Breaking News :

स्टेट बार कौंसिल के आव्हान पर किया अदालती कार्य का बहिष्कार, लोग हुए परेशान

नवभारत न्यूज भोपाल, स्टेट बार कौंसिल के आव्हान पर राजधानी के वकीलों ने सोमवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया. इस दौरान तहसील एवं जिला अदालतों में कामकाज पूरी तरह से बंद रहा. स्टेट बार कौंसिल के सचिव मो. मेहबूब अंसारी ने बताया कि हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने, इंदौर के वकील सूरज यादव के ऊपर हमला करने वाले बदमाशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने, देवास के वकील एसडी गुप्ता के विरूद्ध पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने, इटारसी तथा रीवा के वकीलों की लंबित मांगों के निराकरण हेतु सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिए जाने के विरोध और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांगों को लेकर मध्य प्रदेश स्टेट बार कौंसिल के आव्हान पर प्रदेश भर के 92 हजार वकीलों ने सोमवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया. वकीलों के अदालत के कामकाज से विरत रहने के कारण पक्षकारों को परेशान होना पड़ा. पक्षकारों ने स्वयं ही कोर्ट रुम में उपस्थित होकर अपने मुकदमों की पेशी तारीखों को आगे बढ़वाया. इस दौरान पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर अदालत में पेश किए गए मुल्जिमों के जमानती आवेदनों पर भी सुनवाई नहीं हुई और उन्हें जेल जाना पड़ा. कलेक्टर कार्यालय, तहसील, वक्फ ट्रिब्यूनल और गैस दावा अदालतों में भी वकीलों ने कामकाज में हिस्सा नहीं लिया. जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश व्यास एवं सचिव डॉ. पीसी कोठारी के नेतृत्व में वकीलों ने जिला अदालत परिसर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम संबोधित ज्ञापन जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेद्र शुक्ला को और सीएम एवं पुलिस महानिदेशक के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा. इस दौरान जिला बार एसोसिएशन की उपाध्यक्ष सपना चौधरी, खालिद हफीज, मो. रियाज उददीन, मयूर चालीसगांवकर, प्रकाश रावत, जितेंद्र सोलंकी, नौमान खान, मीरा चरार, शबिस्ता कुरैशी, सुनीता जोशी, रुपेश साहू सहित सैकड़ों वकील उपस्थित थे.  "/>

स्टेट बार कौंसिल के आव्हान पर किया अदालती कार्य का बहिष्कार, लोग हुए परेशान

नवभारत न्यूज भोपाल, स्टेट बार कौंसिल के आव्हान पर राजधानी के वकीलों ने सोमवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया. इस दौरान तहसील एवं जिला अदालतों में कामकाज पूरी तरह से बंद रहा. स्टेट बार कौंसिल के सचिव मो. मेहबूब अंसारी ने बताया कि हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने, इंदौर के वकील सूरज यादव के ऊपर हमला करने वाले बदमाशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने, देवास के वकील एसडी गुप्ता के विरूद्ध पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने, इटारसी तथा रीवा के वकीलों की लंबित मांगों के निराकरण हेतु सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिए जाने के विरोध और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांगों को लेकर मध्य प्रदेश स्टेट बार कौंसिल के आव्हान पर प्रदेश भर के 92 हजार वकीलों ने सोमवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया. वकीलों के अदालत के कामकाज से विरत रहने के कारण पक्षकारों को परेशान होना पड़ा. पक्षकारों ने स्वयं ही कोर्ट रुम में उपस्थित होकर अपने मुकदमों की पेशी तारीखों को आगे बढ़वाया. इस दौरान पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर अदालत में पेश किए गए मुल्जिमों के जमानती आवेदनों पर भी सुनवाई नहीं हुई और उन्हें जेल जाना पड़ा. कलेक्टर कार्यालय, तहसील, वक्फ ट्रिब्यूनल और गैस दावा अदालतों में भी वकीलों ने कामकाज में हिस्सा नहीं लिया. जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश व्यास एवं सचिव डॉ. पीसी कोठारी के नेतृत्व में वकीलों ने जिला अदालत परिसर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम संबोधित ज्ञापन जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेद्र शुक्ला को और सीएम एवं पुलिस महानिदेशक के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा. इस दौरान जिला बार एसोसिएशन की उपाध्यक्ष सपना चौधरी, खालिद हफीज, मो. रियाज उददीन, मयूर चालीसगांवकर, प्रकाश रावत, जितेंद्र सोलंकी, नौमान खान, मीरा चरार, शबिस्ता कुरैशी, सुनीता जोशी, रुपेश साहू सहित सैकड़ों वकील उपस्थित थे.  "/>

