Breaking News :

त्रासदी की 33वीं बरसी भोपाल, भोपाल गैस त्रासदी की 33वीं बरसी पर सेन्ट्रल लाइब्रेरी भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान की उपस्थिति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. सभा में अलग-अलग धर्मगुरुओं ने मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐसी त्रासदी थी जिसे भुलाया नहीं जा सकता. हमें विचार करना होगा कि भौतिक प्रगति की दौड़ में हम किस दिशा में जा रहे हैं. चौहान ने कहा कि गैस त्रासदी के सभी प्रभावितों के इलाज और पुनर्वास के प्रयास लगातार जारी हैं. लोगों से कहा कि संकल्प लें कि अब ऐसी कोई त्रासदी दोबारा नहीं होने देंगे. साथ ही साथ गैस कांड में विधवा हुईं महिलाओं की पेंशन जारी रखने की बात कही. प्रार्थना सभा में सनातन, इस्लाम, सिक्ख, ईसाई, जैन, बौद्ध तथा बोहरा धर्म के धर्माचार्यों द्वारा पाठ किया गया. गैस त्रासदी में दिवंगतों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. कार्यक्रम में सहकारिता एवं गैस राहत राज्य मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव बी.पी. ङ्क्षसह, पुलिस महानिर्देशक आर.के. शुक्ला, प्रमुख स्वास्थ्य सचिव गौरी ङ्क्षसह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे. वहीं शहर के अन्य स्थानों में भी गैस त्रासदी पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क में भोपाल गैस पीडि़त महिला उद्योग संगठन द्वारा प्रतिवर्ष की भांति श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर मुआवजे एवं बेहतर इलाज की मांग सरकार के सामने रखी. आर्चडायसिस ने गैस त्रासदी की बरसी पर श्रद्धांजलि अर्पित की गैस विभीषिका की 33वीं बरसी पर आर्चडासिस भोपाल कैथोलिक महाधर्मप्रांत ने पीडि़तो के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पांच मिनट का मौन, भजन, और इस विभीषिका पर विचार प्रकट किया गया. इसके बाद मोमबत्तियां जलाकर असमय काल के भेंट चढ़े पीडि़तों को श्रद्धांजलि दी गई. धर्मबहनों, समाजसेवकों के साथ आम जनों ने इस श्रद्धांजली सभा में भाग लेकर मृतकों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की. आर्चबिशप लियो कोर्नेलियों ने इस श्रद्वांजलि सभा को अपना संदेष देते हुए कहा कि यह समय की पुकार है कि ऐसी किसी भी विभिषीका के प्रति मानव सदैव सचेत रहे. यह विडंबना ही है कि, इतने लंबे अंतराल के बाद भी लोग उस दुर्घटना से शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेल रहें हैं. अत: मानवता का कर्तव्य है कि पीडि़तों को भौतिक, आध्यात्मिक सहायता के साथ मानसिक संबल प्रदान करें."/> त्रासदी की 33वीं बरसी भोपाल, भोपाल गैस त्रासदी की 33वीं बरसी पर सेन्ट्रल लाइब्रेरी भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान की उपस्थिति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. सभा में अलग-अलग धर्मगुरुओं ने मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐसी त्रासदी थी जिसे भुलाया नहीं जा सकता. हमें विचार करना होगा कि भौतिक प्रगति की दौड़ में हम किस दिशा में जा रहे हैं. चौहान ने कहा कि गैस त्रासदी के सभी प्रभावितों के इलाज और पुनर्वास के प्रयास लगातार जारी हैं. लोगों से कहा कि संकल्प लें कि अब ऐसी कोई त्रासदी दोबारा नहीं होने देंगे. साथ ही साथ गैस कांड में विधवा हुईं महिलाओं की पेंशन जारी रखने की बात कही. प्रार्थना सभा में सनातन, इस्लाम, सिक्ख, ईसाई, जैन, बौद्ध तथा बोहरा धर्म के धर्माचार्यों द्वारा पाठ किया गया. गैस त्रासदी में दिवंगतों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. कार्यक्रम में सहकारिता एवं गैस राहत राज्य मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव बी.पी. ङ्क्षसह, पुलिस महानिर्देशक आर.