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नवभारत न्यूज भोपाल, वकील अशोक विश्वकर्मा के साथ बदमाशों द्वारा हमला कर उन्हें गंभीर रुप से घायल करने और रीवा के वकीलों की लंबित मांगों के निराकरण हेतु सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिए जाने के विरोध में स्टेट बार काउंसिल के आव्हान पर राजधानी के वकीलों ने मंगलवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया . वकीलों के पैरवी नहीं करने से अदालतों में न तो किसी मुकदमे में बहस पेश की गई और न ही गवाही एवं जिरह व दलीलें पेश की गईं. स्टेट बार कांउसिल के सचिव मो. मेहबूब अंसारी ने बताया कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर स्टेट बार कांउसिल के आव्हान पर प्रदेश भर के 92 हजार वकीलों ने मंगलवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया. जिला अदालत परिसर स्थित कैंटीन, स्टांप वैंडर और टाईपिंग सेंटर बंद रहने से पक्षकारों को परेशान होना पड़ा. वकीलों के काम न करने से पक्षकार वैसे ही परेशान हो रहे थे. वकीलों के अदालत के कामकाज से विरत रहने के कारण पक्षकारों का परेशान होना पड़ा. पक्षकारों ने स्वयं ही कोर्ट रुम में उपस्थित होकर अपने मुकदमों की पेशी तारीखों को आगे बढ़वाया. मुल्जिमों के जमानती आवेदनों पर भी सुनवाई नहीं हुई और उन्हें जेल जाना पड़ा. जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश व्यास एवं सचिव डॉ. पीसी कोठारी के नेतृत्व में वकीलों ने सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम संबोधित ज्ञापन जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपा.इस दौरान खालिद हफीज, संजय गुप्ता, मयूर चालीसगांवकर, इमरान बेग नवाब, जितेंद्र सोलंकी, आबिद हुसैन चिश्ती सहित सैकड़ों वकील उपस्थित थे. प्रतिनिधि मंडल ने विधि मंत्री से मुलाकात की स्टेट बार कौंसिल के सचिव मो. मेहबूब अंसारी, एक्जेक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन विजय चौधरी एवं सदस्य शिवेंद्र उपाध्याय तथा भूपनारायण सिंह के प्रतिनिधि मंडल ने मध्य प्रदेश के विधि मंत्री रामपाल सिंह राजपूत से मुलाकात कर मध्य प्रदेश में शीघ्र ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने एवं वकीलों की मृत्यु दावा राशि में इजाफा किए तथा चिकित्सा सहायता राशि में बढ़ोतरी किए जाने की मांग की. विधि मंत्री ने स्टेट बार कांउसिल के प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही उनकी मांगों का निराकरण कर दिया जाएगा."/> नवभारत न्यूज भोपाल, वकील अशोक विश्वकर्मा के साथ बदमाशों द्वारा हमला कर उन्हें गंभीर रुप से घायल करने और रीवा के वकीलों की लंबित मांगों के निराकरण हेतु सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिए जाने के विरोध में स्टेट बार काउंसिल के आव्हान पर राजधानी के वकीलों ने मंगलवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया . वकीलों के पैरवी नहीं करने से अदालतों में न तो किसी मुकदमे में बहस पेश की गई और न ही गवाही एवं जिरह व दलीलें पेश की गईं. स्टेट बार कांउसिल के सचिव मो. मेहबूब अंसारी ने बताया कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर स्टेट बार कांउसिल के आव्हान पर प्रदेश भर के 92 हजार वकीलों ने मंगलवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया. जिला अदालत परिसर स्थित कैंटीन, स्टांप वैंडर और टाईपिंग सेंटर बंद रहने से पक्षकारों को परेशान होना पड़ा. वकीलों के काम न करने से पक्षकार वैसे ही परेशान हो रहे थे. वकीलों के अदालत के कामकाज से विरत रहने के कारण पक्षकारों का परेशान होना पड़ा. पक्षकारों ने स्वयं ही कोर्ट रुम में उपस्थित होकर अपने मुकदमों की पेशी तारीखों को आगे बढ़वाया. मुल्जिमों के जमानती आवेदनों पर भी सुनवाई नहीं हुई और उन्हें जेल जाना पड़ा. जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश व्यास एवं सचिव डॉ. पीसी कोठारी के नेतृत्व में वकीलों ने सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम संबोधित ज्ञापन जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपा.इस दौरान खालिद हफीज, संजय गुप्ता, मयूर चालीसगांवकर, इमरान बेग नवाब, जितेंद्र सोलंकी, आबिद हुसैन चिश्ती सहित सैकड़ों वकील उपस्थित थे. प्रतिनिधि मंडल ने विधि मंत्री से मुलाकात की स्टेट बार कौंसिल के सचिव मो. मेहबूब अंसारी, एक्जेक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन विजय चौधरी एवं सदस्य शिवेंद्र उपाध्याय तथा भूपनारायण सिंह के प्रतिनिधि मंडल ने मध्य प्रदेश के विधि मंत्री रामपाल सिंह राजपूत से मुलाकात कर मध्य प्रदेश में शीघ्र ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने एवं वकीलों की मृत्यु दावा राशि में इजाफा किए तथा चिकित्सा सहायता राशि में बढ़ोतरी किए जाने की मांग की. विधि मंत्री ने स्टेट बार कांउसिल के प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही उनकी मांगों का निराकरण कर दिया जाएगा."/> नवभारत न्यूज भोपाल, वकील अशोक विश्वकर्मा के साथ बदमाशों द्वारा हमला कर उन्हें गंभीर रुप से घायल करने और रीवा के वकीलों की लंबित मांगों के निराकरण हेतु सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिए जाने के विरोध में स्टेट बार काउंसिल के आव्हान पर राजधानी के वकीलों ने मंगलवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया . वकीलों के पैरवी नहीं करने से अदालतों में न तो किसी मुकदमे में बहस पेश की गई और न ही गवाही एवं जिरह व दलीलें पेश की गईं. स्टेट बार कांउसिल के सचिव मो. मेहबूब अंसारी ने बताया कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर स्टेट बार कांउसिल के आव्हान पर प्रदेश भर के 92 हजार वकीलों ने मंगलवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया. जिला अदालत परिसर स्थित कैंटीन, स्टांप वैंडर और टाईपिंग सेंटर बंद रहने से पक्षकारों को परेशान होना पड़ा. वकीलों के काम न करने से पक्षकार वैसे ही परेशान हो रहे थे. वकीलों के अदालत के कामकाज से विरत रहने के कारण पक्षकारों का परेशान होना पड़ा. पक्षकारों ने स्वयं ही कोर्ट रुम में उपस्थित होकर अपने मुकदमों की पेशी तारीखों को आगे बढ़वाया. मुल्जिमों के जमानती आवेदनों पर भी सुनवाई नहीं हुई और उन्हें जेल जाना पड़ा. जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश व्यास एवं सचिव डॉ. पीसी कोठारी के नेतृत्व में वकीलों ने सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम संबोधित ज्ञापन जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपा.इस दौरान खालिद हफीज, संजय गुप्ता, मयूर चालीसगांवकर, इमरान बेग नवाब, जितेंद्र सोलंकी, आबिद हुसैन चिश्ती सहित सैकड़ों वकील उपस्थित थे. प्रतिनिधि मंडल ने विधि मंत्री से मुलाकात की स्टेट बार कौंसिल के सचिव मो. मेहबूब अंसारी, एक्जेक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन विजय चौधरी एवं सदस्य शिवेंद्र उपाध्याय तथा भूपनारायण सिंह के प्रतिनिधि मंडल ने मध्य प्रदेश के विधि मंत्री रामपाल सिंह राजपूत से मुलाकात कर मध्य प्रदेश में शीघ्र ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने एवं वकीलों की मृत्यु दावा राशि में इजाफा किए तथा चिकित्सा सहायता राशि में बढ़ोतरी किए जाने की मांग की. विधि मंत्री ने स्टेट बार कांउसिल के प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही उनकी मांगों का निराकरण कर दिया जाएगा.">