स्टेट बार कौंसिल के आव्हान पर किया अदालती कार्य का बहिष्कार, लोग हुए परेशान

नवभारत न्यूज भोपाल, स्टेट बार कौंसिल के आव्हान पर राजधानी के वकीलों ने सोमवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया. इस दौरान तहसील एवं जिला अदालतों में कामकाज पूरी तरह से बंद रहा. स्टेट बार कौंसिल के सचिव मो. मेहबूब अंसारी ने बताया कि हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने, इंदौर के वकील सूरज यादव के ऊपर हमला करने वाले बदमाशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने, देवास के वकील एसडी गुप्ता के विरूद्ध पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने, इटारसी तथा रीवा के वकीलों की लंबित मांगों के निराकरण हेतु सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिए जाने के विरोध और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांगों को लेकर मध्य प्रदेश स्टेट बार कौंसिल के आव्हान पर प्रदेश भर के 92 हजार वकीलों ने सोमवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया. वकीलों के अदालत के कामकाज से विरत रहने के कारण पक्षकारों को परेशान होना पड़ा. पक्षकारों ने स्वयं ही कोर्ट रुम में उपस्थित होकर अपने मुकदमों की पेशी तारीखों को आगे बढ़वाया. इस दौरान पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर अदालत में पेश किए गए मुल्जिमों के जमानती आवेदनों पर भी सुनवाई नहीं हुई और उन्हें जेल जाना पड़ा. कलेक्टर कार्यालय, तहसील, वक्फ ट्रिब्यूनल और गैस दावा अदालतों में भी वकीलों ने कामकाज में हिस्सा नहीं लिया. जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश व्यास एवं सचिव डॉ. पीसी कोठारी के नेतृत्व में वकीलों ने जिला अदालत परिसर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम संबोधित ज्ञापन जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेद्र शुक्ला को और सीएम एवं पुलिस महानिदेशक के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा. इस दौरान जिला बार एसोसिएशन की उपाध्यक्ष सपना चौधरी, खालिद हफीज, मो. रियाज उददीन, मयूर चालीसगांवकर, प्रकाश रावत, जितेंद्र सोलंकी, नौमान खान, मीरा चरार, शबिस्ता कुरैशी, सुनीता जोशी, रुपेश साहू सहित सैकड़ों वकील उपस्थित थे.  ">

वकीलों ने ठप किया अदालत का काम

2018/01/09



स्टेट बार कौंसिल के आव्हान पर किया अदालती कार्य का बहिष्कार, लोग हुए परेशान

  • पक्षकारों ने खुद बढ़वाई पेशी की तारीख
  • जमानती आवेदनों पर भी नहीं हो सकी सुनवाई
  • कलेक्टर, तहसील, वक्फ ट्रिब्यूनल और गैस दावा अदालतों में भी वकीलों ने नहीं किया काम
नवभारत न्यूज भोपाल, स्टेट बार कौंसिल के आव्हान पर राजधानी के वकीलों ने सोमवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया. इस दौरान तहसील एवं जिला अदालतों में कामकाज पूरी तरह से बंद रहा. स्टेट बार कौंसिल के सचिव मो. मेहबूब अंसारी ने बताया कि हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने, इंदौर के वकील सूरज यादव के ऊपर हमला करने वाले बदमाशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने, देवास के वकील एसडी गुप्ता के विरूद्ध पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने, इटारसी तथा रीवा के वकीलों की लंबित मांगों के निराकरण हेतु सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिए जाने के विरोध और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांगों को लेकर मध्य प्रदेश स्टेट बार कौंसिल के आव्हान पर प्रदेश भर के 92 हजार वकीलों ने सोमवार को अदालती कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया. वकीलों के अदालत के कामकाज से विरत रहने के कारण पक्षकारों को परेशान होना पड़ा. पक्षकारों ने स्वयं ही कोर्ट रुम में उपस्थित होकर अपने मुकदमों की पेशी तारीखों को आगे बढ़वाया. इस दौरान पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर अदालत में पेश किए गए मुल्जिमों के जमानती आवेदनों पर भी सुनवाई नहीं हुई और उन्हें जेल जाना पड़ा. कलेक्टर कार्यालय, तहसील, वक्फ ट्रिब्यूनल और गैस दावा अदालतों में भी वकीलों ने कामकाज में हिस्सा नहीं लिया. जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश व्यास एवं सचिव डॉ. पीसी कोठारी के नेतृत्व में वकीलों ने जिला अदालत परिसर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम संबोधित ज्ञापन जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेद्र शुक्ला को और सीएम एवं पुलिस महानिदेशक के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा. इस दौरान जिला बार एसोसिएशन की उपाध्यक्ष सपना चौधरी, खालिद हफीज, मो. रियाज उददीन, मयूर चालीसगांवकर, प्रकाश रावत, जितेंद्र सोलंकी, नौमान खान, मीरा चरार, शबिस्ता कुरैशी, सुनीता जोशी, रुपेश साहू सहित सैकड़ों वकील उपस्थित थे.  


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts