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टोक्यो/यांगून, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि यांगून में रायटर के दो पत्रकारों की हाल में हुई गिरफ्तारी को म्यांमार में प्रेस की आजादी पर खतरे का संकेत बताते हुए कहा कि दोनों की रिहाई के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हर संभव कदम उठाना चाहिए। श्री गुटेरस ने कहा कि म्यांमार पर मुख्य चिंता का विषय राखिने राज्य में सेना के अभियान के दौरान हुआ “मानवाधिकारों का नाटकीय उल्लंघन” है जिसके कारण छह लाख से अधिक रोहिंग्या मुसलमानों को अपने देश से भागकर दक्षिणी बंगलादेश में शरण लेना पड़ा तथा पत्रकारों की गिरफ्तारी भी इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने कल टोक्यो में एक प्रेस कांफ्रेंस में राखिने से संबंधित रिपार्ट संग्रह कर रहे समाचार एजेंसी रायटर के दो पत्रकारों वा लोने और क्याव सोए औ की गत मंगलवार को हुई गिरफ्तारी की चर्चा करते हुए कहा,“यह स्पष्ट रुप से म्यांमार में प्रेस की आजादी में आ रही गिरावट को लेकर चिंता का विषय है।” उन्होंने कहा,“चूंकि व्यापक पैमाने पर हुए मानव त्रासदी की घटनाओं को देखने के बाद दाेनों रिपोर्ट कर रहे थे, शायद यही वजह है कि इन पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है।” श्री गुटेरस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को म्यांमार में प्रेस की आजादी और पत्रकारों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठानी चाहिए।"/> टोक्यो/यांगून, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि यांगून में रायटर के दो पत्रकारों की हाल में हुई गिरफ्तारी को म्यांमार में प्रेस की आजादी पर खतरे का संकेत बताते हुए कहा कि दोनों की रिहाई के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हर संभव कदम उठाना चाहिए। श्री गुटेरस ने कहा कि म्यांमार पर मुख्य चिंता का विषय राखिने राज्य में सेना के अभियान के दौरान हुआ “मानवाधिकारों का नाटकीय उल्लंघन” है जिसके कारण छह लाख से अधिक रोहिंग्या मुसलमानों को अपने देश से भागकर दक्षिणी बंगलादेश में शरण लेना पड़ा तथा पत्रकारों की गिरफ्तारी भी इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने कल टोक्यो में एक प्रेस कांफ्रेंस में राखिने से संबंधित रिपार्ट संग्रह कर रहे समाचार एजेंसी रायटर के दो पत्रकारों वा लोने और क्याव सोए औ की गत मंगलवार को हुई गिरफ्तारी की चर्चा करते हुए कहा,“यह स्पष्ट रुप से म्यांमार में प्रेस की आजादी में आ रही गिरावट को लेकर चिंता का विषय है।” उन्होंने कहा,“चूंकि व्यापक पैमाने पर हुए मानव त्रासदी की घटनाओं को देखने के बाद दाेनों रिपोर्ट कर रहे थे, शायद यही वजह है कि इन पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है।” श्री गुटेरस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को म्यांमार में प्रेस की आजादी और पत्रकारों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठानी चाहिए।"/> टोक्यो/यांगून, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि यांगून में रायटर के दो पत्रकारों की हाल में हुई गिरफ्तारी को म्यांमार में प्रेस की आजादी पर खतरे का संकेत बताते हुए कहा कि दोनों की रिहाई के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हर संभव कदम उठाना चाहिए। श्री गुटेरस ने कहा कि म्यांमार पर मुख्य चिंता का विषय राखिने राज्य में सेना के अभियान के दौरान हुआ “मानवाधिकारों का नाटकीय उल्लंघन” है जिसके कारण छह लाख से अधिक रोहिंग्या मुसलमानों को अपने देश से भागकर दक्षिणी बंगलादेश में शरण लेना पड़ा तथा पत्रकारों की गिरफ्तारी भी इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने कल टोक्यो में एक प्रेस कांफ्रेंस में राखिने से संबंधित रिपार्ट संग्रह कर रहे समाचार एजेंसी रायटर के दो पत्रकारों वा लोने और क्याव सोए औ की गत मंगलवार को हुई गिरफ्तारी की चर्चा करते हुए कहा,“यह स्पष्ट रुप से म्यांमार में प्रेस की आजादी में आ रही गिरावट को लेकर चिंता का विषय है।” उन्होंने कहा,“चूंकि व्यापक पैमाने पर हुए मानव त्रासदी की घटनाओं को देखने के बाद दाेनों रिपोर्ट कर रहे थे, शायद यही वजह है कि इन पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है।” श्री गुटेरस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को म्यांमार में प्रेस की आजादी और पत्रकारों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठानी चाहिए।">

रायटर पत्रकारों की रिहाई के लिए संरा प्रमुख का दबाव

2017/12/15



टोक्यो/यांगून, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि यांगून में रायटर के दो पत्रकारों की हाल में हुई गिरफ्तारी को म्यांमार में प्रेस की आजादी पर खतरे का संकेत बताते हुए कहा कि दोनों की रिहाई के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हर संभव कदम उठाना चाहिए। श्री गुटेरस ने कहा कि म्यांमार पर मुख्य चिंता का विषय राखिने राज्य में सेना के अभियान के दौरान हुआ “मानवाधिकारों का नाटकीय उल्लंघन” है जिसके कारण छह लाख से अधिक रोहिंग्या मुसलमानों को अपने देश से भागकर दक्षिणी बंगलादेश में शरण लेना पड़ा तथा पत्रकारों की गिरफ्तारी भी इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने कल टोक्यो में एक प्रेस कांफ्रेंस में राखिने से संबंधित रिपार्ट संग्रह कर रहे समाचार एजेंसी रायटर के दो पत्रकारों वा लोने और क्याव सोए औ की गत मंगलवार को हुई गिरफ्तारी की चर्चा करते हुए कहा,“यह स्पष्ट रुप से म्यांमार में प्रेस की आजादी में आ रही गिरावट को लेकर चिंता का विषय है।” उन्होंने कहा,“चूंकि व्यापक पैमाने पर हुए मानव त्रासदी की घटनाओं को देखने के बाद दाेनों रिपोर्ट कर रहे थे, शायद यही वजह है कि इन पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है।” श्री गुटेरस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को म्यांमार में प्रेस की आजादी और पत्रकारों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठानी चाहिए।


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