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मण्डीदीप, औबेदुल्लागंज सब डिवीजन में सामान्य रोगों के साथ प्रसव सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित आधा दर्जन स्वास्थ्य केन्द्रों में शाम 6 बजे के बाद महिला चिकित्सक की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती है. यह स्थिति तब है जब इन स्वास्थ्य केन्द्रों में करीब 500 प्रसव प्रतिमाह होते हैं. रात के समय महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने या आकस्मिक आवश्यकता पडऩे पर उन्हें उपचार के लिए भोपाल जाना पड़ता है. वहीं पुलिस को भी रात के समय महिलाओं का मेडीकल चैकअप कराने के लिए सुबह होने का इंतजार करना पड़ता है. शनिवार-रविवार की दरमियानी रात पुलिस ने अपहृत एक साढ़े तीन साल की बच्ची को मेडीकल कराने के लिए औबेदुल्लागंज मंडीदीप स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ चिकित्सकों का दरवाजा खटखटाया, लेकिन बच्ची का मेडीकल नहीं हो सका. क्षेत्र की करीब दो लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, गौहरगंज में सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा बरखेड़ा, सुल्तानपुर और चिकलौद में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किए हैं. इन आधा दर्जन स्वास्थ्य केन्द्रों में महिला रोगों के उपचार और प्रसव सुविधा के लिए वर्तमान में महज 4 महिला चिकित्सक पदस्थ हैं, लेकिन ओपीडी के बाद इन चिकित्सकों की सुविधा भी गर्भवती महिलाओं को नहीं मिलती. आंकड़े बताते हैं कि इन स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रतिदिन औसतन 1500 रोगी अपना उपचार कराने पहुंचते हैं, लेकिन यहां डॉक्टरों की उपलब्धता नहीं हो पाने के कारण मरीजों को निजी चिकित्सकों से उपचार कराना पड़ता है. डॉक्टर नहीं रुकते हेडक्वार्टर पर  औबेदुल्लागंज, मंडीदीप, गौहरगंज में स्थित स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रभारी सहित अन्य डॉक्टरों के लिए डॉक्टर क्वार्टर बनाए गए हैं. शिव सेना जिला अध्यक्ष सत्यप्रकाश मिश्रा बताते हैं कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर बीएमओ डॉ. केपी यादव सहित सब डिवीजन का कोई भी डॉक्टर हेड क्वार्टर पर नहीं रुकता. डॉ. यादव के पास औबेदुल्लागंज में बड़ा बंगला आवंटित है. इसके बाद भी वह भोपाल के चूनाभट्टी से प्रतिदिन शासकीय वाहन से अप-डाउन करते हैं. यही स्थिति महिला चिकित्सकों की भी है. निजी अस्पतालों में भी नहीं मिलती महिला डॉक्टर मंडीदीप औबेदुल्लागंज में आधा दर्जन से ज्यादा निजी चिकित्सालय हैं, लेकिन रात के समय ज्यादातर चिकित्सालयों में महिला डॉक्टर की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती है. ज्यादातर निजी अस्पतालों में महिला चिकित्सक की सुविधा ऑन कॉल रहती है. इसके चलते महिला रोगियों को जरूरत के समय उपचार के लिए भोपाल ही जाना पड़ता है. मंडीदीप एक औद्योगिक शहर है यहां ज्यादातर मध्यम एवं निम्न वर्ग के लोग निवास करते हैं, इसे देखते हुए सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक की सुविधा पूरे समय होना चाहिए.  -प्रार्थना सुरेन्द्र चौहान, पार्षद वार्ड 12 सब डिवीजन के स्वास्थ्य केन्द्रों में किसी भी स्वास्थ्य केन्द्र पर रात के समय महिला डॉक्टर नहीं रहती है इसकी जानकारी मुझे नहीं है. मैं इस संबंध में बीएमओ से बात करती हूं, मंडीदीप में तो खासतौर डॉक्टर रहना चाहिए.  -डॉ. शशि ठाकुर,जिला स्वास्थ्य अधिकारी, रायसेन "/> मण्डीदीप, औबेदुल्लागंज सब डिवीजन में सामान्य रोगों के साथ प्रसव सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित आधा दर्जन स्वास्थ्य केन्द्रों में शाम 6 बजे के बाद महिला चिकित्सक की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती है. यह स्थिति तब है जब इन स्वास्थ्य केन्द्रों में करीब 500 प्रसव प्रतिमाह होते हैं. रात के समय महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने या आकस्मिक आवश्यकता पडऩे पर उन्हें उपचार के लिए भोपाल जाना पड़ता है. वहीं पुलिस को भी रात के समय महिलाओं का मेडीकल चैकअप कराने के लिए सुबह होने का इंतजार करना पड़ता है. शनिवार-रविवार की दरमियानी रात पुलिस ने अपहृत एक साढ़े तीन साल की बच्ची को मेडीकल कराने के लिए औबेदुल्लागंज मंडीदीप स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ चिकित्सकों का दरवाजा खटखटाया, लेकिन बच्ची का मेडीकल नहीं हो सका. क्षेत्र की करीब दो लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, गौहरगंज में सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा बरखेड़ा, सुल्तानपुर और चिकलौद में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किए हैं. इन आधा दर्जन स्वास्थ्य केन्द्रों में महिला रोगों के उपचार और प्रसव सुविधा के लिए वर्तमान में महज 4 महिला चिकित्सक पदस्थ हैं, लेकिन ओपीडी के बाद इन चिकित्सकों की सुविधा भी गर्भवती महिलाओं को नहीं मिलती. आंकड़े बताते हैं कि इन स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रतिदिन औसतन 1500 रोगी अपना उपचार कराने पहुंचते हैं, लेकिन यहां डॉक्टरों की उपलब्धता नहीं हो पाने के कारण मरीजों को निजी चिकित्सकों से उपचार कराना पड़ता है. डॉक्टर नहीं रुकते हेडक्वार्टर पर  औबेदुल्लागंज, मंडीदीप, गौहरगंज में स्थित स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रभारी सहित अन्य डॉक्टरों के लिए डॉक्टर क्वार्टर बनाए गए हैं. शिव सेना जिला अध्यक्ष सत्यप्रकाश मिश्रा बताते हैं कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर बीएमओ डॉ. केपी यादव सहित सब डिवीजन का कोई भी डॉक्टर हेड क्वार्टर पर नहीं रुकता. डॉ. यादव के पास औबेदुल्लागंज में बड़ा बंगला आवंटित है. इसके बाद भी वह भोपाल के चूनाभट्टी से प्रतिदिन शासकीय वाहन से अप-डाउन करते हैं. यही स्थिति महिला चिकित्सकों की भी है. निजी अस्पतालों में भी नहीं मिलती महिला डॉक्टर मंडीदीप औबेदुल्लागंज में आधा दर्जन से ज्यादा निजी चिकित्सालय हैं, लेकिन रात के समय ज्यादातर चिकित्सालयों में महिला डॉक्टर की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती है. ज्यादातर निजी अस्पतालों में महिला चिकित्सक की सुविधा ऑन कॉल रहती है. इसके चलते महिला रोगियों को जरूरत के समय उपचार के लिए भोपाल ही जाना पड़ता है. मंडीदीप एक औद्योगिक शहर है यहां ज्यादातर मध्यम एवं निम्न वर्ग के लोग निवास करते हैं, इसे देखते हुए सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक की सुविधा पूरे समय होना चाहिए.  -प्रार्थना सुरेन्द्र चौहान, पार्षद वार्ड 12 सब डिवीजन के स्वास्थ्य केन्द्रों में किसी भी स्वास्थ्य केन्द्र पर रात के समय महिला डॉक्टर नहीं रहती है इसकी जानकारी मुझे नहीं है. मैं इस संबंध में बीएमओ से बात करती हूं, मंडीदीप में तो खासतौर डॉक्टर रहना चाहिए.  -डॉ. शशि ठाकुर,जिला स्वास्थ्य अधिकारी, रायसेन "/> मण्डीदीप, औबेदुल्लागंज सब डिवीजन में सामान्य रोगों के साथ प्रसव सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित आधा दर्जन स्वास्थ्य केन्द्रों में शाम 6 बजे के बाद महिला चिकित्सक की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती है. यह स्थिति तब है जब इन स्वास्थ्य केन्द्रों में करीब 500 प्रसव प्रतिमाह होते हैं. रात के समय महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने या आकस्मिक आवश्यकता पडऩे पर उन्हें उपचार के लिए भोपाल जाना पड़ता है. वहीं पुलिस को भी रात के समय महिलाओं का मेडीकल चैकअप कराने के लिए सुबह होने का इंतजार करना पड़ता है. शनिवार-रविवार की दरमियानी रात पुलिस ने अपहृत एक साढ़े तीन साल की बच्ची को मेडीकल कराने के लिए औबेदुल्लागंज मंडीदीप स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ चिकित्सकों का दरवाजा खटखटाया, लेकिन बच्ची का मेडीकल नहीं हो सका. क्षेत्र की करीब दो लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, गौहरगंज में सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा बरखेड़ा, सुल्तानपुर और चिकलौद में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किए हैं. इन आधा दर्जन स्वास्थ्य केन्द्रों में महिला रोगों के उपचार और प्रसव सुविधा के लिए वर्तमान में महज 4 महिला चिकित्सक पदस्थ हैं, लेकिन ओपीडी के बाद इन चिकित्सकों की सुविधा भी गर्भवती महिलाओं को नहीं मिलती. आंकड़े बताते हैं कि इन स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रतिदिन औसतन 1500 रोगी अपना उपचार कराने पहुंचते हैं, लेकिन यहां डॉक्टरों की उपलब्धता नहीं हो पाने के कारण मरीजों को निजी चिकित्सकों से उपचार कराना पड़ता है. डॉक्टर नहीं रुकते हेडक्वार्टर पर  औबेदुल्लागंज, मंडीदीप, गौहरगंज में स्थित स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रभारी सहित अन्य डॉक्टरों के लिए डॉक्टर क्वार्टर बनाए गए हैं. शिव सेना जिला अध्यक्ष सत्यप्रकाश मिश्रा बताते हैं कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर बीएमओ डॉ. केपी यादव सहित सब डिवीजन का कोई भी डॉक्टर हेड क्वार्टर पर नहीं रुकता. डॉ. यादव के पास औबेदुल्लागंज में बड़ा बंगला आवंटित है. इसके बाद भी वह भोपाल के चूनाभट्टी से प्रतिदिन शासकीय वाहन से अप-डाउन करते हैं. यही स्थिति महिला चिकित्सकों की भी है. निजी अस्पतालों में भी नहीं मिलती महिला डॉक्टर मंडीदीप औबेदुल्लागंज में आधा दर्जन से ज्यादा निजी चिकित्सालय हैं, लेकिन रात के समय ज्यादातर चिकित्सालयों में महिला डॉक्टर की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती है. ज्यादातर निजी अस्पतालों में महिला चिकित्सक की सुविधा ऑन कॉल रहती है. इसके चलते महिला रोगियों को जरूरत के समय उपचार के लिए भोपाल ही जाना पड़ता है. मंडीदीप एक औद्योगिक शहर है यहां ज्यादातर मध्यम एवं निम्न वर्ग के लोग निवास करते हैं, इसे देखते हुए सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक की सुविधा पूरे समय होना चाहिए.  -प्रार्थना सुरेन्द्र चौहान, पार्षद वार्ड 12 सब डिवीजन के स्वास्थ्य केन्द्रों में किसी भी स्वास्थ्य केन्द्र पर रात के समय महिला डॉक्टर नहीं रहती है इसकी जानकारी मुझे नहीं है. मैं इस संबंध में बीएमओ से बात करती हूं, मंडीदीप में तो खासतौर डॉक्टर रहना चाहिए.  -डॉ. शशि ठाकुर,जिला स्वास्थ्य अधिकारी, रायसेन ">

शाम 6 बजे के बाद नहीं मिलतीं महिला चिकित्सक शाम 6 बजे के बाद नहीं मिलतीं महिला चिकित्सक 

2017/12/26



  • औबेदुल्लागंज ब्लॉक में तीन सामुदायिक एवं तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ हैं 4 महिला चिकित्सक 
  • स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रतिदिन आते हैं करीब 1500 रोगी 