के. शुक्ला, प्रमुख स्वास्थ्य सचिव गौरी ङ्क्षसह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे. वहीं शहर के अन्य स्थानों में भी गैस त्रासदी पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क में भोपाल गैस पीडि़त महिला उद्योग संगठन द्वारा प्रतिवर्ष की भांति श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर मुआवजे एवं बेहतर इलाज की मांग सरकार के सामने रखी. आर्चडायसिस ने गैस त्रासदी की बरसी पर श्रद्धांजलि अर्पित की गैस विभीषिका की 33वीं बरसी पर आर्चडासिस भोपाल कैथोलिक महाधर्मप्रांत ने पीडि़तो के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पांच मिनट का मौन, भजन, और इस विभीषिका पर विचार प्रकट किया गया. इसके बाद मोमबत्तियां जलाकर असमय काल के भेंट चढ़े पीडि़तों को श्रद्धांजलि दी गई. धर्मबहनों, समाजसेवकों के साथ आम जनों ने इस श्रद्धांजली सभा में भाग लेकर मृतकों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की. आर्चबिशप लियो कोर्नेलियों ने इस श्रद्वांजलि सभा को अपना संदेष देते हुए कहा कि यह समय की पुकार है कि ऐसी किसी भी विभिषीका के प्रति मानव सदैव सचेत रहे. यह विडंबना ही है कि, इतने लंबे अंतराल के बाद भी लोग उस दुर्घटना से शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेल रहें हैं. अत: मानवता का कर्तव्य है कि पीडि़तों को भौतिक, आध्यात्मिक सहायता के साथ मानसिक संबल प्रदान करें."/> त्रासदी की 33वीं बरसी भोपाल, भोपाल गैस त्रासदी की 33वीं बरसी पर सेन्ट्रल लाइब्रेरी भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान की उपस्थिति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. सभा में अलग-अलग धर्मगुरुओं ने मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐसी त्रासदी थी जिसे भुलाया नहीं जा सकता. हमें विचार करना होगा कि भौतिक प्रगति की दौड़ में हम किस दिशा में जा रहे हैं. चौहान ने कहा कि गैस त्रासदी के सभी प्रभावितों के इलाज और पुनर्वास के प्रयास लगातार जारी हैं. लोगों से कहा कि संकल्प लें कि अब ऐसी कोई त्रासदी दोबारा नहीं होने देंगे. साथ ही साथ गैस कांड में विधवा हुईं महिलाओं की पेंशन जारी रखने की बात कही. प्रार्थना सभा में सनातन, इस्लाम, सिक्ख, ईसाई, जैन, बौद्ध तथा बोहरा धर्म के धर्माचार्यों द्वारा पाठ किया गया. गैस त्रासदी में दिवंगतों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. कार्यक्रम में सहकारिता एवं गैस राहत राज्य मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव बी.पी. ङ्क्षसह, पुलिस महानिर्देशक आर.के. शुक्ला, प्रमुख स्वास्थ्य सचिव गौरी ङ्क्षसह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे. वहीं शहर के अन्य स्थानों में भी गैस त्रासदी पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क में भोपाल गैस पीडि़त महिला उद्योग संगठन द्वारा प्रतिवर्ष की भांति श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर मुआवजे एवं बेहतर इलाज की मांग सरकार के सामने रखी. आर्चडायसिस ने गैस त्रासदी की बरसी पर श्रद्धांजलि अर्पित की गैस विभीषिका की 33वीं बरसी पर आर्चडासिस भोपाल कैथोलिक महाधर्मप्रांत ने पीडि़तो के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पांच मिनट का मौन, भजन, और इस विभीषिका पर विचार प्रकट किया गया. इसके बाद मोमबत्तियां जलाकर असमय काल के भेंट चढ़े पीडि़तों को श्रद्धांजलि दी गई. धर्मबहनों, समाजसेवकों के साथ आम जनों ने इस श्रद्धांजली सभा में भाग लेकर मृतकों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की. आर्चबिशप लियो कोर्नेलियों ने इस श्रद्वांजलि सभा को अपना संदेष देते हुए कहा कि यह समय की पुकार है कि ऐसी किसी भी विभिषीका के प्रति मानव सदैव सचेत रहे. यह विडंबना ही है कि, इतने लंबे अंतराल के बाद भी लोग उस दुर्घटना से शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेल रहें हैं. अत: मानवता का कर्तव्य है कि पीडि़तों को भौतिक, आध्यात्मिक सहायता के साथ मानसिक संबल प्रदान करें.">

सर्वधर्म प्रार्थना के साथ गैस त्रासदी के दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि

2017/12/04



त्रासदी की 33वीं बरसी भोपाल, भोपाल गैस त्रासदी की 33वीं बरसी पर सेन्ट्रल लाइब्रेरी भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान की उपस्थिति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. सभा में अलग-अलग धर्मगुरुओं ने मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐसी त्रासदी थी जिसे भुलाया नहीं जा सकता. हमें विचार करना होगा कि भौतिक प्रगति की दौड़ में हम किस दिशा में जा रहे हैं. चौहान ने कहा कि गैस त्रासदी के सभी प्रभावितों के इलाज और पुनर्वास के प्रयास लगातार जारी हैं. लोगों से कहा कि संकल्प लें कि अब ऐसी कोई त्रासदी दोबारा नहीं होने देंगे. साथ ही साथ गैस कांड में विधवा हुईं महिलाओं की पेंशन जारी रखने की बात कही. प्रार्थना सभा में सनातन, इस्लाम, सिक्ख, ईसाई, जैन, बौद्ध तथा बोहरा धर्म के धर्माचार्यों द्वारा पाठ किया गया. गैस त्रासदी में दिवंगतों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. कार्यक्रम में सहकारिता एवं गैस राहत राज्य मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव बी.पी. ङ्क्षसह, पुलिस महानिर्देशक आर.के. शुक्ला, प्रमुख स्वास्थ्य सचिव गौरी ङ्क्षसह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे. वहीं शहर के अन्य स्थानों में भी गैस त्रासदी पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क में भोपाल गैस पीडि़त महिला उद्योग संगठन द्वारा प्रतिवर्ष की भांति श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर मुआवजे एवं बेहतर इलाज की मांग सरकार के सामने रखी. आर्चडायसिस ने गैस त्रासदी की बरसी पर श्रद्धांजलि अर्पित की गैस विभीषिका की 33वीं बरसी पर आर्चडासिस भोपाल कैथोलिक महाधर्मप्रांत ने पीडि़तो के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पांच मिनट का मौन, भजन, और इस विभीषिका पर विचार प्रकट किया गया. इसके बाद मोमबत्तियां जलाकर असमय काल के भेंट चढ़े पीडि़तों को श्रद्धांजलि दी गई. धर्मबहनों, समाजसेवकों के साथ आम जनों ने इस श्रद्धांजली सभा में भाग लेकर मृतकों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की. आर्चबिशप लियो कोर्नेलियों ने इस श्रद्वांजलि सभा को अपना संदेष देते हुए कहा कि यह समय की पुकार है कि ऐसी किसी भी विभिषीका के प्रति मानव सदैव सचेत रहे. यह विडंबना ही है कि, इतने लंबे अंतराल के बाद भी लोग उस दुर्घटना से शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेल रहें हैं. अत: मानवता का कर्तव्य है कि पीडि़तों को भौतिक, आध्यात्मिक सहायता के साथ मानसिक संबल प्रदान करें.


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts