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बीजिंग, चीन ने क्षेत्रीय ताकत में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया को मालदीव से दूर रखने के लिए अपना युद्धपोत हिंद महासागर में तैनात किया है। ऑस्ट्रेलियाई समाचार वेबसाइट ‘न्यूज डॉट कॉम एयू’ के मुताबिक चीनी युद्धपोत की तैनाती का मकसद भारत को विवादों में उलझे मालदीव प्रायद्वीप से दूर रखना है। मालदीव पर चीन अपना दावा करता रहा है। युद्धपोत की तैनाती का असर आस्ट्रेलिया के ऊपर पड़ने की भी संभावना है। नौसेना की तैनाती में हालांकि नया कुछ भी नहीं है। सदियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्चस्व कायम करने के लिए नौसेना का इस्तेमाल किया जाता रहा है।हिंद महासागर में स्थित मालदीव में मौजूदा संकट भारत और चीन के बीच टकराव का नया बिंदु बनता जा रहा है। मालदीव फिलहाल संवैधानिक संकट का सामना कर रहा है। चीन पूरे आत्मविश्वास के साथ क्षेत्र के मामले में अपनी मौजूदगी का एहसास कराना चाहता है। एक आधुनिक विध्वंसक, एक फ्रिगेट, एक हमलावर जहाज और एक सहायक टैंकर के साथ चीनी नौसैनिक बल ने पिछले हफ्ते हिंद महासागर में प्रवेश किया। अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञाें का मानना है कि चीनी नौसेना की तैनाती भारत को हस्तक्षेप करने से रोकने के लिए की गयी है। इस छोटे से द्वीप के लिए चीन के पास बड़ी योजनाएं हैं और वह स्थानीय लोगों को इसमें नहीं शामिल करना चाहता है।"/> बीजिंग, चीन ने क्षेत्रीय ताकत में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया को मालदीव से दूर रखने के लिए अपना युद्धपोत हिंद महासागर में तैनात किया है। ऑस्ट्रेलियाई समाचार वेबसाइट ‘न्यूज डॉट कॉम एयू’ के मुताबिक चीनी युद्धपोत की तैनाती का मकसद भारत को विवादों में उलझे मालदीव प्रायद्वीप से दूर रखना है। मालदीव पर चीन अपना दावा करता रहा है। युद्धपोत की तैनाती का असर आस्ट्रेलिया के ऊपर पड़ने की भी संभावना है। नौसेना की तैनाती में हालांकि नया कुछ भी नहीं है। सदियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्चस्व कायम करने के लिए नौसेना का इस्तेमाल किया जाता रहा है।हिंद महासागर में स्थित मालदीव में मौजूदा संकट भारत और चीन के बीच टकराव का नया बिंदु बनता जा रहा है। मालदीव फिलहाल संवैधानिक संकट का सामना कर रहा है। चीन पूरे आत्मविश्वास के साथ क्षेत्र के मामले में अपनी मौजूदगी का एहसास कराना चाहता है। एक आधुनिक विध्वंसक, एक फ्रिगेट, एक हमलावर जहाज और एक सहायक टैंकर के साथ चीनी नौसैनिक बल ने पिछले हफ्ते हिंद महासागर में प्रवेश किया। अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञाें का मानना है कि चीनी नौसेना की तैनाती भारत को हस्तक्षेप करने से रोकने के लिए की गयी है। इस छोटे से द्वीप के लिए चीन के पास बड़ी योजनाएं हैं और वह स्थानीय लोगों को इसमें नहीं शामिल करना चाहता है।"/> बीजिंग, चीन ने क्षेत्रीय ताकत में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया को मालदीव से दूर रखने के लिए अपना युद्धपोत हिंद महासागर में तैनात किया है। ऑस्ट्रेलियाई समाचार वेबसाइट ‘न्यूज डॉट कॉम एयू’ के मुताबिक चीनी युद्धपोत की तैनाती का मकसद भारत को विवादों में उलझे मालदीव प्रायद्वीप से दूर रखना है। मालदीव पर चीन अपना दावा करता रहा है। युद्धपोत की तैनाती का असर आस्ट्रेलिया के ऊपर पड़ने की भी संभावना है। नौसेना की तैनाती में हालांकि नया कुछ भी नहीं है। सदियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्चस्व कायम करने के लिए नौसेना का इस्तेमाल किया जाता रहा है।हिंद महासागर में स्थित मालदीव में मौजूदा संकट भारत और चीन के बीच टकराव का नया बिंदु बनता जा रहा है। मालदीव फिलहाल संवैधानिक संकट का सामना कर रहा है। चीन पूरे आत्मविश्वास के साथ क्षेत्र के मामले में अपनी मौजूदगी का एहसास कराना चाहता है। एक आधुनिक विध्वंसक, एक फ्रिगेट, एक हमलावर जहाज और एक सहायक टैंकर के साथ चीनी नौसैनिक बल ने पिछले हफ्ते हिंद महासागर में प्रवेश किया। अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञाें का मानना है कि चीनी नौसेना की तैनाती भारत को हस्तक्षेप करने से रोकने के लिए की गयी है। इस छोटे से द्वीप के लिए चीन के पास बड़ी योजनाएं हैं और वह स्थानीय लोगों को इसमें नहीं शामिल करना चाहता है।">

मालदीव संकट: चीन ने भारत को दूर रखने के लिए भेजी नौसेना

2018/02/21



बीजिंग, चीन ने क्षेत्रीय ताकत में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया को मालदीव से दूर रखने के लिए अपना युद्धपोत हिंद महासागर में तैनात किया है। ऑस्ट्रेलियाई समाचार वेबसाइट ‘न्यूज डॉट कॉम एयू’ के मुताबिक चीनी युद्धपोत की तैनाती का मकसद भारत को विवादों में उलझे मालदीव प्रायद्वीप से दूर रखना है। मालदीव पर चीन अपना दावा करता रहा है। युद्धपोत की तैनाती का असर आस्ट्रेलिया के ऊपर पड़ने की भी संभावना है। नौसेना की तैनाती में हालांकि नया कुछ भी नहीं है। सदियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्चस्व कायम करने के लिए नौसेना का इस्तेमाल किया जाता रहा है।हिंद महासागर में स्थित मालदीव में मौजूदा संकट भारत और चीन के बीच टकराव का नया बिंदु बनता जा रहा है। मालदीव फिलहाल संवैधानिक संकट का सामना कर रहा है। चीन पूरे आत्मविश्वास के साथ क्षेत्र के मामले में अपनी मौजूदगी का एहसास कराना चाहता है। एक आधुनिक विध्वंसक, एक फ्रिगेट, एक हमलावर जहाज और एक सहायक टैंकर के साथ चीनी नौसैनिक बल ने पिछले हफ्ते हिंद महासागर में प्रवेश किया। अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञाें का मानना है कि चीनी नौसेना की तैनाती भारत को हस्तक्षेप करने से रोकने के लिए की गयी है। इस छोटे से द्वीप के लिए चीन के पास बड़ी योजनाएं हैं और वह स्थानीय लोगों को इसमें नहीं शामिल करना चाहता है।


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