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नवभारत न्यूज गुना, छत्तीसगढ़ स्थित जोबट-बोरी के पास हुये आत्मघाती हमले में अरविन्द सेन हेड कांस्टेबल शहीद हो गए. जिनका शुक्रवार को पार्थिक शरीर गावं पलिका बजार विजयपुर लाया गया. जहां शहीद को राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई. यहां पर माँ सुमित्रा ने खोया अपनी आँखों का तारा बेटे की लाश देककर बेहोश हो गई. वहीं पिता ओमप्रकाश सेन रोते-रोते आंसू सूख गये. ऐसे में अब शहीद हुए श्री सेन के बूढ़़े माँ-बाप का कौन सहारा बनेगा. इस बीच शहीद हुए अरविंद सेन की पत्नी ने हिम्मत बांधते हुए कहा कि सीमा पर जिन कायरों ने यह हरकत की है उन्हें जिदा नही छोडऩा. आगे कहा कि मेरे हाथों में दो बन्दूक एक को भी जिन्दा नही छोड़ूंगी. मिली जानकारी के अनुसार शहीद श्री सेन के एक बेटा लक्की और बेटी कामना सेन का कलेक्टर, इंजिनियर बनने का सपना था. ऐसी स्थिति में अब उनके सपने पूरे कौन करेगा. बताया गया है कि बेटा लक्की 9 वर्ष तथा बेटी कामना 7 वर्ष की है. वहीं बेटियों ने धीर बांधते हुए मां के आँसू पोछते हुये कहा मां चिन्ता न कर तेरी बेटी अभी मरी नही माँ जिन्दा हैं. हम खुद करेंगे बाबा का सपना पूरा माँ. वेटा धु्रव ने कहा मां में भी बड़ा होकर जवान बनूंगा और देश की सेवा करूगा. दुश्मनों के दात खट्टे कर दूंगा. कभी नही आने दूगा तेरी आखँ में आसू मां सहीद की दो बहने शशी और सन्तोष वाई तो पड़ी हैं बेहोश छोटे भाई अनिल और राम सेवक ने विलक-विलक कर गले लगया दोनों भतीजी और भतीजा धु्रव को. और कहा कि मुझे पहुंचा दो साहब भाई की जगह में करुगा दुश्मनों से मुकवला और एक-एक को मार डालूंगा. एक भाई का यह भी कहना है कि मेरे भाई के साथ रची गई सजिश पर जल्द से जल्द जांच की जाए. साथ ही आईजी अनिल कुमार ने कहा कि अरविन्द शहीद हुया है उसे बुलाया नही जा सकता और वह वापस भी नही आ सकता इस तरह कहते हुये जिले में नौकरी देने का भरोसा दिलाया है कि हम आपकी हर संभव मदद को तैयार है. पुलिस अधीक्षक निमिष अग्रवाल ने कहा कि जिला पुलिस भी हमेशा आपके साथ है. इस मौके पर राजकीय सम्मान के साथ दी गई श्रद्धांजलि में पुलिस सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे."/> नवभारत न्यूज गुना, छत्तीसगढ़ स्थित जोबट-बोरी के पास हुये आत्मघाती हमले में अरविन्द सेन हेड कांस्टेबल शहीद हो गए. जिनका शुक्रवार को पार्थिक शरीर गावं पलिका बजार विजयपुर लाया गया. जहां शहीद को राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई. यहां पर माँ सुमित्रा ने खोया अपनी आँखों का तारा बेटे की लाश देककर बेहोश हो गई. वहीं पिता ओमप्रकाश सेन रोते-रोते आंसू सूख गये. ऐसे में अब शहीद हुए श्री सेन के बूढ़़े माँ-बाप का कौन सहारा बनेगा. इस बीच शहीद हुए अरविंद सेन की पत्नी ने हिम्मत बांधते हुए कहा कि सीमा पर जिन कायरों ने यह हरकत की है उन्हें जिदा नही छोडऩा. आगे कहा कि मेरे हाथों में दो बन्दूक एक को भी