वकील पर हमले के विरोध में अदालतें ठप्प

2017/12/13



नवभारत न्यूज भोपाल, वकील अशोक विश्वकर्मा के साथ बदमाशों द्वारा हमला कर उन्हें गंभीर रुप से घायल करने और रीवा के वकीलों की लंबित मांगों के निराकरण हेतु सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिए जाने के विरोध में स्टेट बार काउंसिल के आव्हान पर राजधानी के वकीलों ने मंगलवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया . वकीलों के पैरवी नहीं करने से अदालतों में न तो किसी मुकदमे में बहस पेश की गई और न ही गवाही एवं जिरह व दलीलें पेश की गईं. स्टेट बार कांउसिल के सचिव मो. मेहबूब अंसारी ने बताया कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर स्टेट बार कांउसिल के आव्हान पर प्रदेश भर के 92 हजार वकीलों ने मंगलवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया. जिला अदालत परिसर स्थित कैंटीन, स्टांप वैंडर और टाईपिंग सेंटर बंद रहने से पक्षकारों को परेशान होना पड़ा. वकीलों के काम न करने से पक्षकार वैसे ही परेशान हो रहे थे. वकीलों के अदालत के कामकाज से विरत रहने के कारण पक्षकारों का परेशान होना पड़ा. पक्षकारों ने स्वयं ही कोर्ट रुम में उपस्थित होकर अपने मुकदमों की पेशी तारीखों को आगे बढ़वाया. मुल्जिमों के जमानती आवेदनों पर भी सुनवाई नहीं हुई और उन्हें जेल जाना पड़ा. जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश व्यास एवं सचिव डॉ. पीसी कोठारी के नेतृत्व में वकीलों ने सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम संबोधित ज्ञापन जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपा.इस दौरान खालिद हफीज, संजय गुप्ता, मयूर चालीसगांवकर, इमरान बेग नवाब, जितेंद्र सोलंकी, आबिद हुसैन चिश्ती सहित सैकड़ों वकील उपस्थित थे. प्रतिनिधि मंडल ने विधि मंत्री से मुलाकात की स्टेट बार कौंसिल के सचिव मो. मेहबूब अंसारी, एक्जेक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन विजय चौधरी एवं सदस्य शिवेंद्र उपाध्याय तथा भूपनारायण सिंह के प्रतिनिधि मंडल ने मध्य प्रदेश के विधि मंत्री रामपाल सिंह राजपूत से मुलाकात कर मध्य प्रदेश में शीघ्र ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने एवं वकीलों की मृत्यु दावा राशि में इजाफा किए तथा चिकित्सा सहायता राशि में बढ़ोतरी किए जाने की मांग की. विधि मंत्री ने स्टेट बार कांउसिल के प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही उनकी मांगों का निराकरण कर दिया जाएगा.


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