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मुंबई, नये कारोबार में बढोतरी के दम पर देश के सेवा क्षेत्र ने जनवरी में गत तीन माह की सबसे बडी तेजी दर्ज की और इसका निक्केई पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी सूचकांक दिसंबर के 50.9 से बढ़कर जनवरी में 51.7 पर पहुँच गया। निक्केई ने आज यहाँ जारी रिपोर्ट में बताया कि नये कारोबार में बढ़ोतरी इस सुधार की मुख्य वजह रही है।माह दर माह आधार पर खरीद प्रबंधकों के बीच कराये गये सर्वेक्षण पर आधारित इस सूचकांक का 50 से ऊपर रहना कारोबार में वृद्धि और इससे कम रहना गिरावट को दर्शाता है जबकि 50 स्थिरता का स्तर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नयी मांग आने से कंपनियों ने कर्मचारियों की भर्ती की जिससे सितंबर के बाद दूसरी सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गयी।नये कारोबार में भी पिछले तीन माह में पहली बार तेजी आयी और यह दिसंबर के 50.0 से बढ़कर 51.7 पर पहुंच गया। रिपोर्ट की लेखिका और आईएचएस मार्किट की अर्थशास्त्री आशना दोहिया ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा, “सेवा क्षेत्र में जनवरी में भी सुधार जारी रहा और आउटपुट में जून के बाद की सबसे बड़ी तेजी दिखी।” रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद गत पूरे साल मांग कमजोर रही जिससे कारोबार प्रभावित रहा।सेवा गतिविधियों में आयी तेजी के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार जनवरी में धीमी हुई है । लागत और उत्पादन मूल्य बढ़ने से जनवरी में उपभोक्ताओं पर दबाव बढ़ा और इसके बाद बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए की गयी घोषणाओं से महंगाई बढ़ने के आसार हैं ।महंगाई बढ़ने की स्थिति में रिजर्व बैंक ब्याज दर में वृद्धि कर सकता है।"/> मुंबई, नये कारोबार में बढोतरी के दम पर देश के सेवा क्षेत्र ने जनवरी में गत तीन माह की सबसे बडी तेजी दर्ज की और इसका निक्केई पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी सूचकांक दिसंबर के 50.9 से बढ़कर जनवरी में 51.7 पर पहुँच गया। निक्केई ने आज यहाँ जारी रिपोर्ट में बताया कि नये कारोबार में बढ़ोतरी इस सुधार की मुख्य वजह रही है।माह दर माह आधार पर खरीद प्रबंधकों के बीच कराये गये सर्वेक्षण पर आधारित इस सूचकांक का 50 से ऊपर रहना कारोबार में वृद्धि और इससे कम रहना गिरावट को दर्शाता है जबकि 50 स्थिरता का स्तर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नयी मांग आने से कंपनियों ने कर्मचारियों की भर्ती की जिससे सितंबर के बाद दूसरी सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गयी।नये कारोबार में भी पिछले तीन माह में पहली बार तेजी आयी और यह दिसंबर के 50.0 से बढ़कर 51.7 पर पहुंच गया। रिपोर्ट की लेखिका और आईएचएस मार्किट की अर्थशास्त्री आशना दोहिया ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा, “सेवा क्षेत्र में जनवरी में भी सुधार जारी रहा और आउटपुट में जून के बाद की सबसे बड़ी तेजी दिखी।” रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद गत पूरे साल मांग कमजोर रही जिससे कारोबार प्रभावित रहा।सेवा गतिविधियों में आयी तेजी के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार जनवरी में धीमी हुई है । लागत और उत्पादन मूल्य बढ़ने से जनवरी में उपभोक्ताओं पर दबाव बढ़ा और इसके बाद बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए की गयी घोषणाओं से महंगाई बढ़ने के आसार हैं ।महंगाई बढ़ने की स्थिति में रिजर्व बैंक ब्याज दर में वृद्धि कर सकता है।"/> मुंबई, नये कारोबार में बढोतरी के दम पर देश के सेवा क्षेत्र ने जनवरी में गत तीन माह की सबसे बडी तेजी दर्ज की और इसका निक्केई पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी सूचकांक दिसंबर के 50.9 से बढ़कर जनवरी में 51.7 पर पहुँच गया। निक्केई ने आज यहाँ जारी रिपोर्ट में बताया कि नये कारोबार में बढ़ोतरी इस सुधार की मुख्य वजह रही है।माह दर माह आधार पर खरीद प्रबंधकों के बीच कराये गये सर्वेक्षण पर आधारित इस सूचकांक का 50 से ऊपर रहना कारोबार में वृद्धि और इससे कम रहना गिरावट को दर्शाता है जबकि 50 स्थिरता का स्तर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नयी मांग आने से कंपनियों ने कर्मचारियों की भर्ती की जिससे सितंबर के बाद दूसरी सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गयी।नये कारोबार में भी पिछले तीन माह में पहली बार तेजी आयी और यह दिसंबर के 50.0 से बढ़कर 51.7 पर पहुंच गया। रिपोर्ट की लेखिका और आईएचएस मार्किट की अर्थशास्त्री आशना दोहिया ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा, “सेवा क्षेत्र में जनवरी में भी सुधार जारी रहा और आउटपुट में जून के बाद की सबसे बड़ी तेजी दिखी।” रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद गत पूरे साल मांग कमजोर रही जिससे कारोबार प्रभावित रहा।सेवा गतिविधियों में आयी तेजी के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार जनवरी में धीमी हुई है । लागत और उत्पादन मूल्य बढ़ने से जनवरी में उपभोक्ताओं पर दबाव बढ़ा और इसके बाद बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए की गयी घोषणाओं से महंगाई बढ़ने के आसार हैं ।महंगाई बढ़ने की स्थिति में रिजर्व बैंक ब्याज दर में वृद्धि कर सकता है।">

