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भोपाल में दूसरी बार बना ग्रीन कॉरिडोर एयर एंबुलेंस से मुंबई ले जाया गया हार्ट भोपाल, राजधानी में शुक्रवार को अंगदान के लिए भोपाल और मुंबई में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया.भोपाल में 20 साल के शशांक कोरान्ने की ब्रेन डेथ होने के बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उसका दिल एयर एंबुलेंस से मुंबई भेजा गया, जिसे वहां पर एक मरीज में लगाया गया. हार्ट रिट्रीव के लिए फोर्टिस हॉस्पिटल, मुंबई के डॉक्टरों की टीम विशेष रूप से शहर के बंसल हॉस्पिटल आई थी. बंसल हॉस्पिटल से एक किडनी को इंदौर एंबुलेंस के जरिए भेजा गया. देर रात दोनों जगह पर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. कायम की मिसाल शशांक के परिजनों ने एक मिसाल कायम करते हुए आपसी सहमती से उसकी किडनी, लीवर, ह्रदय, त्वचा व नेत्र दान करने का निर्णय लिया. जिसमें से लीवर एवं एक किडनी बंसल हॉस्पिटल को मिला, एक किडनी चोइथराम हॉस्पिटल इंदौर व् ह्रदय फोर्टिस हॉस्पिटल मुलंद, मुंबई को दी गयी. जिसके लिए भोपाल में प्रशासन द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. एक्सीडेंट में हुई थी मल्टीपल इंजुरी रोहित नगर निवासी शशांक कोरान्ने का एक्सीडेंट 19 दिसम्बर को बीएसएसएस कॉलेज जाते समय हो गया था. एक तेज रफ्तार डंपर ने उसकी बाइक को टक्कर मारी थी. इसके बाद शशांक को नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां पर वो ठीक था. बातचीत कर रहा था. डॉक्टरों ने जांच के बाद परिजनों को बताया था कि मल्टीपल इंजूरी है. इसलिए बचना मुश्किल है. 27 तारीख तक नर्मदा में इलाज चला. बंसल हॉस्पिटल में शशांक को कल सुबह 29 दिसंबर को ब्रेन डेड घोषित किया गया.परिजनों की काउंसलिंग भोपाल ऑर्गन डोनेशन सोसायटी के सदस्यों और डॉ. राकेश भार्गव द्वारा कराई गई. शशांक के पिता राजेश कोरान्ने और उनकी पत्नी ममता कोरान्ने ने फैसला लिया कि उनके बेटों के अंगों से 10 लोगों को नई जिंदगी मिल सकती है. इन अंगों के दान के जरिए बेटे को हमेशा अपने बीच जिंदा रहेगा. परिजनों के अनुमति के बाद डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित किया."/> भोपाल में दूसरी बार बना ग्रीन कॉरिडोर एयर एंबुलेंस से मुंबई ले जाया गया हार्ट भोपाल, राजधानी में शुक्रवार को अंगदान के लिए भोपाल और मुंबई में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया.भोपाल में 20 साल के शशांक कोरान्ने की ब्रेन डेथ होने के बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उसका दिल एयर एंबुलेंस से मुंबई भेजा गया, जिसे वहां पर एक मरीज में लगाया गया. हार्ट रिट्रीव के लिए फोर्टिस हॉस्पिटल, मुंबई के डॉक्टरों की टीम विशेष रूप से शहर के बंसल हॉस्पिटल आई थी. बंसल हॉस्पिटल से एक किडनी को इंदौर एंबुलेंस के जरिए भेजा गया. देर रात दोनों जगह पर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. कायम की मिसाल शशांक के परिजनों ने एक मिसाल कायम करते हुए आपसी सहमती से उसकी किडनी, लीवर, ह्रदय, त्वचा व नेत्र दान करने का निर्णय लिया. जिसमें से लीवर एवं एक किडनी बंसल हॉस्पिटल को मिला, एक किडनी चोइथराम हॉस्पिटल इंदौर व् ह्रदय फोर्टिस हॉस्पिटल मुलंद, मुंबई को दी गयी. जिसके लिए भोपाल में प्रशासन द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. एक्सीडेंट में हुई थी मल्टीपल इंजुरी रोहित नगर निवासी शशांक कोरान्ने का एक्सीडेंट 19 दिसम्बर को बीएसएसएस कॉलेज जाते समय हो गया था. एक तेज रफ्तार डंपर ने उसकी बाइक को टक्कर मारी थी. इसके बाद शशांक को नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां पर वो ठीक था. बातचीत कर रहा था. डॉक्टरों ने जांच के बाद परिजनों को बताया था कि मल्टीपल इंजूरी है. इसलिए बचना मुश्किल है. 27 तारीख तक नर्मदा में इलाज चला. बंसल हॉस्पिटल में शशांक को कल सुबह 29 दिसंबर को ब्रेन डेड घोषित किया गया.परिजनों की काउंसलिंग भोपाल ऑर्गन डोनेशन सोसायटी के सदस्यों और डॉ. राकेश भार्गव द्वारा कराई गई. शशांक के पिता राजेश कोरान्ने और उनकी पत्नी ममता कोरान्ने ने फैसला लिया कि उनके बेटों के अंगों से 10 लोगों को नई जिंदगी मिल सकती है. इन अंगों के दान के जरिए बेटे को हमेशा अपने बीच जिंदा रहेगा. परिजनों के अनुमति के बाद डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित किया."/> भोपाल में दूसरी बार बना ग्रीन कॉरिडोर एयर एंबुलेंस से मुंबई ले जाया गया हार्ट भोपाल, राजधानी में शुक्रवार को अंगदान के लिए भोपाल और मुंबई में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया.भोपाल में 20 साल के शशांक कोरान्ने की ब्रेन डेथ होने के बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उसका दिल एयर एंबुलेंस से मुंबई भेजा गया, जिसे वहां पर एक मरीज में लगाया गया. हार्ट रिट्रीव के लिए फोर्टिस हॉस्पिटल, मुंबई के डॉक्टरों की टीम विशेष रूप से शहर के बंसल हॉस्पिटल आई थी. बंसल हॉस्पिटल से एक किडनी को इंदौर एंबुलेंस के जरिए भेजा गया. देर रात दोनों जगह पर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. कायम की मिसाल शशांक के परिजनों ने एक मिसाल कायम करते हुए आपसी सहमती से उसकी किडनी, लीवर, ह्रदय, त्वचा व नेत्र दान करने का निर्णय लिया. जिसमें से लीवर एवं एक किडनी बंसल हॉस्पिटल को मिला, एक किडनी चोइथराम हॉस्पिटल इंदौर व् ह्रदय फोर्टिस हॉस्पिटल मुलंद, मुंबई को दी गयी. जिसके लिए भोपाल में प्रशासन द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. एक्सीडेंट में हुई थी मल्टीपल इंजुरी रोहित नगर निवासी शशांक कोरान्ने का एक्सीडेंट 19 दिसम्बर को बीएसएसएस कॉलेज जाते समय हो गया था. एक तेज रफ्तार डंपर ने उसकी बाइक को टक्कर मारी थी. इसके बाद शशांक को नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां पर वो ठीक था. बातचीत कर रहा था. डॉक्टरों ने जांच के बाद परिजनों को बताया था कि मल्टीपल इंजूरी है. इसलिए बचना मुश्किल है. 27 तारीख तक नर्मदा में इलाज चला. बंसल हॉस्पिटल में शशांक को कल सुबह 29 दिसंबर को ब्रेन डेड घोषित किया गया.परिजनों की काउंसलिंग भोपाल ऑर्गन डोनेशन सोसायटी के सदस्यों और डॉ. राकेश भार्गव द्वारा कराई गई. शशांक के पिता राजेश कोरान्ने और उनकी पत्नी ममता कोरान्ने ने फैसला लिया कि उनके बेटों के अंगों से 10 लोगों को नई जिंदगी मिल सकती है. इन अंगों के दान के जरिए बेटे को हमेशा अपने बीच जिंदा रहेगा. परिजनों के अनुमति के बाद डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित किया.">

