Breaking News :

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा असर

नवभारत न्यूज भोपाल, सोमवार को प्रदेशभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी नियमितीकरण, संविलियन की मांग को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. हड़ताल में डॉक्टर्स, नर्स, ऑफिस कर्मचारी, तकनीशियन आदि सम्मिलित हैं. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर देखने को मिलने लगा है और हड़ताल अनिश्चितकालीन होने से आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर बढ़ जायेगा. हड़ताल की वजह से ही टीबी जांच, दवा वितरण, प्रशासनिक कार्य ठप्प रहे. साथ ही वार्ड स्तर पर खोले गये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी हड़ताल का असर दिखा. वहीं राजधानी के जिला अस्पताल जेपी अस्पताल में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की दो प्रमुख मांगें हैं पहली नियमितीकरण और दूसरी दो साल पहले निलंबित किये गये कर्मचारियों को वापस लिया जाये. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी अच्छा-खासा फर्क पड़ा है, क्योंकि संविदा कर्मचारियों में आयुष डॉक्टर्स भी हैं जो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर अपनी सेवाएं देते हैं, वह भी हड़ताल में शामिल हो गये हैं. दूसरी तरफ संविदा कर्मचारियों के रूप में कार्यरत्ï नर्सों के भी इस हड़ताल में शामिल होने से सरकारी अस्पतालों के वार्डों में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गौरतलब हो कि प्रदेशभर में उन्नीस हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कार्यरत्ï हैं. कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2016 में भी प्रदेश में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था जिसके फलस्वरूप तत्कालीन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आश्वासन दिया था पर आज तक उस आश्वासन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई. जो संविदा कर्मचारी हड़ताल पर हैं, उनके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है. स्वास्थ्य सेवायें सुचारू रूप से चालू हैं. -डॉ. आई.के. चुघ, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल भोपाल प्रदेशभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और नियमितीकरण तक हड़ताल जारी रहेगी. -राकेश मिश्रा, जिला अध्यक्ष, संविदा कर्मचारी संघ भोपाल"/>

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा असर

नवभारत न्यूज भोपाल, सोमवार को प्रदेशभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी नियमितीकरण, संविलियन की मांग को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. हड़ताल में डॉक्टर्स, नर्स, ऑफिस कर्मचारी, तकनीशियन आदि सम्मिलित हैं. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर देखने को मिलने लगा है और हड़ताल अनिश्चितकालीन होने से आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर बढ़ जायेगा. हड़ताल की वजह से ही टीबी जांच, दवा वितरण, प्रशासनिक कार्य ठप्प रहे. साथ ही वार्ड स्तर पर खोले गये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी हड़ताल का असर दिखा. वहीं राजधानी के जिला अस्पताल जेपी अस्पताल में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की दो प्रमुख मांगें हैं पहली नियमितीकरण और दूसरी दो साल पहले निलंबित किये गये कर्मचारियों को वापस लिया जाये. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी अच्छा-खासा फर्क पड़ा है, क्योंकि संविदा कर्मचारियों में आयुष डॉक्टर्स भी हैं जो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर अपनी सेवाएं देते हैं, वह भी हड़ताल में शामिल हो गये हैं. दूसरी तरफ संविदा कर्मचारियों के रूप में कार्यरत्ï नर्सों के भी इस हड़ताल में शामिल होने से सरकारी अस्पतालों के वार्डों में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गौरतलब हो कि प्रदेशभर में उन्नीस हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कार्यरत्ï हैं. कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2016 में भी प्रदेश में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था जिसके फलस्वरूप तत्कालीन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आश्वासन दिया था पर आज तक उस आश्वासन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई. जो संविदा कर्मचारी हड़ताल पर हैं, उनके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है. स्वास्थ्य सेवायें सुचारू रूप से चालू हैं. -डॉ. आई.के. चुघ, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल भोपाल प्रदेशभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और नियमितीकरण तक हड़ताल जारी रहेगी. -राकेश मिश्रा, जिला अध्यक्ष, संविदा कर्मचारी संघ भोपाल"/>

