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संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र (संरा) मानव अधिकार विशेषज्ञ ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए आतंकवादी हमले में पत्रकारों के मारे जाने की निंदा की है। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यह निंदा की गयी है। संरा के राय एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मामलों के विशेष अधिकारी डेविड काये ने आज कहा ' सोमवार का यह हमला पत्रकारों पर होने वाले अन्य सभी तरह के हमलों आैर अफगानिस्तान में प्रेस की आजादी तथा लोगों के जानने के अधिकार पर हमला है।' उन्होंने सरकार से अपराधियाें को सजा दिलाने की अपील की। न्यूज रिपोर्ट के अनुसार एक आत्मघाती हमले के बाद दूसरे आत्मघाती हमले में हमलावर ने पत्रकारों को निशाना बनाया जो पहली घटना को कवर करने पहुंचे थे। आतंकवादी समूह आईएसआईएल या आईएसआईएस जो दाएश के नाम से भी जाना जाता है ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। इन हमलों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गयी तथा 45 घायल हो गए जिसमें महिलाएं और बच्चों के अलावा आपातकालीन बचाव दल के सदस्य और मीडियाकर्मी शामिल थे। श्री काये ने कहा ' ये हमले उन लोगों की याद दिलाते हैं जो मीडिया को उसका काम नहीे करने देना चाहते हैं क्याेंकि पत्रकार समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सार्वजनिक हित के सभी मामलों को प्रकाश में लाते हैं।"/> संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र (संरा) मानव अधिकार विशेषज्ञ ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए आतंकवादी हमले में पत्रकारों के मारे जाने की निंदा की है। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यह निंदा की गयी है। संरा के राय एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मामलों के विशेष अधिकारी डेविड काये ने आज कहा ' सोमवार का यह हमला पत्रकारों पर होने वाले अन्य सभी तरह के हमलों आैर अफगानिस्तान में प्रेस की आजादी तथा लोगों के जानने के अधिकार पर हमला है।' उन्होंने सरकार से अपराधियाें को सजा दिलाने की अपील की। न्यूज रिपोर्ट के अनुसार एक आत्मघाती हमले के बाद दूसरे आत्मघाती हमले में हमलावर ने पत्रकारों को निशाना बनाया जो पहली घटना को कवर करने पहुंचे थे। आतंकवादी समूह आईएसआईएल या आईएसआईएस जो दाएश के नाम से भी जाना जाता है ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। इन हमलों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गयी तथा 45 घायल हो गए जिसमें महिलाएं और बच्चों के अलावा आपातकालीन बचाव दल के सदस्य और मीडियाकर्मी शामिल थे। श्री काये ने कहा ' ये हमले उन लोगों की याद दिलाते हैं जो मीडिया को उसका काम नहीे करने देना चाहते हैं क्याेंकि पत्रकार समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सार्वजनिक हित के सभी मामलों को प्रकाश में लाते हैं।"/> संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र (संरा) मानव अधिकार विशेषज्ञ ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए आतंकवादी हमले में पत्रकारों के मारे जाने की निंदा की है। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यह निंदा की गयी है। संरा के राय एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मामलों के विशेष अधिकारी डेविड काये ने आज कहा ' सोमवार का यह हमला पत्रकारों पर होने वाले अन्य सभी तरह के हमलों आैर अफगानिस्तान में प्रेस की आजादी तथा लोगों के जानने के अधिकार पर हमला है।' उन्होंने सरकार से अपराधियाें को सजा दिलाने की अपील की। न्यूज रिपोर्ट के अनुसार एक आत्मघाती हमले के बाद दूसरे आत्मघाती हमले में हमलावर ने पत्रकारों को निशाना बनाया जो पहली घटना को कवर करने पहुंचे थे। आतंकवादी समूह आईएसआईएल या आईएसआईएस जो दाएश के नाम से भी जाना जाता है ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। इन हमलों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गयी तथा 45 घायल हो गए जिसमें महिलाएं और बच्चों के अलावा आपातकालीन बचाव दल के सदस्य और मीडियाकर्मी शामिल थे। श्री काये ने कहा ' ये हमले उन लोगों की याद दिलाते हैं जो मीडिया को उसका काम नहीे करने देना चाहते हैं क्याेंकि पत्रकार समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सार्वजनिक हित के सभी मामलों को प्रकाश में लाते हैं।">

संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान में पत्रकारों के मारे जाने की निंदा की

2018/05/02



संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र (संरा) मानव अधिकार विशेषज्ञ ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए आतंकवादी हमले में पत्रकारों के मारे जाने की निंदा की है। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यह निंदा की गयी है। संरा के राय एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मामलों के विशेष अधिकारी डेविड काये ने आज कहा ' सोमवार का यह हमला पत्रकारों पर होने वाले अन्य सभी तरह के हमलों आैर अफगानिस्तान में प्रेस की आजादी तथा लोगों के जानने के अधिकार पर हमला है।' उन्होंने सरकार से अपराधियाें को सजा दिलाने की अपील की। न्यूज रिपोर्ट के अनुसार एक आत्मघाती हमले के बाद दूसरे आत्मघाती हमले में हमलावर ने पत्रकारों को निशाना बनाया जो पहली घटना को कवर करने पहुंचे थे। आतंकवादी समूह आईएसआईएल या आईएसआईएस जो दाएश के नाम से भी जाना जाता है ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। इन हमलों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गयी तथा 45 घायल हो गए जिसमें महिलाएं और बच्चों के अलावा आपातकालीन बचाव दल के सदस्य और मीडियाकर्मी शामिल थे। श्री काये ने कहा ' ये हमले उन लोगों की याद दिलाते हैं जो मीडिया को उसका काम नहीे करने देना चाहते हैं क्याेंकि पत्रकार समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सार्वजनिक हित के सभी मामलों को प्रकाश में लाते हैं।


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