मण्डीदीप, औबेदुल्लागंज सब डिवीजन में सामान्य रोगों के साथ प्रसव सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित आधा दर्जन स्वास्थ्य केन्द्रों में शाम 6 बजे के बाद महिला चिकित्सक की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती है. यह स्थिति तब है जब इन स्वास्थ्य केन्द्रों में करीब 500 प्रसव प्रतिमाह होते हैं. रात के समय महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने या आकस्मिक आवश्यकता पडऩे पर उन्हें उपचार के लिए भोपाल जाना पड़ता है. वहीं पुलिस को भी रात के समय महिलाओं का मेडीकल चैकअप कराने के लिए सुबह होने का इंतजार करना पड़ता है. शनिवार-रविवार की दरमियानी रात पुलिस ने अपहृत एक साढ़े तीन साल की बच्ची को मेडीकल कराने के लिए औबेदुल्लागंज मंडीदीप स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ चिकित्सकों का दरवाजा खटखटाया, लेकिन बच्ची का मेडीकल नहीं हो सका. क्षेत्र की करीब दो लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, गौहरगंज में सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा बरखेड़ा, सुल्तानपुर और चिकलौद में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किए हैं. इन आधा दर्जन स्वास्थ्य केन्द्रों में महिला रोगों के उपचार और प्रसव सुविधा के लिए वर्तमान में महज 4 महिला चिकित्सक पदस्थ हैं, लेकिन ओपीडी के बाद इन चिकित्सकों की सुविधा भी गर्भवती महिलाओं को नहीं मिलती. आंकड़े बताते हैं कि इन स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रतिदिन औसतन 1500 रोगी अपना उपचार कराने पहुंचते हैं, लेकिन यहां डॉक्टरों की उपलब्धता नहीं हो पाने के कारण मरीजों को निजी चिकित्सकों से उपचार कराना पड़ता है. डॉक्टर नहीं रुकते हेडक्वार्टर पर  औबेदुल्लागंज, मंडीदीप, गौहरगंज में स्थित स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रभारी सहित अन्य डॉक्टरों के लिए डॉक्टर क्वार्टर बनाए गए हैं. शिव सेना जिला अध्यक्ष सत्यप्रकाश मिश्रा बताते हैं कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर बीएमओ डॉ. केपी यादव सहित सब डिवीजन का कोई भी डॉक्टर हेड क्वार्टर पर नहीं रुकता. डॉ. यादव के पास औबेदुल्लागंज में बड़ा बंगला आवंटित है. इसके बाद भी वह भोपाल के चूनाभट्टी से प्रतिदिन शासकीय वाहन से अप-डाउन करते हैं. यही स्थिति महिला चिकित्सकों की भी है. निजी अस्पतालों में भी नहीं मिलती महिला डॉक्टर मंडीदीप औबेदुल्लागंज में आधा दर्जन से ज्यादा निजी चिकित्सालय हैं, लेकिन रात के समय ज्यादातर चिकित्सालयों में महिला डॉक्टर की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती है. ज्यादातर निजी अस्पतालों में महिला चिकित्सक की सुविधा ऑन कॉल रहती है. इसके चलते महिला रोगियों को जरूरत के समय उपचार के लिए भोपाल ही जाना पड़ता है. मंडीदीप एक औद्योगिक शहर है यहां ज्यादातर मध्यम एवं निम्न वर्ग के लोग निवास करते हैं, इसे देखते हुए सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक की सुविधा पूरे समय होना चाहिए.  -प्रार्थना सुरेन्द्र चौहान, पार्षद वार्ड 12 सब डिवीजन के स्वास्थ्य केन्द्रों में किसी भी स्वास्थ्य केन्द्र पर रात के समय महिला डॉक्टर नहीं रहती है इसकी जानकारी मुझे नहीं है. मैं इस संबंध में बीएमओ से बात करती हूं, मंडीदीप में तो खासतौर डॉक्टर रहना चाहिए.  -डॉ. शशि ठाकुर,जिला स्वास्थ्य अधिकारी, रायसेन
  • स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या           -06
  • प्रतिदिन ओपीडी                           -1500
  • महिला चिकित्सकों की संख्या    -04
  • प्रसव प्रतिमाह                               -500 


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