जिन्दा नही छोड़ूंगी. मिली जानकारी के अनुसार शहीद श्री सेन के एक बेटा लक्की और बेटी कामना सेन का कलेक्टर, इंजिनियर बनने का सपना था. ऐसी स्थिति में अब उनके सपने पूरे कौन करेगा. बताया गया है कि बेटा लक्की 9 वर्ष तथा बेटी कामना 7 वर्ष की है. वहीं बेटियों ने धीर बांधते हुए मां के आँसू पोछते हुये कहा मां चिन्ता न कर तेरी बेटी अभी मरी नही माँ जिन्दा हैं. हम खुद करेंगे बाबा का सपना पूरा माँ. वेटा धु्रव ने कहा मां में भी बड़ा होकर जवान बनूंगा और देश की सेवा करूगा. दुश्मनों के दात खट्टे कर दूंगा. कभी नही आने दूगा तेरी आखँ में आसू मां सहीद की दो बहने शशी और सन्तोष वाई तो पड़ी हैं बेहोश छोटे भाई अनिल और राम सेवक ने विलक-विलक कर गले लगया दोनों भतीजी और भतीजा धु्रव को. और कहा कि मुझे पहुंचा दो साहब भाई की जगह में करुगा दुश्मनों से मुकवला और एक-एक को मार डालूंगा. एक भाई का यह भी कहना है कि मेरे भाई के साथ रची गई सजिश पर जल्द से जल्द जांच की जाए. साथ ही आईजी अनिल कुमार ने कहा कि अरविन्द शहीद हुया है उसे बुलाया नही जा सकता और वह वापस भी नही आ सकता इस तरह कहते हुये जिले में नौकरी देने का भरोसा दिलाया है कि हम आपकी हर संभव मदद को तैयार है. पुलिस अधीक्षक निमिष अग्रवाल ने कहा कि जिला पुलिस भी हमेशा आपके साथ है. इस मौके पर राजकीय सम्मान के साथ दी गई श्रद्धांजलि में पुलिस सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे."/> नवभारत न्यूज गुना, छत्तीसगढ़ स्थित जोबट-बोरी के पास हुये आत्मघाती हमले में अरविन्द सेन हेड कांस्टेबल शहीद हो गए. जिनका शुक्रवार को पार्थिक शरीर गावं पलिका बजार विजयपुर लाया गया. जहां शहीद को राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई. यहां पर माँ सुमित्रा ने खोया अपनी आँखों का तारा बेटे की लाश देककर बेहोश हो गई. वहीं पिता ओमप्रकाश सेन रोते-रोते आंसू सूख गये. ऐसे में अब शहीद हुए श्री सेन के बूढ़़े माँ-बाप का कौन सहारा बनेगा. इस बीच शहीद हुए अरविंद सेन की पत्नी ने हिम्मत बांधते हुए कहा कि सीमा पर जिन कायरों ने यह हरकत की है उन्हें जिदा नही छोडऩा. आगे कहा कि मेरे हाथों में दो बन्दूक एक को भी जिन्दा नही छोड़ूंगी. मिली जानकारी के अनुसार शहीद श्री सेन के एक बेटा लक्की और बेटी कामना सेन का कलेक्टर, इंजिनियर बनने का सपना था. ऐसी स्थिति में अब उनके सपने पूरे कौन करेगा. बताया गया है कि बेटा लक्की 9 वर्ष तथा बेटी कामना 7 वर्ष की है. वहीं बेटियों ने धीर बांधते हुए मां के आँसू पोछते हुये कहा मां चिन्ता न कर तेरी बेटी अभी मरी नही माँ जिन्दा हैं. हम खुद करेंगे बाबा का सपना पूरा माँ. वेटा धु्रव ने कहा मां में भी बड़ा होकर जवान बनूंगा और देश की सेवा करूगा. दुश्मनों के दात खट्टे कर दूंगा. कभी नही आने दूगा तेरी आखँ में आसू मां सहीद की दो बहने शशी और सन्तोष वाई तो पड़ी हैं बेहोश छोटे भाई अनिल और राम सेवक ने विलक-विलक कर गले लगया दोनों भतीजी और भतीजा धु्रव को. और