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शियामेन,  चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आज अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है लेकिन इसमें जोखिम भी बढ़े हैं। श्री जिनपिंग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ‘उभरते बाजार और विकासशील देशों के बीच संवाद’ कार्यक्रम में संबोधन के दौरान अमेरिका द्वारा हाल में पेरिस जलवायु समझौते समेत अंतरराष्ट्रीय समझौतों का विरोध किये जाने को लेकर उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उभरते हुए और विकासशील बाजार अंतरराष्ट्रीय विकास का प्राथमिक इंजन रहे हैं और ऐसे देशों को एक खुली वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्माण करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। ब्रिक्स देशों के नेता और अन्य विकासशील देश दक्षिण-पूर्व चीनी शहर शियामेन में शिखर बैठक कर रहे हैं। उन्होंने कहा,“हाल ही में, विश्व अर्थव्यवस्था ने बेहतर कदम उठाया है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निवेश बढ़ा है। साथ ही, हमें ध्यान रखना चाहिए कि विश्व अर्थव्यवस्था में जोखिम और अनिश्चितता भी बढ़ रही है।” गौरतलब है कि चीन ने ब्रिक्स देशों - ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका - और अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की बैठक का इस्तेमाल व्यापारिक उदारीकरण और एक खुली वैश्विक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर देने के लिए किया है। शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे चीन को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के “अमेरिका प्रथम” एजेंडे के सामने भूमंडलीकरण के पुरोधा के तौर पर तरह खड़ा होने का मौका मिल गया है।"/> शियामेन,  चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आज अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है लेकिन इसमें जोखिम भी बढ़े हैं। श्री जिनपिंग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ‘उभरते बाजार और विकासशील देशों के बीच संवाद’ कार्यक्रम में संबोधन के दौरान अमेरिका द्वारा हाल में पेरिस जलवायु समझौते समेत अंतरराष्ट्रीय समझौतों का विरोध किये जाने को लेकर उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उभरते हुए और विकासशील बाजार अंतरराष्ट्रीय विकास का प्राथमिक इंजन रहे हैं और ऐसे देशों को एक खुली वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्माण करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। ब्रिक्स देशों के नेता और अन्य विकासशील देश दक्षिण-पूर्व चीनी शहर शियामेन में शिखर बैठक कर रहे हैं। उन्होंने कहा,“हाल ही में, विश्व अर्थव्यवस्था ने बेहतर कदम उठाया है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निवेश बढ़ा है। साथ ही, हमें ध्यान रखना चाहिए कि विश्व अर्थव्यवस्था में जोखिम और अनिश्चितता भी बढ़ रही है।” गौरतलब है कि चीन ने ब्रिक्स देशों - ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका - और अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की बैठक का इस्तेमाल व्यापारिक उदारीकरण और एक खुली वैश्विक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर देने के लिए किया है। शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे चीन को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के “अमेरिका प्रथम” एजेंडे के सामने भूमंडलीकरण के पुरोधा के तौर पर तरह खड़ा होने का मौका मिल गया है।"/> शियामेन,  चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आज अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है लेकिन इसमें जोखिम भी बढ़े हैं। श्री जिनपिंग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ‘उभरते बाजार और विकासशील देशों के बीच संवाद’ कार्यक्रम में संबोधन के दौरान अमेरिका द्वारा हाल में पेरिस जलवायु समझौते समेत अंतरराष्ट्रीय समझौतों का विरोध किये जाने को लेकर उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उभरते हुए और विकासशील बाजार अंतरराष्ट्रीय विकास का प्राथमिक इंजन रहे हैं और ऐसे देशों को एक खुली वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्माण करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। ब्रिक्स देशों के नेता और अन्य विकासशील देश दक्षिण-पूर्व चीनी शहर शियामेन में शिखर बैठक कर रहे हैं। उन्होंने कहा,“हाल ही में, विश्व अर्थव्यवस्था ने बेहतर कदम उठाया है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निवेश बढ़ा है। साथ ही, हमें ध्यान रखना चाहिए कि विश्व अर्थव्यवस्था में जोखिम और अनिश्चितता भी बढ़ रही है।” गौरतलब है कि चीन ने ब्रिक्स देशों - ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका - और अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की बैठक का इस्तेमाल व्यापारिक उदारीकरण और एक खुली वैश्विक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर देने के लिए किया है। शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे चीन को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के “अमेरिका प्रथम” एजेंडे के सामने भूमंडलीकरण के पुरोधा के तौर पर तरह खड़ा होने का मौका मिल गया है।">

वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार लेकिन जोखिम बढ़े : जिनपिंग

2017/09/05



शियामेन,  चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आज अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है लेकिन इसमें जोखिम भी बढ़े हैं। श्री जिनपिंग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ‘उभरते बाजार और विकासशील देशों के बीच संवाद’ कार्यक्रम में संबोधन के दौरान अमेरिका द्वारा हाल में पेरिस जलवायु समझौते समेत अंतरराष्ट्रीय समझौतों का विरोध किये जाने को लेकर उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उभरते हुए और विकासशील बाजार अंतरराष्ट्रीय विकास का प्राथमिक इंजन रहे हैं और ऐसे देशों को एक खुली वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्माण करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। ब्रिक्स देशों के नेता और अन्य विकासशील देश दक्षिण-पूर्व चीनी शहर शियामेन में शिखर बैठक कर रहे हैं। उन्होंने कहा,“हाल ही में, विश्व अर्थव्यवस्था ने बेहतर कदम उठाया है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निवेश बढ़ा है। साथ ही, हमें ध्यान रखना चाहिए कि विश्व अर्थव्यवस्था में जोखिम और अनिश्चितता भी बढ़ रही है।” गौरतलब है कि चीन ने ब्रिक्स देशों - ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका - और अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की बैठक का इस्तेमाल व्यापारिक उदारीकरण और एक खुली वैश्विक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर देने के लिए किया है। शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे चीन को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के “अमेरिका प्रथम” एजेंडे के सामने भूमंडलीकरण के पुरोधा के तौर पर तरह खड़ा होने का मौका मिल गया है।


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