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा असर

नवभारत न्यूज भोपाल, सोमवार को प्रदेशभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी नियमितीकरण, संविलियन की मांग को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. हड़ताल में डॉक्टर्स, नर्स, ऑफिस कर्मचारी, तकनीशियन आदि सम्मिलित हैं. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर देखने को मिलने लगा है और हड़ताल अनिश्चितकालीन होने से आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर बढ़ जायेगा. हड़ताल की वजह से ही टीबी जांच, दवा वितरण, प्रशासनिक कार्य ठप्प रहे. साथ ही वार्ड स्तर पर खोले गये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी हड़ताल का असर दिखा. वहीं राजधानी के जिला अस्पताल जेपी अस्पताल में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की दो प्रमुख मांगें हैं पहली नियमितीकरण और दूसरी दो साल पहले निलंबित किये गये कर्मचारियों को वापस लिया जाये. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी अच्छा-खासा फर्क पड़ा है, क्योंकि संविदा कर्मचारियों में आयुष डॉक्टर्स भी हैं जो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर अपनी सेवाएं देते हैं, वह भी हड़ताल में शामिल हो गये हैं. दूसरी तरफ संविदा कर्मचारियों के रूप में कार्यरत्ï नर्सों के भी इस हड़ताल में शामिल होने से सरकारी अस्पतालों के वार्डों में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गौरतलब हो कि प्रदेशभर में उन्नीस हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कार्यरत्ï हैं. कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2016 में भी प्रदेश में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था जिसके फलस्वरूप तत्कालीन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आश्वासन दिया था पर आज तक उस आश्वासन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई. जो संविदा कर्मचारी हड़ताल पर हैं, उनके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है. स्वास्थ्य सेवायें सुचारू रूप से चालू हैं. -डॉ. आई.के. चुघ, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल भोपाल प्रदेशभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और नियमितीकरण तक हड़ताल जारी रहेगी. -राकेश मिश्रा, जिला अध्यक्ष, संविदा कर्मचारी संघ भोपाल">

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदेशव्यापी हड़ताल पर

2018/02/20



स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा असर

नवभारत न्यूज भोपाल, सोमवार को प्रदेशभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी नियमितीकरण, संविलियन की मांग को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. हड़ताल में डॉक्टर्स, नर्स, ऑफिस कर्मचारी, तकनीशियन आदि सम्मिलित हैं. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर देखने को मिलने लगा है और हड़ताल अनिश्चितकालीन होने से आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर बढ़ जायेगा. हड़ताल की वजह से ही टीबी जांच, दवा वितरण, प्रशासनिक कार्य ठप्प रहे. साथ ही वार्ड स्तर पर खोले गये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी हड़ताल का असर दिखा. वहीं राजधानी के जिला अस्पताल जेपी अस्पताल में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की दो प्रमुख मांगें हैं पहली नियमितीकरण और दूसरी दो साल पहले निलंबित किये गये कर्मचारियों को वापस लिया जाये. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी अच्छा-खासा फर्क पड़ा है, क्योंकि संविदा कर्मचारियों में आयुष डॉक्टर्स भी हैं जो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर अपनी सेवाएं देते हैं, वह भी हड़ताल में शामिल हो गये हैं. दूसरी तरफ संविदा कर्मचारियों के रूप में कार्यरत्ï नर्सों के भी इस हड़ताल में शामिल होने से सरकारी अस्पतालों के वार्डों में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गौरतलब हो कि प्रदेशभर में उन्नीस हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कार्यरत्ï हैं. कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2016 में भी प्रदेश में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था जिसके फलस्वरूप तत्कालीन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आश्वासन दिया था पर आज तक उस आश्वासन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई. जो संविदा कर्मचारी हड़ताल पर हैं, उनके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है. स्वास्थ्य सेवायें सुचारू रूप से चालू हैं. -डॉ. आई.के. चुघ, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल भोपाल प्रदेशभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और नियमितीकरण तक हड़ताल जारी रहेगी. -राकेश मिश्रा, जिला अध्यक्ष, संविदा कर्मचारी संघ भोपाल


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts