखा“ भारत में स्की खेलों की दिशा में यह बड़ी कामयाबी है और खासकर स्की से जुड़े सभी लोगों के लिये यह गौरवान्वित करने वाला है।” पूर्व ओलंपियन रौशन ने हालांकि सरकार की ओर से स्की खेलों को नज़रअंदाज़ किये जाने और खिलाड़ियों को किसी तरह का समर्थन नहीं दिये जाने पर नाराज़गी प्रकट की।


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