सेवा क्षेत्र में तीन माह की सबसे बड़ी तेजी

2018/02/05



मुंबई, नये कारोबार में बढोतरी के दम पर देश के सेवा क्षेत्र ने जनवरी में गत तीन माह की सबसे बडी तेजी दर्ज की और इसका निक्केई पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी सूचकांक दिसंबर के 50.9 से बढ़कर जनवरी में 51.7 पर पहुँच गया। निक्केई ने आज यहाँ जारी रिपोर्ट में बताया कि नये कारोबार में बढ़ोतरी इस सुधार की मुख्य वजह रही है।माह दर माह आधार पर खरीद प्रबंधकों के बीच कराये गये सर्वेक्षण पर आधारित इस सूचकांक का 50 से ऊपर रहना कारोबार में वृद्धि और इससे कम रहना गिरावट को दर्शाता है जबकि 50 स्थिरता का स्तर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नयी मांग आने से कंपनियों ने कर्मचारियों की भर्ती की जिससे सितंबर के बाद दूसरी सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गयी।नये कारोबार में भी पिछले तीन माह में पहली बार तेजी आयी और यह दिसंबर के 50.0 से बढ़कर 51.7 पर पहुंच गया। रिपोर्ट की लेखिका और आईएचएस मार्किट की अर्थशास्त्री आशना दोहिया ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा, “सेवा क्षेत्र में जनवरी में भी सुधार जारी रहा और आउटपुट में जून के बाद की सबसे बड़ी तेजी दिखी।” रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद गत पूरे साल मांग कमजोर रही जिससे कारोबार प्रभावित रहा।सेवा गतिविधियों में आयी तेजी के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार जनवरी में धीमी हुई है । लागत और उत्पादन मूल्य बढ़ने से जनवरी में उपभोक्ताओं पर दबाव बढ़ा और इसके बाद बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए की गयी घोषणाओं से महंगाई बढ़ने के आसार हैं ।महंगाई बढ़ने की स्थिति में रिजर्व बैंक ब्याज दर में वृद्धि कर सकता है।


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