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वन विहार से बोट क्लब तक मैराथन भोपाल, मानवाधिकार दिवस पर रविवार को राजधानी भोपाल में मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया. इसमें सौ से अधिक लोगों ने वन विहार से बोट क्लब तक दौड़ लगाई. इस दौड़ में भाग लेने आए युवाओं ने मानव अधिकारों की जागरूकता के लिए कई गतिविधियों का आयोजन किया गया. मैराथन में आए युवाओं का कहना था कि एक साथ दौड़ते से उन्हें आपसी भाईचारा, सजगता, एकता और मिल-बांटकर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है. इस दौड़ में दुनिया भर में मानव अधिकारों का प्रचार प्रसार कर रही कनाडा से आईं बॉनी मॉक भी शामिल हुईं. इससे पहले यूथ फॉर ह्यूमन राइट्स ने कई स्कूलों में ह्यूमन राइट्स पर पोस्टर प्रतियोगिताएं कराई थीं."/> वन विहार से बोट क्लब तक मैराथन भोपाल, मानवाधिकार दिवस पर रविवार को राजधानी भोपाल में मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया. इसमें सौ से अधिक लोगों ने वन विहार से बोट क्लब तक दौड़ लगाई. इस दौड़ में भाग लेने आए युवाओं ने मानव अधिकारों की जागरूकता के लिए कई गतिविधियों का आयोजन किया गया. मैराथन में आए युवाओं का कहना था कि एक साथ दौड़ते से उन्हें आपसी भाईचारा, सजगता, एकता और मिल-बांटकर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है. इस दौड़ में दुनिया भर में मानव अधिकारों का प्रचार प्रसार कर रही कनाडा से आईं बॉनी मॉक भी शामिल हुईं. इससे पहले यूथ फॉर ह्यूमन राइट्स ने कई स्कूलों में ह्यूमन राइट्स पर पोस्टर प्रतियोगिताएं कराई थीं."/> वन विहार से बोट क्लब तक मैराथन भोपाल, मानवाधिकार दिवस पर रविवार को राजधानी भोपाल में मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया. इसमें सौ से अधिक लोगों ने वन विहार से बोट क्लब तक दौड़ लगाई. इस दौड़ में भाग लेने आए युवाओं ने मानव अधिकारों की जागरूकता के लिए कई गतिविधियों का आयोजन किया गया. मैराथन में आए युवाओं का कहना था कि एक साथ दौड़ते से उन्हें आपसी भाईचारा, सजगता, एकता और मिल-बांटकर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है. इस दौड़ में दुनिया भर में मानव अधिकारों का प्रचार प्रसार कर रही कनाडा से आईं बॉनी मॉक भी शामिल हुईं. इससे पहले यूथ फॉर ह्यूमन राइट्स ने कई स्कूलों में ह्यूमन राइट्स पर पोस्टर प्रतियोगिताएं कराई थीं.">

मानवाधिकार के लिए दौड़ी राजधानी

2017/12/11



वन विहार से बोट क्लब तक मैराथन भोपाल, मानवाधिकार दिवस पर रविवार को राजधानी भोपाल में मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया. इसमें सौ से अधिक लोगों ने वन विहार से बोट क्लब तक दौड़ लगाई. इस दौड़ में भाग लेने आए युवाओं ने मानव अधिकारों की जागरूकता के लिए कई गतिविधियों का आयोजन किया गया. मैराथन में आए युवाओं का कहना था कि एक साथ दौड़ते से उन्हें आपसी भाईचारा, सजगता, एकता और मिल-बांटकर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है. इस दौड़ में दुनिया भर में मानव अधिकारों का प्रचार प्रसार कर रही कनाडा से आईं बॉनी मॉक भी शामिल हुईं. इससे पहले यूथ फॉर ह्यूमन राइट्स ने कई स्कूलों में ह्यूमन राइट्स पर पोस्टर प्रतियोगिताएं कराई थीं.


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