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सभी राजनीतिक दल गंभीरता से सोचें, मानसिकता बदलें: नायडू भोपाल, उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज संसद में महिला आरक्षण विधेयक के पारित नहीं होने पर ङ्क्षचता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों को इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए. नायडू ने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान पर महिला स्व सहायता समूहों के राज्य स्तरीय सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह ङ्क्षचता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि कोई दल इसका विरोध नहीं कर रहा, लेकिन विधेयक आगे नहीं बढ़ रहा. इस विधेयक का व्यक्तिगत रूप से समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि संसद में इसको पारित करने के प्रयास हो रहे हैं. सभी दलों को आम सहमति से इस पर निर्णय लेना चाहिए. नगरीय निकायों में महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए नायडू ने कहा कि यह जरूरी है. कई लोग कहते थे कि महिला आरक्षण के कारण पत्नी की जगह पति बैठ गए हैं. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि इसमें परिवर्तन आएगा और पति की गति भी हम देखेंगे. कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान, प्रदेश के मंत्री गोपाल भार्गव, अर्चना चिटनीस, रामपाल ङ्क्षसह भी मंच पर मौजूद थे. नायडू ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए लोगों में मानसिक परिवर्तन होना चाहिए. इसके लिए सरकार और समाज को आगे आना चाहिए. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण से ही देश का विकास होगा. इसी से नव भारत का निर्माण होगा. जहां नारी का आदर होता है, वहां देवता भी खुश होते हैं. उप राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश का नाम भारत माता है, भारत पिता नहीं. देवताओं के संबंध में देखें तो शिक्षा मंत्री सरस्वती देवी, रक्षा मंत्री दुर्गा देवी और वित्त मंत्री लक्ष्मी जी थीं. नदियां भी महिलाओं के नाम पर हैं. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी लोग परिवार की संपत्ति में आधा हिस्सा लड़की को देने की दिशा में आगे बढ़ें. नारी को अबला नहीं सबला बताते हुए वर्तमान के संबंध में उन्होंने कहा कि हमारी लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हैं. स्वयं को राजनीति से दूर संवैधानिक पद पर होने का हवाला देते हुए नायडू ने राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करें. इससे देश का भला होगा. देश भ्रष्टाचार, काला धन से मुक्त होगा."/> सभी राजनीतिक दल गंभीरता से सोचें, मानसिकता बदलें: नायडू भोपाल, उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज संसद में महिला आरक्षण विधेयक के पारित नहीं होने पर ङ्क्षचता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों को इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए. नायडू ने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान पर महिला स्व सहायता समूहों के राज्य स्तरीय सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह ङ्क्षचता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि कोई दल इसका विरोध नहीं कर रहा, लेकिन विधेयक आगे नहीं बढ़ रहा. इस विधेयक का व्यक्तिगत रूप से समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि संसद में इसको पारित करने के प्रयास हो रहे हैं. सभी दलों को आम सहमति से इस पर निर्णय लेना चाहिए. नगरीय निकायों में महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए नायडू ने कहा कि यह जरूरी है. कई लोग कहते थे कि महिला आरक्षण के कारण पत्नी की जगह पति बैठ गए हैं. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि इसमें परिवर्तन आएगा और पति की गति भी हम देखेंगे. कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान, प्रदेश के मंत्री गोपाल भार्गव, अर्चना चिटनीस, रामपाल ङ्क्षसह भी मंच पर मौजूद थे. नायडू ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए लोगों में मानसिक परिवर्तन होना चाहिए. इसके लिए सरकार और समाज को आगे आना चाहिए. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण से ही देश का विकास होगा. इसी से नव भारत का निर्माण होगा. जहां नारी का आदर होता है, वहां देवता भी खुश होते हैं. उप राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश का नाम भारत माता है, भारत पिता नहीं. देवताओं के संबंध में देखें तो शिक्षा मंत्री सरस्वती देवी, रक्षा मंत्री दुर्गा देवी और वित्त मंत्री लक्ष्मी जी थीं. नदियां भी महिलाओं के नाम पर हैं. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी लोग परिवार की संपत्ति में आधा हिस्सा लड़की को देने की दिशा में आगे बढ़ें. नारी को अबला नहीं सबला बताते हुए वर्तमान के संबंध में उन्होंने कहा कि हमारी लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हैं. स्वयं को राजनीति से दूर संवैधानिक पद पर होने का हवाला देते हुए नायडू ने राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करें. इससे देश का भला होगा. देश भ्रष्टाचार, काला धन से मुक्त होगा."/> सभी राजनीतिक दल गंभीरता से सोचें, मानसिकता बदलें: नायडू भोपाल, उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज संसद में महिला आरक्षण विधेयक के पारित नहीं होने पर ङ्क्षचता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों को इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए. नायडू ने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान पर महिला स्व सहायता समूहों के राज्य स्तरीय सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह ङ्क्षचता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि कोई दल इसका विरोध नहीं कर रहा, लेकिन विधेयक आगे नहीं बढ़ रहा. इस विधेयक का व्यक्तिगत रूप से समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि संसद में इसको पारित करने के प्रयास हो रहे हैं. सभी दलों को आम सहमति से इस पर निर्णय लेना चाहिए. नगरीय निकायों में महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए नायडू ने कहा कि यह जरूरी है. कई लोग कहते थे कि महिला आरक्षण के कारण पत्नी की जगह पति बैठ गए हैं. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि इसमें परिवर्तन आएगा और पति की गति भी हम देखेंगे. कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान, प्रदेश के मंत्री गोपाल भार्गव, अर्चना चिटनीस, रामपाल ङ्क्षसह भी मंच पर मौजूद थे. नायडू ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए लोगों में मानसिक परिवर्तन होना चाहिए. इसके लिए सरकार और समाज को आगे आना चाहिए. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण से ही देश का विकास होगा. इसी से नव भारत का निर्माण होगा. जहां नारी का आदर होता है, वहां देवता भी खुश होते हैं. उप राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश का नाम भारत माता है, भारत पिता नहीं. देवताओं के संबंध में देखें तो शिक्षा मंत्री सरस्वती देवी, रक्षा मंत्री दुर्गा देवी और वित्त मंत्री लक्ष्मी जी थीं. नदियां भी महिलाओं के नाम पर हैं. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी लोग परिवार की संपत्ति में आधा हिस्सा लड़की को देने की दिशा में आगे बढ़ें. नारी को अबला नहीं सबला बताते हुए वर्तमान के संबंध में उन्होंने कहा कि हमारी लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हैं. स्वयं को राजनीति से दूर संवैधानिक पद पर होने का हवाला देते हुए नायडू ने राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करें. इससे देश का भला होगा. देश भ्रष्टाचार, काला धन से मुक्त होगा.">

