Breaking News :

नयी दिल्ली,  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में माल ढुलाई की लागत ज्यादा होने पर चिंता जाहिर करते हुए आज कहा कि इसे कम करने के लिए एकीकृत परिवहन प्रणाली विकसित करने की सख्त जरूरत है ताकि वैश्विक बाजार मे भारत एक प्रमुख प्रतिस्पर्धी बन सके। श्री गडकरी ने इंडिया इंटेगरेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक पर आयोजित दे दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि हमारे यहां माल ढुलाई की लागत चीन जैसे विकासशील देश से बहुत ज्यादा है। चीन में माल ढुलाई की लागत आठ से दस प्रतिशत है जबकि हमारे यहां यह दर 16 प्रतिशत है और कई बार यह 18 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि भारत में माल ढुलाई की लागत 11 से 12 प्रतिशत तक लाने की सख्त जरूरत है ताकि भारतीय सामान को विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। उनका कहना था कि मॉल ढुलाई की लागत को एकीकृत परिवहन व्यवस्था के जरिए बहुत कम किया जा सकता है लेकिन इसके लिए परिवहन की सारी व्यवस्था को परस्पर इस तरह से जोड़े जाने की आवश्यकता ताकि रास्ते में ही माल खराब नहीं हो और उसे समय पर गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल परिवहन के जरिए माल ढुलाई की लागत को बहुत कम किया जा सकता है और सरकार देश में जल परिवहन को बढ़ावा दे रही है।इसके लिए व्यापक ढांचागत तंत्र विकसित किया जा रहा है।"/> नयी दिल्ली,  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में माल ढुलाई की लागत ज्यादा होने पर चिंता जाहिर करते हुए आज कहा कि इसे कम करने के लिए एकीकृत परिवहन प्रणाली विकसित करने की सख्त जरूरत है ताकि वैश्विक बाजार मे भारत एक प्रमुख प्रतिस्पर्धी बन सके। श्री गडकरी ने इंडिया इंटेगरेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक पर आयोजित दे दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि हमारे यहां माल ढुलाई की लागत चीन जैसे विकासशील देश से बहुत ज्यादा है। चीन में माल ढुलाई की लागत आठ से दस प्रतिशत है जबकि हमारे यहां यह दर 16 प्रतिशत है और कई बार यह 18 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि भारत में माल ढुलाई की लागत 11 से 12 प्रतिशत तक लाने की सख्त जरूरत है ताकि भारतीय सामान को विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। उनका कहना था कि मॉल ढुलाई की लागत को एकीकृत परिवहन व्यवस्था के जरिए बहुत कम किया जा सकता है लेकिन इसके लिए परिवहन की सारी व्यवस्था को परस्पर इस तरह से जोड़े जाने की आवश्यकता ताकि रास्ते में ही माल खराब नहीं हो और उसे समय पर गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल परिवहन के जरिए माल ढुलाई की लागत को बहुत कम किया जा सकता है और सरकार देश में जल परिवहन को बढ़ावा दे रही है।इसके लिए व्यापक ढांचागत तंत्र विकसित किया जा रहा है।"/> नयी दिल्ली,  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में माल ढुलाई की लागत ज्यादा होने पर चिंता जाहिर करते हुए आज कहा कि इसे कम करने के लिए एकीकृत परिवहन प्रणाली विकसित करने की सख्त जरूरत है ताकि वैश्विक बाजार मे भारत एक प्रमुख प्रतिस्पर्धी बन सके। श्री गडकरी ने इंडिया इंटेगरेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक पर आयोजित दे दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि हमारे यहां माल ढुलाई की लागत चीन जैसे विकासशील देश से बहुत ज्यादा है। चीन में माल ढुलाई की लागत आठ से दस प्रतिशत है जबकि हमारे यहां यह दर 16 प्रतिशत है और कई बार यह 18 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि भारत में माल ढुलाई की लागत 11 से 12 प्रतिशत तक लाने की सख्त जरूरत है ताकि भारतीय सामान को विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। उनका कहना था कि मॉल ढुलाई की लागत को एकीकृत परिवहन व्यवस्था के जरिए बहुत कम किया जा सकता है लेकिन इसके लिए परिवहन की सारी व्यवस्था को परस्पर इस तरह से जोड़े जाने की आवश्यकता ताकि रास्ते में ही माल खराब नहीं हो और उसे समय पर गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल परिवहन के जरिए माल ढुलाई की लागत को बहुत कम किया जा सकता है और सरकार देश में जल परिवहन को बढ़ावा दे रही है।इसके लिए व्यापक ढांचागत तंत्र विकसित किया जा रहा है।">

विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए माल ढुलाई लागत कम करना जरूरी : गडकरी

2017/05/04



नयी दिल्ली,  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में माल ढुलाई की लागत ज्यादा होने पर चिंता जाहिर करते हुए आज कहा कि इसे कम करने के लिए एकीकृत परिवहन प्रणाली विकसित करने की सख्त जरूरत है ताकि वैश्विक बाजार मे भारत एक प्रमुख प्रतिस्पर्धी बन सके। श्री गडकरी ने इंडिया इंटेगरेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक पर आयोजित दे दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि हमारे यहां माल ढुलाई की लागत चीन जैसे विकासशील देश से बहुत ज्यादा है। चीन में माल ढुलाई की लागत आठ से दस प्रतिशत है जबकि हमारे यहां यह दर 16 प्रतिशत है और कई बार यह 18 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि भारत में माल ढुलाई की लागत 11 से 12 प्रतिशत तक लाने की सख्त जरूरत है ताकि भारतीय सामान को विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। उनका कहना था कि मॉल ढुलाई की लागत को एकीकृत परिवहन व्यवस्था के जरिए बहुत कम किया जा सकता है लेकिन इसके लिए परिवहन की सारी व्यवस्था को परस्पर इस तरह से जोड़े जाने की आवश्यकता ताकि रास्ते में ही माल खराब नहीं हो और उसे समय पर गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल परिवहन के जरिए माल ढुलाई की लागत को बहुत कम किया जा सकता है और सरकार देश में जल परिवहन को बढ़ावा दे रही है।इसके लिए व्यापक ढांचागत तंत्र विकसित किया जा रहा है।


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts