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भारत भवन में प्रदर्शनी भोपाल, भारत भवन में शिल्प प्रदर्शनी माटीमन में शिल्प कार गिरिजा वायंगणकार के बनायें मिट्टी के पात्रों की प्रदर्शनी लगी हुयी हैं. गिरिजा के शिल्पों में भारतीय परंपरा एवं आधुनिकता का मिश्रण हैं, इस प्रदर्शनी में उनके बनाये बर्तन शिल्पप्रेमियों को अपनी आकर्षित करते हैं. गिरिजा के शिल्प मानवीय स्पर्श, अनुभूतियों के मार्मिक वर्णन के साथ ही परंपरा और समकाल के सतत विमर्श के शिल्प हैं. वायंगणकार ने बताया कि वह समय झरोखे में काम करती थी पर अपने हुनर को पहचान कर उन्होने नौकरी छोड़कर मिट्टी के शिल्प बनाने में अपना समय देने लगी. उन्होने बताया कि उनके परिवार व पति ने उनको उनके हुनर के प्रति सहयोग दिया है.  "/> भारत भवन में प्रदर्शनी भोपाल, भारत भवन में शिल्प प्रदर्शनी माटीमन में शिल्प कार गिरिजा वायंगणकार के बनायें मिट्टी के पात्रों की प्रदर्शनी लगी हुयी हैं. गिरिजा के शिल्पों में भारतीय परंपरा एवं आधुनिकता का मिश्रण हैं, इस प्रदर्शनी में उनके बनाये बर्तन शिल्पप्रेमियों को अपनी आकर्षित करते हैं. गिरिजा के शिल्प मानवीय स्पर्श, अनुभूतियों के मार्मिक वर्णन के साथ ही परंपरा और समकाल के सतत विमर्श के शिल्प हैं. वायंगणकार ने बताया कि वह समय झरोखे में काम करती थी पर अपने हुनर को पहचान कर उन्होने नौकरी छोड़कर मिट्टी के शिल्प बनाने में अपना समय देने लगी. उन्होने बताया कि उनके परिवार व पति ने उनको उनके हुनर के प्रति सहयोग दिया है.  "/> भारत भवन में प्रदर्शनी भोपाल, भारत भवन में शिल्प प्रदर्शनी माटीमन में शिल्प कार गिरिजा वायंगणकार के बनायें मिट्टी के पात्रों की प्रदर्शनी लगी हुयी हैं. गिरिजा के शिल्पों में भारतीय परंपरा एवं आधुनिकता का मिश्रण हैं, इस प्रदर्शनी में उनके बनाये बर्तन शिल्पप्रेमियों को अपनी आकर्षित करते हैं. गिरिजा के शिल्प मानवीय स्पर्श, अनुभूतियों के मार्मिक वर्णन के साथ ही परंपरा और समकाल के सतत विमर्श के शिल्प हैं. वायंगणकार ने बताया कि वह समय झरोखे में काम करती थी पर अपने हुनर को पहचान कर उन्होने नौकरी छोड़कर मिट्टी के शिल्प बनाने में अपना समय देने लगी. उन्होने बताया कि उनके परिवार व पति ने उनको उनके हुनर के प्रति सहयोग दिया है.  ">

मिट्टी को बनाया जिंदगी का पैशन

2017/12/15



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