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नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने आज स्पष्ट किया कि सभी समाचार पत्रों एवं संवाद समितियों को मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों का पूर्ण रूप से पालन करना होगा। न्यायालय ने कहा कि कोई भी समाचार संगठन अपनी खराब आर्थिक स्थितियों को आधार बनाकर वेतन बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने से मना नहीं कर सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों पर कोई समझौता नहीं हो सकता है। हालांकि न्यायालय ने अभी तक वेतन बोर्ड की सिफारिशों का पूर्ण पालन नहीं करने वाले समाचार संगठनों के विरुद्ध अदालत की अवमानना का मामला शुरू करने से इन्कार कर दिया।"/> नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने आज स्पष्ट किया कि सभी समाचार पत्रों एवं संवाद समितियों को मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों का पूर्ण रूप से पालन करना होगा। न्यायालय ने कहा कि कोई भी समाचार संगठन अपनी खराब आर्थिक स्थितियों को आधार बनाकर वेतन बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने से मना नहीं कर सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों पर कोई समझौता नहीं हो सकता है। हालांकि न्यायालय ने अभी तक वेतन बोर्ड की सिफारिशों का पूर्ण पालन नहीं करने वाले समाचार संगठनों के विरुद्ध अदालत की अवमानना का मामला शुरू करने से इन्कार कर दिया।"/> नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने आज स्पष्ट किया कि सभी समाचार पत्रों एवं संवाद समितियों को मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों का पूर्ण रूप से पालन करना होगा। न्यायालय ने कहा कि कोई भी समाचार संगठन अपनी खराब आर्थिक स्थितियों को आधार बनाकर वेतन बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने से मना नहीं कर सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों पर कोई समझौता नहीं हो सकता है। हालांकि न्यायालय ने अभी तक वेतन बोर्ड की सिफारिशों का पूर्ण पालन नहीं करने वाले समाचार संगठनों के विरुद्ध अदालत की अवमानना का मामला शुरू करने से इन्कार कर दिया।">

मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों का करना होगा पालन : उच्चतम न्यायालय

2017/06/19



नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने आज स्पष्ट किया कि सभी समाचार पत्रों एवं संवाद समितियों को मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों का पूर्ण रूप से पालन करना होगा। न्यायालय ने कहा कि कोई भी समाचार संगठन अपनी खराब आर्थिक स्थितियों को आधार बनाकर वेतन बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने से मना नहीं कर सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों पर कोई समझौता नहीं हो सकता है। हालांकि न्यायालय ने अभी तक वेतन बोर्ड की सिफारिशों का पूर्ण पालन नहीं करने वाले समाचार संगठनों के विरुद्ध अदालत की अवमानना का मामला शुरू करने से इन्कार कर दिया।


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