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जबलपुर में हुए महासत्संग में बोले रविशंकर

जबलपुर, वर्तमान परिवेश में भारत में तेजी से डिपे्रशन की बीमारी पैर पसार रही है। जबकि पुराने समय में इस रोग का नाम तक भारत में सुनाई नहीं देता था. यूरोप में 38 प्रतिशत लोग डिपे्रशन से पीडि़त है,लेकिन इस रोग के तेजी से बढ़ते कदम के चलते भारत में हालात चिंताजनक हो चुके है. वहीं पूरे विश्व में सिर्फ भारत ही एक ऐसा देश है जहां पर अभी भी आत्मीयता दिखाई देती है। फिर भी इस गुण का रस धीरे-धीरे भारत में भी समाप्त हो रहा है. उक्त उद्गार विश्व विख्यात संत श्री श्री रविशंकर ने जबलपुर में आयोजित हुए महासत्संग में प्रवचन के दौरान लगभग 25 हजार श्रोताओं के सामने व्यक्त किए. आगे श्री श्री रविशंकर ने कहा कि मौजूुद दौर मेंं लोगों के बीच एक दूसरे को गाली देना जैसी आसुरी शक्तियां दिखाई दे रही है। जिसके कारण लोगों के चेहरे से मुस्कान जैसी गायब सी हो गई है और हर पल चेहरे में तनाव हावी रहता है. जबकि ईश्वर समस्या देने के पहले झेलने की क्षमता पहले देख लेता है और उसके बाद ही लोगों क ो समस्या खड़ी करता है."/>

जबलपुर में हुए महासत्संग में बोले रविशंकर

जबलपुर, वर्तमान परिवेश में भारत में तेजी से डिपे्रशन की बीमारी पैर पसार रही है। जबकि पुराने समय में इस रोग का नाम तक भारत में सुनाई नहीं देता था. यूरोप में 38 प्रतिशत लोग डिपे्रशन से पीडि़त है,लेकिन इस रोग के तेजी से बढ़ते कदम के चलते भारत में हालात चिंताजनक हो चुके है. वहीं पूरे विश्व में सिर्फ भारत ही एक ऐसा देश है जहां पर अभी भी आत्मीयता दिखाई देती है। फिर भी इस गुण का रस धीरे-धीरे भारत में भी समाप्त हो रहा है. उक्त उद्गार विश्व विख्यात संत श्री श्री रविशंकर ने जबलपुर में आयोजित हुए महासत्संग में प्रवचन के दौरान लगभग 25 हजार श्रोताओं के सामने व्यक्त किए. आगे श्री श्री रविशंकर ने कहा कि मौजूुद दौर मेंं लोगों के बीच एक दूसरे को गाली देना जैसी आसुरी शक्तियां दिखाई दे रही है। जिसके कारण लोगों के चेहरे से मुस्कान जैसी गायब सी हो गई है और हर पल चेहरे में तनाव हावी रहता है. जबकि ईश्वर समस्या देने के पहले झेलने की क्षमता पहले देख लेता है और उसके बाद ही लोगों क ो समस्या खड़ी करता है."/>

जबलपुर में हुए महासत्संग में बोले रविशंकर

जबलपुर, वर्तमान परिवेश में भारत में तेजी से डिपे्रशन की बीमारी पैर पसार रही है। जबकि पुराने समय में इस रोग का नाम तक भारत में सुनाई नहीं देता था. यूरोप में 38 प्रतिशत लोग डिपे्रशन से पीडि़त है,लेकिन इस रोग के तेजी से बढ़ते कदम के चलते भारत में हालात चिंताजनक हो चुके है. वहीं पूरे विश्व में सिर्फ भारत ही एक ऐसा देश है जहां पर अभी भी आत्मीयता दिखाई देती है। फिर भी इस गुण का रस धीरे-धीरे भारत में भी समाप्त हो रहा है. उक्त उद्गार विश्व विख्यात संत श्री श्री रविशंकर ने जबलपुर में आयोजित हुए महासत्संग में प्रवचन के दौरान लगभग 25 हजार श्रोताओं के सामने व्यक्त किए. आगे श्री श्री रविशंकर ने कहा कि मौजूुद दौर मेंं लोगों के बीच एक दूसरे को गाली देना जैसी आसुरी शक्तियां दिखाई दे रही है। जिसके कारण लोगों के चेहरे से मुस्कान जैसी गायब सी हो गई है और हर पल चेहरे में तनाव हावी रहता है. जबकि ईश्वर समस्या देने के पहले झेलने की क्षमता पहले देख लेता है और उसके बाद ही लोगों क ो समस्या खड़ी करता है.">

लोगों में तेजी से बढ़ रहा है डिप्रेशन:श्री श्री

2018/03/09



जबलपुर में हुए महासत्संग में बोले रविशंकर

जबलपुर, वर्तमान परिवेश में भारत में तेजी से डिपे्रशन की बीमारी पैर पसार रही है। जबकि पुराने समय में इस रोग का नाम तक भारत में सुनाई नहीं देता था. यूरोप में 38 प्रतिशत लोग डिपे्रशन से पीडि़त है,लेकिन इस रोग के तेजी से बढ़ते कदम के चलते भारत में हालात चिंताजनक हो चुके है. वहीं पूरे विश्व में सिर्फ भारत ही एक ऐसा देश है जहां पर अभी भी आत्मीयता दिखाई देती है। फिर भी इस गुण का रस धीरे-धीरे भारत में भी समाप्त हो रहा है. उक्त उद्गार विश्व विख्यात संत श्री श्री रविशंकर ने जबलपुर में आयोजित हुए महासत्संग में प्रवचन के दौरान लगभग 25 हजार श्रोताओं के सामने व्यक्त किए. आगे श्री श्री रविशंकर ने कहा कि मौजूुद दौर मेंं लोगों के बीच एक दूसरे को गाली देना जैसी आसुरी शक्तियां दिखाई दे रही है। जिसके कारण लोगों के चेहरे से मुस्कान जैसी गायब सी हो गई है और हर पल चेहरे में तनाव हावी रहता है. जबकि ईश्वर समस्या देने के पहले झेलने की क्षमता पहले देख लेता है और उसके बाद ही लोगों क ो समस्या खड़ी करता है.


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