कहा कि मुझे पहुंचा दो साहब भाई की जगह में करुगा दुश्मनों से मुकवला और एक-एक को मार डालूंगा. एक भाई का यह भी कहना है कि मेरे भाई के साथ रची गई सजिश पर जल्द से जल्द जांच की जाए. साथ ही आईजी अनिल कुमार ने कहा कि अरविन्द शहीद हुया है उसे बुलाया नही जा सकता और वह वापस भी नही आ सकता इस तरह कहते हुये जिले में नौकरी देने का भरोसा दिलाया है कि हम आपकी हर संभव मदद को तैयार है. पुलिस अधीक्षक निमिष अग्रवाल ने कहा कि जिला पुलिस भी हमेशा आपके साथ है. इस मौके पर राजकीय सम्मान के साथ दी गई श्रद्धांजलि में पुलिस सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.">

राजकीय सम्मान के साथ शहीद को श्रद्धांजलि

2017/12/09



नवभारत न्यूज गुना, छत्तीसगढ़ स्थित जोबट-बोरी के पास हुये आत्मघाती हमले में अरविन्द सेन हेड कांस्टेबल शहीद हो गए. जिनका शुक्रवार को पार्थिक शरीर गावं पलिका बजार विजयपुर लाया गया. जहां शहीद को राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई. यहां पर माँ सुमित्रा ने खोया अपनी आँखों का तारा बेटे की लाश देककर बेहोश हो गई. वहीं पिता ओमप्रकाश सेन रोते-रोते आंसू सूख गये. ऐसे में अब शहीद हुए श्री सेन के बूढ़़े माँ-बाप का कौन सहारा बनेगा. इस बीच शहीद हुए अरविंद सेन की पत्नी ने हिम्मत बांधते हुए कहा कि सीमा पर जिन कायरों ने यह हरकत की है उन्हें जिदा नही छोडऩा. आगे कहा कि मेरे हाथों में दो बन्दूक एक को भी जिन्दा नही छोड़ूंगी. मिली जानकारी के अनुसार शहीद श्री सेन के एक बेटा लक्की और बेटी कामना सेन का कलेक्टर, इंजिनियर बनने का सपना था. ऐसी स्थिति में अब उनके सपने पूरे कौन करेगा. बताया गया है कि बेटा लक्की 9 वर्ष तथा बेटी कामना 7 वर्ष की है. वहीं बेटियों ने धीर बांधते हुए मां के आँसू पोछते हुये कहा मां चिन्ता न कर तेरी बेटी अभी मरी नही माँ जिन्दा हैं. हम खुद करेंगे बाबा का सपना पूरा माँ. वेटा धु्रव ने कहा मां में भी बड़ा होकर जवान बनूंगा और देश की सेवा करूगा. दुश्मनों के दात खट्टे कर दूंगा. कभी नही आने दूगा तेरी आखँ में आसू मां सहीद की दो बहने शशी और सन्तोष वाई तो पड़ी हैं बेहोश छोटे भाई अनिल और राम सेवक ने विलक-विलक कर गले लगया दोनों भतीजी और भतीजा धु्रव को. और कहा कि मुझे पहुंचा दो साहब भाई की जगह में करुगा दुश्मनों से मुकवला और एक-एक को मार डालूंगा. एक भाई का यह भी कहना है कि मेरे भाई के साथ रची गई सजिश पर जल्द से जल्द जांच की जाए. साथ ही आईजी अनिल कुमार ने कहा कि अरविन्द शहीद हुया है उसे बुलाया नही जा सकता और वह वापस भी नही आ सकता इस तरह कहते हुये जिले में नौकरी देने का भरोसा दिलाया है कि हम आपकी हर संभव मदद को तैयार है. पुलिस अधीक्षक निमिष अग्रवाल ने कहा कि जिला पुलिस भी हमेशा आपके साथ है. इस मौके पर राजकीय सम्मान के साथ दी गई श्रद्धांजलि में पुलिस सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.


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