महिला आरक्षण बिल जल्द पास हो

2017/12/18



सभी राजनीतिक दल गंभीरता से सोचें, मानसिकता बदलें: नायडू भोपाल, उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज संसद में महिला आरक्षण विधेयक के पारित नहीं होने पर ङ्क्षचता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों को इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए. नायडू ने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान पर महिला स्व सहायता समूहों के राज्य स्तरीय सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह ङ्क्षचता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि कोई दल इसका विरोध नहीं कर रहा, लेकिन विधेयक आगे नहीं बढ़ रहा. इस विधेयक का व्यक्तिगत रूप से समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि संसद में इसको पारित करने के प्रयास हो रहे हैं. सभी दलों को आम सहमति से इस पर निर्णय लेना चाहिए. नगरीय निकायों में महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए नायडू ने कहा कि यह जरूरी है. कई लोग कहते थे कि महिला आरक्षण के कारण पत्नी की जगह पति बैठ गए हैं. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि इसमें परिवर्तन आएगा और पति की गति भी हम देखेंगे. कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान, प्रदेश के मंत्री गोपाल भार्गव, अर्चना चिटनीस, रामपाल ङ्क्षसह भी मंच पर मौजूद थे. नायडू ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए लोगों में मानसिक परिवर्तन होना चाहिए. इसके लिए सरकार और समाज को आगे आना चाहिए. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण से ही देश का विकास होगा. इसी से नव भारत का निर्माण होगा. जहां नारी का आदर होता है, वहां देवता भी खुश होते हैं. उप राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश का नाम भारत माता है, भारत पिता नहीं. देवताओं के संबंध में देखें तो शिक्षा मंत्री सरस्वती देवी, रक्षा मंत्री दुर्गा देवी और वित्त मंत्री लक्ष्मी जी थीं. नदियां भी महिलाओं के नाम पर हैं. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी लोग परिवार की संपत्ति में आधा हिस्सा लड़की को देने की दिशा में आगे बढ़ें. नारी को अबला नहीं सबला बताते हुए वर्तमान के संबंध में उन्होंने कहा कि हमारी लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हैं. स्वयं को राजनीति से दूर संवैधानिक पद पर होने का हवाला देते हुए नायडू ने राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करें. इससे देश का भला होगा. देश भ्रष्टाचार, काला धन से मुक्त होगा.


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