Breaking News :

म्यांमार की नेता आंग सान सू की ने आज कहा कि पिछले तीन महीनों के दौरान बंगलादेश में शरण लिए रोहिंग्या मुस्लिमों की वापसी को लेकर बंगलादेश के साथ समझौते की उम्मीद है और इसके परिणाम सामने आयेंगे। सू की ने यहां एशियाई-यूरोपीय देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की साथ बैठक की समाप्ति के बाद संवाददाताओं से यह बात कही।उन्होंने कहा कि बैठक में आधिकारिक चर्चा से इतर राखिने प्रांत की स्थिति को लेकर चर्चा की गयी। उल्लेखनीय है कि म्यांमार के राखिने प्रांत में सेना की कार्रवाई के बाद छह लाख से अधिक रोहिंग्या मुस्लिम अपनी जान बचाकर बंगलादेश पहुंचे हैं।"/> म्यांमार की नेता आंग सान सू की ने आज कहा कि पिछले तीन महीनों के दौरान बंगलादेश में शरण लिए रोहिंग्या मुस्लिमों की वापसी को लेकर बंगलादेश के साथ समझौते की उम्मीद है और इसके परिणाम सामने आयेंगे। सू की ने यहां एशियाई-यूरोपीय देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की साथ बैठक की समाप्ति के बाद संवाददाताओं से यह बात कही।उन्होंने कहा कि बैठक में आधिकारिक चर्चा से इतर राखिने प्रांत की स्थिति को लेकर चर्चा की गयी। उल्लेखनीय है कि म्यांमार के राखिने प्रांत में सेना की कार्रवाई के बाद छह लाख से अधिक रोहिंग्या मुस्लिम अपनी जान बचाकर बंगलादेश पहुंचे हैं।"/> म्यांमार की नेता आंग सान सू की ने आज कहा कि पिछले तीन महीनों के दौरान बंगलादेश में शरण लिए रोहिंग्या मुस्लिमों की वापसी को लेकर बंगलादेश के साथ समझौते की उम्मीद है और इसके परिणाम सामने आयेंगे। सू की ने यहां एशियाई-यूरोपीय देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की साथ बैठक की समाप्ति के बाद संवाददाताओं से यह बात कही।उन्होंने कहा कि बैठक में आधिकारिक चर्चा से इतर राखिने प्रांत की स्थिति को लेकर चर्चा की गयी। उल्लेखनीय है कि म्यांमार के राखिने प्रांत में सेना की कार्रवाई के बाद छह लाख से अधिक रोहिंग्या मुस्लिम अपनी जान बचाकर बंगलादेश पहुंचे हैं।">

रोहिंग्या मामले में बंगलादेश के साथ समझौते की उम्मीद : सू की

2017/11/22



म्यांमार की नेता आंग सान सू की ने आज कहा कि पिछले तीन महीनों के दौरान बंगलादेश में शरण लिए रोहिंग्या मुस्लिमों की वापसी को लेकर बंगलादेश के साथ समझौते की उम्मीद है और इसके परिणाम सामने आयेंगे। सू की ने यहां एशियाई-यूरोपीय देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की साथ बैठक की समाप्ति के बाद संवाददाताओं से यह बात कही।उन्होंने कहा कि बैठक में आधिकारिक चर्चा से इतर राखिने प्रांत की स्थिति को लेकर चर्चा की गयी। उल्लेखनीय है कि म्यांमार के राखिने प्रांत में सेना की कार्रवाई के बाद छह लाख से अधिक रोहिंग्या मुस्लिम अपनी जान बचाकर बंगलादेश पहुंचे हैं।


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts