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मामले में समझौता कराने के लिए रची थी साजिश

2017/12/29



पुलिस ने किया पटाक्षेप भोपाल, सेवानिवृत्त सीएसपी के बेटे को मामले में फंसाने के लिए बदमाशों ने प्लानिंग कर घटना घटित की थी. योजनाबद्ध तरीके से ब्लेड मार ली और मोटरसाइकिल में भी तोडफ़ोड़ कर ली. पुलिस को शक होने पर पूछताछ की गई तो आरोपियों ने घटना को स्वयं अंजाम देना कबूल लिया. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं दो अन्य फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है. बताया जा रहा है कि न्यायालय में चल रहे एक मामले में राजीनामा को लेकर आरोपी दबाव बना रहे थे, लेकिन जब बात नहीं बनी तो मामला दर्ज कराने के लिए साजिश रची. अशोका गार्डन पुलिस मामले की जांच में जुटी है. पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा ने बताया कि 26 दिसंबर को तरूण दुबे उर्फ बंटी ने बताया था कि उसके ऊपर अमितेश राय व उसके दो साथियों ने तलवार से हमला किया है, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल की तो पुलिस को शक हुआ, इसके बाद पुलिस ने घटना के साक्षी प्रदीप चौहान और रणजीत सिंह से सख्ती से पूछताछ की तो ये टूट गए और बताया कि दीपक ठाकुर का वर्ष 2016 में अमितेष राय उर्फ गांधी से झगड़ा हो गया था, जिसका मामला न्यायालय में चल रहा है. उक्त मामले में राजीनामा करने के लिए अमितेष राय से कई बार बातचीत की गई, लेकिन वह नहीं मान रहा था. इसको लेकर उसे झूठे मामले में फंसाने के लिए तरूण दुबे ने अपने आप को ब्लेड मार ली और घटना स्थल सौभाग्य नगर बताया. इतना ही नहीं आरोपियों ने पुलिस को विश्वास हो जाए इसलिए स्वयं की मोटरसाइकिल में तोडफ़ोड़ भी कर डाली. जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों के विरूद्व मामला दर्ज कर लिया है. बताया जा रहा है कि दीपक चाौहान अशोका गार्डन थाने का शातिर बदमाश है और वह फायनेंस कंपनी चलाता है, जिसमें प्रदीप चौहान व तरूण दुबे कलेक्शन का काम करते हैं. पुलिस का कहना है कि शातिर बदमाश दीपक ठाकुर व मोनू सैन की तलाश की जा रही है.


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