मौत के बाद भी 4 लोगों को जिंदगी दे गया शशांक

2017/12/30



भोपाल में दूसरी बार बना ग्रीन कॉरिडोर एयर एंबुलेंस से मुंबई ले जाया गया हार्ट

  • किडनी, लीवर, हृदय, त्वचा व नेत्र किया दान
  • मुंबई में धड़केगा दिल, इंदौर भेजी गई किडनी
  • भोपाल ऑर्गन डोनेशन सोसा. ने की परिजनों की काउंसलिंग
भोपाल, राजधानी में शुक्रवार को अंगदान के लिए भोपाल और मुंबई में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया.भोपाल में 20 साल के शशांक कोरान्ने की ब्रेन डेथ होने के बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उसका दिल एयर एंबुलेंस से मुंबई भेजा गया, जिसे वहां पर एक मरीज में लगाया गया. हार्ट रिट्रीव के लिए फोर्टिस हॉस्पिटल, मुंबई के डॉक्टरों की टीम विशेष रूप से शहर के बंसल हॉस्पिटल आई थी. बंसल हॉस्पिटल से एक किडनी को इंदौर एंबुलेंस के जरिए भेजा गया. देर रात दोनों जगह पर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. कायम की मिसाल शशांक के परिजनों ने एक मिसाल कायम करते हुए आपसी सहमती से उसकी किडनी, लीवर, ह्रदय, त्वचा व नेत्र दान करने का निर्णय लिया. जिसमें से लीवर एवं एक किडनी बंसल हॉस्पिटल को मिला, एक किडनी चोइथराम हॉस्पिटल इंदौर व् ह्रदय फोर्टिस हॉस्पिटल मुलंद, मुंबई को दी गयी. जिसके लिए भोपाल में प्रशासन द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. एक्सीडेंट में हुई थी मल्टीपल इंजुरी रोहित नगर निवासी शशांक कोरान्ने का एक्सीडेंट 19 दिसम्बर को बीएसएसएस कॉलेज जाते समय हो गया था. एक तेज रफ्तार डंपर ने उसकी बाइक को टक्कर मारी थी. इसके बाद शशांक को नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां पर वो ठीक था. बातचीत कर रहा था. डॉक्टरों ने जांच के बाद परिजनों को बताया था कि मल्टीपल इंजूरी है. इसलिए बचना मुश्किल है. 27 तारीख तक नर्मदा में इलाज चला. बंसल हॉस्पिटल में शशांक को कल सुबह 29 दिसंबर को ब्रेन डेड घोषित किया गया.परिजनों की काउंसलिंग भोपाल ऑर्गन डोनेशन सोसायटी के सदस्यों और डॉ. राकेश भार्गव द्वारा कराई गई. शशांक के पिता राजेश कोरान्ने और उनकी पत्नी ममता कोरान्ने ने फैसला लिया कि उनके बेटों के अंगों से 10 लोगों को नई जिंदगी मिल सकती है. इन अंगों के दान के जरिए बेटे को हमेशा अपने बीच जिंदा रहेगा. परिजनों के अनुमति के बाद डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित किया.


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