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सोयाबीन प्लांटों में 90 किलो भर्ती का नियम है और जो माल हमारे पास पहले से पड़ा है और उसका सौदा 90 किलो पर किया जा चुका है, उसका क्या होगा.हम्माल अड़ गये हैं कि हम 50 किलो में ही काम करेंगे और मंडी बोर्ड के आदेश का पालन 1 जनवरी से ही हो. इस तरह हम्मालों ने बैठक का बहिष्कार किया. जहां तक नीलामी की बात है, व्यापारी नीलामी के लिये आ गये थे पर हम्माल काम करने को तैयार नहीं थे. -हरीश ज्ञानचंदानी अध्यक्ष व्यापारी संघ कृषि उपज, मंडी समिति भोपाल

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सहमति न बनने से : नहीं हुई मंडी में नीलामी

2018/01/02



हम्मालों ने कहा 50 किलो की बोरी बने

कई बार चला बैठकों का दौर नवभारत न्यूज भोपाल, कृषि उपज मंडी समिति में सोमवार को व्यापारियों और हम्मलों के बीच किसी भी प्रकार का समझौता नहीं हो पाया. दो राउंड की बैठक हुई. पहली बैठक 12 से 12.30 बजे तक और दूसरी बैठक 1 से 2 बजे के बीच. दोनों ही बैठक बेनतीजा रही. वहीं दूसरी ओर मंडी में लगभग 2000 क्ंिवटल गेहूं, सोयाबीन एवं अन्य कृषि उपजों की आवक थी पर नीलामी न होने के कारण किसान परेशान होते रहे. व्यापारी एवं हम्माल अपनी-अपनी मांगों पर अड़े रहे. मंडी समिति द्वारा समझौते के लिये प्रयास किये गये पर वह विफल रहे. गौरतलब हो कि कुछ महीने पहले मंडी बोर्ड द्वारा एक आदेश जारी किया गया था, जो कि 50 किलो के बारदानों में हम्मालों द्वारा काम करने एवं इससे ज्यादा वजन न उठाने के संबंध में था. इस परिप्रेक्ष्य में 28 अक्टूबर 2017 को बैठक हुई, जिसमें मंडी समिति, व्यापारी संघ एवं हम्माल संघ शामिल हुये. उस बैठक में मंडी समिति द्वारा उक्त आदेश को 7 नवंबर तक लागू करने की बात कही गई उस पर व्यापारियों ने समय मांगते हुये आदेश 1 जनवरी से लागू करने की बात कही जो हमारे द्वारा मान ली गई. इसके बाद 28 दिसंबर को मंडी समिति की मीङ्क्षटग में सहमति से 1 जनवरी से आदेश लागू करने का निर्णय लिया गया. आदेश पूरे मध्यप्रदेश की मंडियों के लिये निकाला गया है, जबकि इसे लागू भोपाल में किया जा रहा है. वैसे भी भोपाल मंडी प्रदेश की ए-क्लास मंडियों में शामिल नहीं है और फिर भी यदि आदेश लागू करना ही है तो संपूर्ण प्रदेश की मंडियों में किया जाना चाहिये, जिससे सभी मंडियों में एकरूपता हो. आदेश लागू होने से लाखों के बारदाने जो कि हमारे द्वारा खरीदे जा चुके हैं, उसका क्या होगा.

सोयाबीन प्लांटों में 90 किलो भर्ती का नियम है और जो माल हमारे पास पहले से पड़ा है और उसका सौदा 90 किलो पर किया जा चुका है, उसका क्या होगा.हम्माल अड़ गये हैं कि हम 50 किलो में ही काम करेंगे और मंडी बोर्ड के आदेश का पालन 1 जनवरी से ही हो. इस तरह हम्मालों ने बैठक का बहिष्कार किया. जहां तक नीलामी की बात है, व्यापारी नीलामी के लिये आ गये थे पर हम्माल काम करने को तैयार नहीं थे. -हरीश ज्ञानचंदानी अध्यक्ष व्यापारी संघ कृषि उपज, मंडी समिति भोपाल

 
  • हमारी मांग है कि शासन के आदेश का पालन किया जाये और दूसरे प्रदेशों की तरह ही मध्यप्रदेश में भी 50 किलो में ही काम हो. रामवरन पाल भूतपूर्व अध्यक्ष
 
  • गल्ला मंडी हम्माल संघ भोपाल मैं मीटिंग के विषय में कुछ नहीं बता सकता, फैसला तो व्यापारियों और हम्मालों को लेना है. विनय पटेरिया सचिव कृषि उपज मंडी समिति भोपाल
 


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